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UP: बीआरडी मेडिकल कॉलेज की छात्रा चढ़ गई पांचवे मंजिल पर, सुसाइड नोट में लिखा- 'मेरे साथ मेरी किस्मत खत्म'

Wed, 24 Sep 2025 02:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 24 Sep 2025 02:14 AM IST
सार

शायद मुझे मरकर ही साबित करना होगा कि मेरे साथ गलत हुआ है। मुझे इस बात का अफसोस है कि मैं ये बात किसी से कह भी नहीं सकती। इसीलिए ये बातें लिख रही हूं। मेरे साथ मेरी किस्मत भी यहीं खत्म हो जाएगी। मेरे मरने के बाद दोस्तों को कुछ न कहा जाए। मैं अपनी मर्जी से जान दे रही हूं। मेरे शिक्षक, घरवाले और दोस्तों का इसमें कोई हाथ नहीं है...।

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In Gorakhpur, Student climbed to the fifth floor after writing a suicide note...rescued by police
बीआरडी मेडिकल कॉलेज - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित नर्सिंग कॉलेज में पढ़ रही एक छात्रा ने सोमवार रात सुसाइड नोट लिखकर खुदकुशी की कोशिश की। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से तनाव में थी। सोमवार शाम छुट्टी को लेकर नाराज हो गई और इसके बाद बाल रोग विभाग के भवन की पांचवीं मंजिल पर चढ़ गई।

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पांच घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे नीचे उतारा फिर पूछताछ के बाद कॉलेज प्रशासन को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, मेरठ जिले की रहने वाली छात्रा बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई करती है। सोमवार को सातवें सेमेस्टर की परीक्षा समाप्ति के बाद तीन अक्तूबर तक सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई थी।

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In Gorakhpur, Student climbed to the fifth floor after writing a suicide note...rescued by police
सांकेतिक 
छुट्टी मिलने पर छात्रा ने घर जाने के लिए मंगलवार की सुबह की रेल टिकट बुक कराई थी। सोमवार शाम परीक्षा समाप्त होने के बाद वह घर जाने की स्वीकृति के लिए विभाग में प्रार्थना पत्र लेकर गई। चर्चा है कि उसे छुट्टी नहीं दी गई। इस बात से छात्रा नाराज हो गई और मोबाइल फोन पटकते हुए कहीं चली गई।

कुछ देर तक कॉलेज प्रशासन ने उसकी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद प्राचार्य ने मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सूचना मिलते ही छात्रा की तलाश शुरू कर दी। कॉलेज परिसर सहित आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में छात्रा के बाहर जाने का कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस आसपास की बिल्डिंग व झाड़ियों की तरफ ढूंढने लगी।
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In Gorakhpur, Student climbed to the fifth floor after writing a suicide note...rescued by police
खुदकुशी का प्रयास (सांकेतिक) 
इसके बाद छात्रा के करीबियों से पूछताछ शुरू की की और एक सहपाठी को पुलिस चौकी पर पूछताछ के लिए लेकर आ गई। इसकी जानकारी जब छात्रा को मिली तो उसने सहपाठी के मोबाइल फोन पर कॉल कर बताया कि वह बाल रोग विभाग की पांचवीं मंजिल पर है।

इसके बाद सादी वर्दी में पुलिस सहपाठी को लेकर वहां पहुंची और काफी मशक्कत के बाद छात्रा को नीचे उतारा। उसे समझाकर चौकी पर लाई। उसके पास से एक सुसाइड नोट भी पुलिस ने बरामद किया और छात्रा को कॉलेज प्रशासन को सौंप दिया।
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छुट्टी न देने वाली बात गलत है। सभी छात्राओं की छुट्टी स्वीकृत हो गई थी। अभिभावकों की सहमति के बाद ही छात्राओं की छुट्टी स्वीकृत की जाती है। छात्रा का इलाज चल रहा है। तनाव में आकर उसने ऐसा कदम उठाया। अभी स्थिति सामान्य है: डॉ. अल्का सक्सेना, प्राचार्य, नर्सिंग कॉलेज

अफसोस अपने मन की बात किसी से नहीं कह सकी... मेरे साथ मेरी किस्मत भी खत्म
शायद मुझे मरकर ही साबित करना होगा कि मेरे साथ गलत हुआ है। मुझे इस बात का अफसोस है कि मैं ये बात किसी से कह भी नहीं सकती। इसीलिए ये बातें लिख रही हूं। मेरे साथ मेरी किस्मत भी यहीं खत्म हो जाएगी। मेरे मरने के बाद दोस्तों को कुछ न कहा जाए। मैं अपनी मर्जी से जान दे रही हूं। मेरे शिक्षक, घरवाले और दोस्तों का इसमें कोई हाथ नहीं है...।

यह बातें छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखी थीं। उसने लिखा- मैं अपनी मर्जी से जान दे रही हूं। मेरे टीचर्स, मेरे घरवाले और मेरी दोस्तों का इसमें कोई हाथ नहीं है। उन्हें कुछ भी न कहा जाए।
बताया जा रहा है कि छात्रा पिछले कुछ दिनों से किसी बात को लेकर तनाव में थी। सोमवार को छुट्टी की बात को लेकर उसके अंदर नाराजगी बढ़ गई और वह निकल गई।


उसने सहेलियों को भी नहीं बताया था कि वह कहां पर जा रही है। कॉलेज प्रशासन ने परिवार के लोगों से भी बात करने की कोशिश की लेकिन उन्हें भी कोई जानकारी नहीं थी। सहपाठी को चौकी पर बैठाने के बाद छात्रा तक किसी ने यह सूचना पहुंचा दी। इसके बाद पुलिस उस तक पहुंच सकी।

अस्थायी छात्रावास के पास नहीं हैं सीसीटीवी कैमरे
बीएससी नर्सिंग की छात्राओं के लिए परिसर में छात्रावास निर्माणाधीन है। इस वजह से यह छात्राएं ट्रामा सेंटर के बगल में नगर निगम के बने भवन में रहती हैं। इनके लिए वहां अस्थायी छात्रावास बनाया गया है। इसके आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है। साथ ही कोई महिला वार्डन भी नियुक्त नहीं है। इस वजह से भी पुलिस को छात्रा का पता लगाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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