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Gorakhpur News: गाइड बदलने की मांग को लेकर धरने पर बैठा छात्र
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मुख्य नियंता के आश्वासन के बाद खत्म किया धरना
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में मनमानी का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को एक छात्र विश्वविद्यालय मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गया। छात्र ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर पीएचडी में प्रवेश के बाद गाइड नहीं बदलने का आरोप लगाया। मुख्य नियंता प्रो. विनय सिंह ने प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता का आश्वासन दिया और छात्र को समझाकर घर भेजा।
कुशीनगर के रहने वाले छात्र मनीष सिंह ने आरोप लगाया कि पीएचडी प्रवेश से जुड़ी उसकी शिकायत का समाधान नहीं हो रहा। इसीलिए वह धरने पर बैठ गया। बताया कि उसने वर्ष 2023-24 में शोध पात्रता परीक्षा पास की। संबद्ध कॉलेज के गणित विभाग में शोध के लिए गाइड का आवंटन हुआ। सीनियर शिक्षक की ओर से तय किया टॉपिक समझ में नहीं आने पर गाइड बदलने की मांग की। उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि ऐसा संभव नहीं है। उसे नए सिरे से प्रवेश लेना होगा। छात्र ने बताया कि उसने दोबारा परीक्षा देकर नए सदस्य के तौर पर शोध में प्रवेश लिया। इसके बावजूद नया गाइड नहीं मिल रहा। साथ ही उसका पुराना पंजीकरण भी रद्द नहीं किया जा रहा।
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में मनमानी का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को एक छात्र विश्वविद्यालय मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गया। छात्र ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर पीएचडी में प्रवेश के बाद गाइड नहीं बदलने का आरोप लगाया। मुख्य नियंता प्रो. विनय सिंह ने प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता का आश्वासन दिया और छात्र को समझाकर घर भेजा।
कुशीनगर के रहने वाले छात्र मनीष सिंह ने आरोप लगाया कि पीएचडी प्रवेश से जुड़ी उसकी शिकायत का समाधान नहीं हो रहा। इसीलिए वह धरने पर बैठ गया। बताया कि उसने वर्ष 2023-24 में शोध पात्रता परीक्षा पास की। संबद्ध कॉलेज के गणित विभाग में शोध के लिए गाइड का आवंटन हुआ। सीनियर शिक्षक की ओर से तय किया टॉपिक समझ में नहीं आने पर गाइड बदलने की मांग की। उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि ऐसा संभव नहीं है। उसे नए सिरे से प्रवेश लेना होगा। छात्र ने बताया कि उसने दोबारा परीक्षा देकर नए सदस्य के तौर पर शोध में प्रवेश लिया। इसके बावजूद नया गाइड नहीं मिल रहा। साथ ही उसका पुराना पंजीकरण भी रद्द नहीं किया जा रहा।
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