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Gorakhpur News: पारस्परिक तबादले के लिए शिक्षक सक्रिय, स्थानांतरण नीति से राहत की उम्मीद

Fri, 03 Jan 2025 01:14 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2025 01:14 AM IST
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Gorakhpur News: Teachers active for mutual transfer, hope for relief from transfer policy
गोरखपुर। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्थानांतरण नीति जारी होने के बाद शिक्षक अंतरजनपदीय पारस्परिक तबादले की योजना बनाना शुरू कर दिए हैं। शिक्षक अपना बॉयोडाटा तैयार कर रहे हैं। बॉयोडाटा में नाम, पदनाम, कार्यरत ब्लॉक, विद्यालय की लोकेशन, इच्छित ब्लॉक सहित अन्य जानकारियों को सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। साथ ही शिक्षिकाएं भी दोस्तों और पहचान के शिक्षकों के माध्यम से विवरण साझा कर जरूरतमंद साथी की तलाश कर रही हैं।
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शिक्षा परिषद द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों के अंतरजनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण की जानकारी को ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। विभिन्न ब्लॉक के एसडीआई या इच्छुक शिक्षक स्वयं अपने पदनाम, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, शिक्षण विषय आदि की जानकारी को दर्ज या संशोधित कर सकते हैं। इसके लिए अंतिम तिथि 10 जनवरी निर्धारित की गयी है। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के स्थानांतरण में विषयों की बाध्यता नहीं होगी, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के स्थानांतरण में शिक्षकों के समान पद और समान विषय होने पर ही ऑनलाइन आवेदन स्वीकृत किए जाएंगे। पारस्परिक स्थानांतरण के लिए ग्रामीण सेवा संवर्ग के शिक्षक ग्रामीण क्षेत्र में और नगर सेवा संवर्ग के शिक्षक का नगर क्षेत्र में ही स्थानांतरण होगा।
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ऐसे पूरी की जाएगी प्रक्रिया
स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए जनपद स्तर पर डायट प्राचार्य की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें डीआईओएस, बीएसए और वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक) शामिल होंगे। ऑनलाइन आवेदन के 15 दिन बाद तक शिक्षक बीएसए कार्यालय में उसका प्रिंट आउट जमा करेंगे। नई नीति के तहत पारस्परिक तबादले की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जिससे शिक्षकों को नजदीकी विद्यालयों में नियुक्ति मिल सके। 60 से 70 किलोमीटर दूर स्थित विद्यालयों में प्रतिदिन यात्रा करने वाली शिक्षिकाओं को इस नीति से विशेष रूप से राहत मिलने की उम्मीद है। नीति के अनुसार, शिक्षकों को सहमति के आधार पर आपसी स्थानांतरण का विकल्प मिलेगा, जिससे लंबे सफर की परेशानी कम हो सकेगी। शिक्षकों का कहना है कि यह कदम न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाएगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगा।
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सोशल मीडिया पर स्थानांतरण से संबंधित जानकारी साझा कर अपने लिए स्थानांतरण योग्य साथी की तलाश कर रहे है। स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राहत मिलेगी।
अजय प्रताप सिंह, शिक्षक महराजगंज
प्रतिदिन 60 से 70 किलोमीटर यात्रा करके विद्यालय जाने में सर्दियों में काफी दिक्कत होती है। शिक्षिकाओं को घर और नौकरी दोनों संतुलित रखना होता है, स्थानांतरण की खबरें सुनकर उम्मीद जगी है।

प्रियंका, कौड़ीराम

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मानव संपदा पोर्टल पर अंतरजनपदीय स्थानांतरण से संबंधित जानकारी को दर्ज और अपडेट करने की अंतिम तिथि 10 जनवरी तक है। इसके बाद शासन के निर्देशानुसार पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए
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