{"_id":"6838afd6ed280d2a5a094064","slug":"gorakhpur-news-side-path-way-will-be-built-on-the-bridgesrailway-workers-will-reach-the-coach-immediately-on-chain-pulling-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-953253-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: पुलों पर बनेगा साइड पाथ-वे...चेन पुलिंग पर फौरन कोच तक पहुंचेंगे रेलकर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: पुलों पर बनेगा साइड पाथ-वे...चेन पुलिंग पर फौरन कोच तक पहुंचेंगे रेलकर्मी
विज्ञापन
एनईआर में 83 पुलों के लिए एजेंसी नामित, जल्द शुरू होगा काम
गोरखपुर। नदियों पर पुल के ऊपर ट्रेन के गुजरते वक्त किसी ने चेन पुलिंग कर दी तो अब कोच तक कर्मचारी फौरन पहुंच जाएंगे और ब्रेक को रिसेट कर देंगे। इसके लिए पुलों पर साइड पाथ-वे बनाया जाएगा। इसके सहारे कर्मचारी आराम से पहुंच सकेंगे। एनईआर में 81 पुलों पर साइड पाथ-वे बनाने के लिए रेल प्रशासन ने एजेंसी भी तय कर दी है, जल्द ही काम शुरू होगा।
पुलों पर साइड पाथ-वे न होने से शरारती तत्वों द्वारा चेन पुलिंग करने पर रेलकर्मियों को बहुत दिक्कत होती है। जिस कोच से चेन पुलिंग की गई है, वहां तक पहुंचना आसान नहीं होता। पुल पर वे किसी तरह कोच पर लटककर आगे बढ़ते हैं। इसमें बहुत ज्यादा वक्त लग जाता है और पीछे अगर कोई ट्रेन आने वाली होती है तो उसे रोक दिया जाता है।
इस समस्या को देखते हुए रेल प्रशासन ने एनईआर में पड़ने वाले सभी पुलों पर अब साइड पाथ-वे बनाने का निर्णय लिया है। कुल 93 पुल स्वीकृत हुए हैं, जिसमें 12 पर साइड पाथ-वे बना लिया गया है। शेष 81 जगहों पर जल्द काम शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
-
राप्ती व डोमिनगढ़ पुल पर भी बनेगा
रेल प्रशासन के प्रस्ताव के मुताबिक, गोरखपुर और आसपास के चार पुलों पर साइड पाथ-वे बनेगा। गोरखपुर से लखनऊ रूट पर राप्ती नदी पर डाउन लाइन, रोहिन नदी पर डोमिनगढ़-जगतबेला के बीच पुल ब्रिज संख्या 182-83 के डाउन लाइन पर, पीपीगंज में ब्रिज संख्या चार, गंडक नदी पर ब्रिज संख्या 50 पर पनियहवा पुल को सूची में शामिल किया गया है।
वर्जन
संरक्षित एवं सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के लिए सतत सुधारात्मक कार्य किए जाते हैं। इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के जिन पुलों पर साइड पाथ-वे नहीं उपलब्ध था, उन पुलों पर भी यह कार्य किया जा रहा है। साइड पाथ-वे बन जाने से आवश्यकता पड़ने पर पुल पर खड़ी ट्रेन का भी निरीक्षण आसानी से कर पाना संभव होगा।
पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर
विज्ञापन
गोरखपुर। नदियों पर पुल के ऊपर ट्रेन के गुजरते वक्त किसी ने चेन पुलिंग कर दी तो अब कोच तक कर्मचारी फौरन पहुंच जाएंगे और ब्रेक को रिसेट कर देंगे। इसके लिए पुलों पर साइड पाथ-वे बनाया जाएगा। इसके सहारे कर्मचारी आराम से पहुंच सकेंगे। एनईआर में 81 पुलों पर साइड पाथ-वे बनाने के लिए रेल प्रशासन ने एजेंसी भी तय कर दी है, जल्द ही काम शुरू होगा।
पुलों पर साइड पाथ-वे न होने से शरारती तत्वों द्वारा चेन पुलिंग करने पर रेलकर्मियों को बहुत दिक्कत होती है। जिस कोच से चेन पुलिंग की गई है, वहां तक पहुंचना आसान नहीं होता। पुल पर वे किसी तरह कोच पर लटककर आगे बढ़ते हैं। इसमें बहुत ज्यादा वक्त लग जाता है और पीछे अगर कोई ट्रेन आने वाली होती है तो उसे रोक दिया जाता है।
विज्ञापन
इस समस्या को देखते हुए रेल प्रशासन ने एनईआर में पड़ने वाले सभी पुलों पर अब साइड पाथ-वे बनाने का निर्णय लिया है। कुल 93 पुल स्वीकृत हुए हैं, जिसमें 12 पर साइड पाथ-वे बना लिया गया है। शेष 81 जगहों पर जल्द काम शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
-
राप्ती व डोमिनगढ़ पुल पर भी बनेगा
रेल प्रशासन के प्रस्ताव के मुताबिक, गोरखपुर और आसपास के चार पुलों पर साइड पाथ-वे बनेगा। गोरखपुर से लखनऊ रूट पर राप्ती नदी पर डाउन लाइन, रोहिन नदी पर डोमिनगढ़-जगतबेला के बीच पुल ब्रिज संख्या 182-83 के डाउन लाइन पर, पीपीगंज में ब्रिज संख्या चार, गंडक नदी पर ब्रिज संख्या 50 पर पनियहवा पुल को सूची में शामिल किया गया है।
वर्जन
संरक्षित एवं सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के लिए सतत सुधारात्मक कार्य किए जाते हैं। इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के जिन पुलों पर साइड पाथ-वे नहीं उपलब्ध था, उन पुलों पर भी यह कार्य किया जा रहा है। साइड पाथ-वे बन जाने से आवश्यकता पड़ने पर पुल पर खड़ी ट्रेन का भी निरीक्षण आसानी से कर पाना संभव होगा।
पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर