{"_id":"676b5ac0d73e4f348c067e37","slug":"gorakhpur-news-the-car-of-animal-smugglers-moves-ahead-on-the-signal-of-the-bike-rider-liner-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-788454-2024-12-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: बाइक सवार लाइनर के संकेत पर आगे बढ़ती है पशु तस्करों की गाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: बाइक सवार लाइनर के संकेत पर आगे बढ़ती है पशु तस्करों की गाड़ी
विज्ञापन
गोरखपुर। बेधड़क सड़कों पर पिकअप दौड़ाने वाले पशु तस्करों की गति जिले की सीमा तक आते-आते धीमी हो जाती है। यहां उन्हें बाइक सवार लाइनर मिलते हैं, जिसके संकेत पर ही वह आगे बढ़ते हैं। पिकअप से पांच सौ मीटर आगे चल रहा लाइनर मोबाइल से लगातार तस्करों से बातें करता रहता है। वह सिग्नल देते जाता है और तस्कर आगे बढ़ते जाते हैं।
इसके अलावा शहर में कहां पुलिस है, कहां गोवंश मिलेंगे इसकी खबर भी लाइनर देते हैं। इनकी सूचना पर बड़े आराम से तस्कर घटना को अंजाम देकर निकल जाते रहे हैं। सोमवार को पुलिस और क्राइम ब्रांच ने रामपुर के सैफ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि पशु तस्करी सैफ लाइनर की भूमिका में था। तस्करी से जुड़ी कई और अहम जानकारी उसने दी।
00000
सौ-सौ की नोट लेकर चलते हैं तस्कर
सूत्रों की मानें तो तस्कर जेब में सौ-सौ की नोट लेकर चलते हैं। बिहार तक रास्ता तय करने में कहीं भी गाड़ी रुकती है तो सौ का नोट पकड़ाकर बिना चेकिंग आगे बढ़ जाते हैं। सोमवार को गोलघर काली मंदिर के पास पकड़े गए पिकअप चालक गंगेश के पास से पुलिस को सौ-सौ के 29 नोट मिले हैं।
विज्ञापन
000000
बिहार में ले रहे प्रशिक्षण
सूत्रों की मानें तो पशु तस्करी के धंधे से जुड़े कैरियर को गोवंश पकड़ने का प्रशिक्षण बिहार के बेतिया में दिया जा रहा है। इसके अलावा भी अन्य जगहें हैं, जहां प्रशिक्षण दिया जाता है। यही वजह है कि कहीं भी गोवंश को काबू में कर उन्हें पिकअप में दो ही तस्कर मिलकर आसानी से चढ़ा देते हैं। इसके अलावा गाड़ी चलाने और कब भागना है, इसके बारे में भी तस्करी से जुड़े कैरियर को बताया जाता है। यही वजह है कि अधिकतर घटनाओं में पुलिस को चकमा देकर बड़ी आसानी से पशु तस्कर फरार हो जाते हैं।
00000
पुलिस ने बनवाया कांटेदार पट्टा
शातिर तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस भी नए-नए इंतजाम कर रही है। मोबिल भरे गुब्बार के इस्तेमाल के बाद अब पुलिस गाड़ियों को रोकने के लिए कीलवाला कांटेदार पट्टा बनवाया है। बैरिकेडिंग के थोड़ा आगे एक टीम सड़क के दोनों तरफ रस्सीनुमा पट्टा पकड़कर बैठी रहती है। जैसे ही कोई गाड़ी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ती है, यह टीम रस्सी खींच देगी। इससे पट्टे पर लगा कील पिकअप के टायर को फाड़ देगा और गाड़ी रुक जाएगी।
विज्ञापन
इसके अलावा शहर में कहां पुलिस है, कहां गोवंश मिलेंगे इसकी खबर भी लाइनर देते हैं। इनकी सूचना पर बड़े आराम से तस्कर घटना को अंजाम देकर निकल जाते रहे हैं। सोमवार को पुलिस और क्राइम ब्रांच ने रामपुर के सैफ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि पशु तस्करी सैफ लाइनर की भूमिका में था। तस्करी से जुड़ी कई और अहम जानकारी उसने दी।
विज्ञापन
00000
सौ-सौ की नोट लेकर चलते हैं तस्कर
सूत्रों की मानें तो तस्कर जेब में सौ-सौ की नोट लेकर चलते हैं। बिहार तक रास्ता तय करने में कहीं भी गाड़ी रुकती है तो सौ का नोट पकड़ाकर बिना चेकिंग आगे बढ़ जाते हैं। सोमवार को गोलघर काली मंदिर के पास पकड़े गए पिकअप चालक गंगेश के पास से पुलिस को सौ-सौ के 29 नोट मिले हैं।
विज्ञापन
000000
बिहार में ले रहे प्रशिक्षण
सूत्रों की मानें तो पशु तस्करी के धंधे से जुड़े कैरियर को गोवंश पकड़ने का प्रशिक्षण बिहार के बेतिया में दिया जा रहा है। इसके अलावा भी अन्य जगहें हैं, जहां प्रशिक्षण दिया जाता है। यही वजह है कि कहीं भी गोवंश को काबू में कर उन्हें पिकअप में दो ही तस्कर मिलकर आसानी से चढ़ा देते हैं। इसके अलावा गाड़ी चलाने और कब भागना है, इसके बारे में भी तस्करी से जुड़े कैरियर को बताया जाता है। यही वजह है कि अधिकतर घटनाओं में पुलिस को चकमा देकर बड़ी आसानी से पशु तस्कर फरार हो जाते हैं।
00000
पुलिस ने बनवाया कांटेदार पट्टा
शातिर तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस भी नए-नए इंतजाम कर रही है। मोबिल भरे गुब्बार के इस्तेमाल के बाद अब पुलिस गाड़ियों को रोकने के लिए कीलवाला कांटेदार पट्टा बनवाया है। बैरिकेडिंग के थोड़ा आगे एक टीम सड़क के दोनों तरफ रस्सीनुमा पट्टा पकड़कर बैठी रहती है। जैसे ही कोई गाड़ी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ती है, यह टीम रस्सी खींच देगी। इससे पट्टे पर लगा कील पिकअप के टायर को फाड़ देगा और गाड़ी रुक जाएगी।

अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर खानपान स्टाल की जांच करते बम डिस्पोजल स्क्वैड