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गोरखपुर में कुल्हाड़ी से महिला की हत्या: सिरफिरे ने कहा- अब सुधरने का प्रवचन कोई नहीं देगा, इसीलिए मार दिया
Sun, 04 May 2025 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 May 2025 01:01 AM IST
सार
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग से सेवानिवृत कर्मचारी योगेंद्र सिंह की पत्नी कैलाशी देवी 2010 में अपने गांव से क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) चुनी गई थीं। गांव में सभी लोग उनका बहुत सम्मान करते थे। कैलाशी देवी नशे के आदी लखन सिंह उर्फ गोलू को हमेशा सुधारने के लिए प्रयास करती रहती थीं।
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बुजुर्ग महिला की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बुजुर्ग महिला कैलाशी देवी हमेशा सुधरने के लिए बड़ा-बड़ा प्रवचन देती थी। हर जगह बुराई करती थी। इसलिए कुल्हाड़ी से हमला कर हमेशा के लिए शांत कर दिया। बेलीपार थाना क्षेत्र के ककराखोर गांव में बुजुर्ग महिला की हत्या के आरोपी लखन सिंह उर्फ गोलू ने शनिवार को पुलिस को कुछ इस तरह का कारण बताया। जिसे सुनकर पुलिसकर्मी भी हैरान हो गए।
बेलीपार पुलिस ने बताया कि आरोपी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस की निगरानी में ही उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टर के डिस्चार्ज करते ही उसे कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया जाएगा। ककराखोर गांव में एहतियात के लिए पुलिस की डयूटी लगाई गई है।
शुक्रवार शाम गांव के सिरफिरे लखन सिंह उर्फ गोलू ने कैलाशी देवी (65) की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद ग्रामीणों ने पकड़कर पहले उसकी पिटाई की थी। इसके बाद पोल में बांधकर पुलिस को बुलाकर उसे सौंप दिया था। कैलाशी देवी के बेटे विनोद सिंह उर्फ गुड्डू ने तहरीर देकर आरोपी पर हत्या का केस दर्ज कराया है।
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शव पहुंचा तो मची चीख पुकार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शनिवार दोपहर में पुलिस की मौजूदगी में महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। अपराह्न तीन बजे के बाद शव गांव पहुंचा तो वहां चीख पुकार मच गई। घर पर कुछ ही देर शव रखने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजघाट रवाना हो गए।
राजघाट के राप्ती तट पर बेटे विनोद ने दाह संस्कार किया। वहीं कैलाशी देवी के पति योगेंद्र सिंह रो-रोकर बोल रहे थे कि पत्नी का क्या कसूर था, उसे क्यों मार दिया। इतने साल से हम दोनों साथ थे। अचानक इस तरह अलग होंगे कभी नहीं सोचा था।
बीडीसी भी चुनी गई थीं कैलाशी देवी
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग से सेवानिवृत कर्मचारी योगेंद्र सिंह की पत्नी कैलाशी देवी 2010 में अपने गांव से क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) चुनी गई थीं। गांव में सभी लोग उनका बहुत सम्मान करते थे। कैलाशी देवी नशे के आदी लखन सिंह उर्फ गोलू को हमेशा सुधारने के लिए प्रयास करती रहती थीं।
ग्रामीणों ने बताया कि कैलाशी देवी ने कभी नहीं सोचा होगा कि जिसे वह सुधारकर अच्छा व्यक्ति बना चाहती हैं, वह उनकी जान ले लेगा। गांव में इस बात की खूब चर्चा हो रही है।
ग्रामीण नहीं आते तो पिता की भी जान ले लेता आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लखन सिंह के पिता रामआधार सिंह परिवहन निगम के आरएम ऑफिस में बाबू थे। करीब दस साल पहले वह सेवानिवृत हुए थे। इसके बाद से ही वह घर पर हैं। बेटे की हरकतों से वह भी परेशान रहते थे।
बताया जा रहा है कि बीते दिनों आरोपी से डरकर माता-पिता ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था। तब डायल 112 पुलिस ने आकर लखन को शांत कराया था। शुक्रवार को भी कैलाशी देवी को मारने के बाद आरोपी लखन सिंह घर पर गया और पिता पर भी हमला कर दिया था। तब ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पीटा था। समय पर ग्रामीण बचाने नहीं आते तो वह पिता की भी जान ले लेता।
आरोपी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहां पुलिस तैनात है। डॉक्टर के डिस्चार्ज करते ही उसे कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया जाएगा: जितेंद्र कुमार, एसपी साउथ
पहले भी सिरफिरे दे चुके हैं बड़ी घटना को अंजाम
पिपराइच इलाके में मां की हत्या की थी हत्या
वर्ष 2024 के दिसंबर माह में पिपराइच थाना क्षेत्र के सुशांत सिटी में वैज्ञानिक की पत्नी की हत्या की गई थी। जांच में पता चला कि वैज्ञानिक के इकलौते सिरफिरे बेटे ने ही मां को धकेल दिया था। सिर में चोट लगने की वजह से मौत हो गई थी। पिपराइच पुलिस ने पकड़कर उसे बाल सुधार गृह भिजवाया था। उसे घटना का पछतावा है। इसलिए अपना मुंह छिपाता रहता है।
महिलाओं पर हमले करता था सिरफिरा
झंगहा के राजधानी गांव का अजय निषाद (20) पांच महिलाओं के हमले और मर्डर में जिला जेल के 12 नंबर बैरक में बंद है। इतनी घटनाओं को अंजाम देने के बाद भी उसको जरा भी पछतावा नहीं है। काले कपड़े पहनकर ही वह घटनाओं को अंजाम देता था। आरोप है कि झंगहा के आस-पास गांव में रात के समय निकलकर अलग-अलग दिनों में पांच महिलाओं पर हमला कर दहशत फैलाई थी। एक महिला की मौत भी हो गई थी। लगातार महिलाओं पर हुए हमले के बाद पुलिस ढेर सारे नंबरों का सीडीआर और सीसीटीवी कैमरा खंगालने पर 17 नवंबर 2024 को अजय निषाद को गिरफ्तार कर पुलिस ने पांच घटनाओं का पर्दाफाश किया था।
बच्चे की सिर कूचकर की थी हत्या
बांसगांव के भैंसारानी गांव के रंजीत पर डेढ़ साल के बच्चे का सिर कूचकर हत्या करने का आरोप है। वह जेल के 12 नंबर बैरक में रखा गया है। सितंबर 2024 में घटना को अंजाम दिया था। जेल में वह शांत रहता है। कुछ बंदियों को पढ़ाता है और डायरी में कुछ लिखता रहता है। वह किसी से भी बातचीत नहीं करता है।
दादा-दादी समेत तीन को रावण समझकर की थी हत्या
मार्च 2025 में झंगहा के मोतीराम अड्डा कोईरान टोला में एक ही दिन तीन हत्याएं हुई थीं। आरोपी रामदयाल ने अपने दादा-दादी और दादा के भाई की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या की थी। इसके बाद शव के पास ही थोड़ी देर बैठा रहा। घटना के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी रामदयाल ने बताया था कि तीनों में मुझे रावण नजर आता था, इसलिए वध कर दिया। वर्तमान में वह जेल में भी अजीब हरकतें करता है।
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बेलीपार पुलिस ने बताया कि आरोपी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस की निगरानी में ही उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टर के डिस्चार्ज करते ही उसे कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया जाएगा। ककराखोर गांव में एहतियात के लिए पुलिस की डयूटी लगाई गई है।
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शुक्रवार शाम गांव के सिरफिरे लखन सिंह उर्फ गोलू ने कैलाशी देवी (65) की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद ग्रामीणों ने पकड़कर पहले उसकी पिटाई की थी। इसके बाद पोल में बांधकर पुलिस को बुलाकर उसे सौंप दिया था। कैलाशी देवी के बेटे विनोद सिंह उर्फ गुड्डू ने तहरीर देकर आरोपी पर हत्या का केस दर्ज कराया है।
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शव पहुंचा तो मची चीख पुकार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शनिवार दोपहर में पुलिस की मौजूदगी में महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। अपराह्न तीन बजे के बाद शव गांव पहुंचा तो वहां चीख पुकार मच गई। घर पर कुछ ही देर शव रखने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजघाट रवाना हो गए।
राजघाट के राप्ती तट पर बेटे विनोद ने दाह संस्कार किया। वहीं कैलाशी देवी के पति योगेंद्र सिंह रो-रोकर बोल रहे थे कि पत्नी का क्या कसूर था, उसे क्यों मार दिया। इतने साल से हम दोनों साथ थे। अचानक इस तरह अलग होंगे कभी नहीं सोचा था।
बीडीसी भी चुनी गई थीं कैलाशी देवी
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग से सेवानिवृत कर्मचारी योगेंद्र सिंह की पत्नी कैलाशी देवी 2010 में अपने गांव से क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) चुनी गई थीं। गांव में सभी लोग उनका बहुत सम्मान करते थे। कैलाशी देवी नशे के आदी लखन सिंह उर्फ गोलू को हमेशा सुधारने के लिए प्रयास करती रहती थीं।
ग्रामीणों ने बताया कि कैलाशी देवी ने कभी नहीं सोचा होगा कि जिसे वह सुधारकर अच्छा व्यक्ति बना चाहती हैं, वह उनकी जान ले लेगा। गांव में इस बात की खूब चर्चा हो रही है।
ग्रामीण नहीं आते तो पिता की भी जान ले लेता आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लखन सिंह के पिता रामआधार सिंह परिवहन निगम के आरएम ऑफिस में बाबू थे। करीब दस साल पहले वह सेवानिवृत हुए थे। इसके बाद से ही वह घर पर हैं। बेटे की हरकतों से वह भी परेशान रहते थे।
बताया जा रहा है कि बीते दिनों आरोपी से डरकर माता-पिता ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था। तब डायल 112 पुलिस ने आकर लखन को शांत कराया था। शुक्रवार को भी कैलाशी देवी को मारने के बाद आरोपी लखन सिंह घर पर गया और पिता पर भी हमला कर दिया था। तब ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पीटा था। समय पर ग्रामीण बचाने नहीं आते तो वह पिता की भी जान ले लेता।
आरोपी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहां पुलिस तैनात है। डॉक्टर के डिस्चार्ज करते ही उसे कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया जाएगा: जितेंद्र कुमार, एसपी साउथ
पहले भी सिरफिरे दे चुके हैं बड़ी घटना को अंजाम
पिपराइच इलाके में मां की हत्या की थी हत्या
वर्ष 2024 के दिसंबर माह में पिपराइच थाना क्षेत्र के सुशांत सिटी में वैज्ञानिक की पत्नी की हत्या की गई थी। जांच में पता चला कि वैज्ञानिक के इकलौते सिरफिरे बेटे ने ही मां को धकेल दिया था। सिर में चोट लगने की वजह से मौत हो गई थी। पिपराइच पुलिस ने पकड़कर उसे बाल सुधार गृह भिजवाया था। उसे घटना का पछतावा है। इसलिए अपना मुंह छिपाता रहता है।
महिलाओं पर हमले करता था सिरफिरा
झंगहा के राजधानी गांव का अजय निषाद (20) पांच महिलाओं के हमले और मर्डर में जिला जेल के 12 नंबर बैरक में बंद है। इतनी घटनाओं को अंजाम देने के बाद भी उसको जरा भी पछतावा नहीं है। काले कपड़े पहनकर ही वह घटनाओं को अंजाम देता था। आरोप है कि झंगहा के आस-पास गांव में रात के समय निकलकर अलग-अलग दिनों में पांच महिलाओं पर हमला कर दहशत फैलाई थी। एक महिला की मौत भी हो गई थी। लगातार महिलाओं पर हुए हमले के बाद पुलिस ढेर सारे नंबरों का सीडीआर और सीसीटीवी कैमरा खंगालने पर 17 नवंबर 2024 को अजय निषाद को गिरफ्तार कर पुलिस ने पांच घटनाओं का पर्दाफाश किया था।
बच्चे की सिर कूचकर की थी हत्या
बांसगांव के भैंसारानी गांव के रंजीत पर डेढ़ साल के बच्चे का सिर कूचकर हत्या करने का आरोप है। वह जेल के 12 नंबर बैरक में रखा गया है। सितंबर 2024 में घटना को अंजाम दिया था। जेल में वह शांत रहता है। कुछ बंदियों को पढ़ाता है और डायरी में कुछ लिखता रहता है। वह किसी से भी बातचीत नहीं करता है।
दादा-दादी समेत तीन को रावण समझकर की थी हत्या
मार्च 2025 में झंगहा के मोतीराम अड्डा कोईरान टोला में एक ही दिन तीन हत्याएं हुई थीं। आरोपी रामदयाल ने अपने दादा-दादी और दादा के भाई की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या की थी। इसके बाद शव के पास ही थोड़ी देर बैठा रहा। घटना के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी रामदयाल ने बताया था कि तीनों में मुझे रावण नजर आता था, इसलिए वध कर दिया। वर्तमान में वह जेल में भी अजीब हरकतें करता है।