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Gorakhpur News: बाहर की चाय हो सकती है जहरीली...दुकानों पर खपाई जा रही नकली चायपत्ती

Wed, 30 Jul 2025 01:24 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jul 2025 01:24 AM IST
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Gorakhpur News: Tea from outside may be poisonous...fake tea leaves are being sold in shops
चाय की दुकानों पर है सबसे अधिक खपत, सस्ते में मिल जाती है
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छोटे दाने वाली चायपत्ती जल्द घुलती है, रंग आता है गाढ़ा
गोरखपुर। सड़क किनारे चाय की दुकानों पर नकली चायपत्ती की सबसे अधिक खपत है। थकान मिटाने के लिए लोग यहां चुस्की लेते हैं लेकिन यह उनके लिए जहरीली हो सकती है। चिकित्सकों के अनुसार रंग वाली चायपत्ती सेहत के लिए खतरनाक है।
घर में तो लोग असली चायपत्ती की चाय पीते हैं लेकिन दुकान पर किसको पता कि उसमें क्या पड़ा है। रंग और स्वाद के आधार पर कहते हैं कि ये चाय अच्छी है। दुकानों पर खराब चायपत्ती को भी खपा दिया जाता है। सस्ती और मिलावटी चायपत्ती का अड्डा गोरखपुर के अलावा पड़ोसी जिलों देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज में भी है। देवरिया के गौरी बाजार वाले अड्डे से कई जगहों पर सप्लाई की जाती है। इसके अलावा कुशीनगर और महराजगंज में भी इसका बड़ा सेंटर है।
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25 किलो के बोरे में खुली चायपत्ती भी बड़े पैमाने पर आती है। ब्रांडेड चायपत्ती जहां 350 से 450 रुपये किलो की है, वहीं खुली चायपत्ती 120 से 150 रुपये किलो में मिल जाती है। सस्ती होने के चलते इस चायपत्ती की दुकानों पर अधिक मांग रहती है। चाय के दुकानदारों के अलावा अन्य ग्राहक भी इसे सस्ती होने के नाते खरीदते हैं। चाय बेचने वाले दुकानदार अशोक ने बताया कि खुले में बिकने वाली चायपत्ती ज्यादा सही होती है। इससे रंग अच्छा आता है और स्वाद भी।
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बिट्टू का कहना था कि बड़ा दाना घुलने में अधिक समय लेता है और रंग भी अच्छा नहीं आता है। वहीं महीन दाने वाली खुली चायपत्ती का एक चम्मच पड़ते ही चाय का रंग आ जाता है। लोग इस चाय की तारीफ करते हैं। शाम छह बजे के करीब कड़क चाय के लिए चार ग्राहकों ने चाय का ऑर्डर दिया।
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नकली चायपत्ती से लिवर पर असर
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. बीके सुमन ने कहा कि चाय में कैफीन पाई जाती है, जो शरीर के लिए उत्प्रेरक का का काम करती है। इसकी अधिक मात्रा लिवर को प्रभावित करती है। इससे पाचन क्रिया पर असर बुरा असर पड़ता है। नकली चायपत्ती या रंग वाली चायपत्ती से लिवर को नुकसान पहुंच सकता है।

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वर्जन
नकली चायपत्ती के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। यहां बड़े पैमाने पर मिलावटी चायपत्ती का धंधा फैला है। सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आते ही केस दर्ज कराया जाएगा।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य
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