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Gorakhpur News: छात्रा की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर कमेंट, कोर्ट ने सुनाई दो साल की सजा
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गोरखपुर। बड़हलगंज क्षेत्र की एक बीएड की छात्रा के नाम पर फर्जी आईडी बनाकर कमेंट करना युवक को भारी पड़ गया। छात्रा की तहरीर पर बड़हलगंज थाने में केस दर्ज किया गया था। इसमें दस साल केस की सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी बड़हलगंज के हनुमानगढ़ी निवासी दुर्गा वर्मा उर्फ सुमित वर्मा पुत्र विश्वदेव प्रसाद को दो साल की सजा सुनाई है। साथ ही 60 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है। इसमें से आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी।
पुलिस के अनुसार, बड़हलगंज इलाके के एक युवक ने वर्ष 2014 में तत्कालीन एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसकी बहन बीएड की छात्रा है। उसके नाम पर किसी व्यक्ति ने फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई है। बहन का फोटो और मोबाइल नंबर भी डाल दिया है। फोन करके अश्लील बातें करता है। एसएसपी ने निर्देश देकर बड़हलगंज थाने में आरोपी पर आईटी एक्ट में केस दर्ज कराया। इस केस की विवेचना साइबर सेल ने की। साइबर सेल के विशेषज्ञ सिपाही शशिकांत जायसवाल और शशि शंकर राय ने साक्ष्य एकत्रित किए। जांच में आरोपी दुर्गा वर्मा उर्फ सुमित वर्मा का नाम प्रकाश में आया। साइबर सेल ने आरोपी के खिलाफ 419, 420 आईपीसी और 66 ग आईटी एक्ट की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
बयान से पलट गई पीड़िता और वादी
पुलिस के अनुसार, कोर्ट में ट्रायल के दौरान पीड़िता और वादी आरोपी बयान से पलट गए थे। तब कोर्ट ने साइबर सेल ने उपलब्ध कराए गए साक्ष्य को आधार बनाकर आरोपी को सजा सुनाई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट त्विषी श्रीवास्तव ने सजा सुनाते हुए कहा कि आरोपी को सजा सुनाने के लिए साक्ष्य काफी हैं, इस नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है। वर्तमान समय में हर कोई सोशल मीडिया पर सक्रिय है। आगे फिर कोई ऐसा कृत्य न करे, यह सजा हर किसी के लिए सबक होगी।
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पुलिस के अनुसार, बड़हलगंज इलाके के एक युवक ने वर्ष 2014 में तत्कालीन एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसकी बहन बीएड की छात्रा है। उसके नाम पर किसी व्यक्ति ने फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई है। बहन का फोटो और मोबाइल नंबर भी डाल दिया है। फोन करके अश्लील बातें करता है। एसएसपी ने निर्देश देकर बड़हलगंज थाने में आरोपी पर आईटी एक्ट में केस दर्ज कराया। इस केस की विवेचना साइबर सेल ने की। साइबर सेल के विशेषज्ञ सिपाही शशिकांत जायसवाल और शशि शंकर राय ने साक्ष्य एकत्रित किए। जांच में आरोपी दुर्गा वर्मा उर्फ सुमित वर्मा का नाम प्रकाश में आया। साइबर सेल ने आरोपी के खिलाफ 419, 420 आईपीसी और 66 ग आईटी एक्ट की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
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बयान से पलट गई पीड़िता और वादी
पुलिस के अनुसार, कोर्ट में ट्रायल के दौरान पीड़िता और वादी आरोपी बयान से पलट गए थे। तब कोर्ट ने साइबर सेल ने उपलब्ध कराए गए साक्ष्य को आधार बनाकर आरोपी को सजा सुनाई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट त्विषी श्रीवास्तव ने सजा सुनाते हुए कहा कि आरोपी को सजा सुनाने के लिए साक्ष्य काफी हैं, इस नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है। वर्तमान समय में हर कोई सोशल मीडिया पर सक्रिय है। आगे फिर कोई ऐसा कृत्य न करे, यह सजा हर किसी के लिए सबक होगी।
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