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Gorakhpur News: हमले में घायल सिद्धार्थनगर के सिपाही की मौत, मचा कोहराम
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चौरीचौरा इलाके में 24 मई की रात सिपाही पर किया गया था हमला
वर्ष 2019 में हुआ था पुलिस में भर्ती, दो साल पहले हुई थी शादी
सिद्धार्थनगर के भवानीगंज थाने पर तैनात था सिपाही राज गुप्ता
सरदारनगर (गोरखपुर)। चौरीचौरा इलाके में 24 मई को मनबढ़ों के हमले में घायल सिपाही राज गुप्ता (30) की बृहस्पतिवार देर रात एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद उनके घर क्षेत्र के भोवाटन केवटान टोला में कोहराम मच गया। सिद्धार्थनगर जिले के भवानीगंज थाने में वह तैनात था। जहां से 10 दिन की छुट्टी लेकर घर आया और यह घटना हो गई।
चौरीचौरी पुलिस के मुताबिक, मामले में राजकुमार गुप्ता, मनीष गुप्ता, सत्यम गुप्ता उर्फ अनिकेत को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। अन्य आरोपी सत्यवान यादव, भोला यादव की तलाश पुलिस कर रही है। बहुत जल्द सभी आरोपी पकड़ लिए जाएंगे। सिपाही की मौत के बाद केस में हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, सिपाही के पिता छोटे लाल गुप्ता होमगार्ड हैं। पिता ने बताया कि बेटा वर्ष 2019 में यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। दो भाइयों में वह छोटा था। दो वर्ष पहले शादी हुई थी, उसकी एक नौ माह की बच्ची है। उन्होंने बताया कि बेटा राज चार डिसमिल जमीन के लिए झंगहा इलाके के किसी काश्तकार को परिचित राजकुमार गुप्ता के माध्यम से एडवांस रुपये दिए थे। जमीन की डील नहीं हो पाई तो वह अपने दिए रुपये वापस मांगे तो राजकुमार टालमटोल करने लगा। फिर बेटे को झंगहा पुलिस की मदद से रुपये वापस मिले। तब बेटे ने राजकुमार गुप्ता से कहा कि तुम मेरा रुपया नहीं दिलवा पाए, देखो मैंने निकलवा लिया। यह बात राजकुमार गुप्ता को नागवार लगी। इसके बाद 24 मई की रात सिपाही को घर से थोड़ी दूर पर रात के समय धोखे से बुलाया। वहां अपने साथियों के साथ मिलकर लाठी-डंडे से हमला कर अधमरा कर दिया। घटना के तत्काल बाद ही सिपाही कोमा में चला गया। उसे बचाने के लिए शहर के अच्छे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
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सालगिरह के एक दिन पहले कोमा में चला गया सिपाही
पिता ने बताया कि बेटे राज गुप्ता की 25 मई को शादी की दूसरी सालगिरह थी। वह पत्नी प्रियंका गुप्ता की जिद पर 10 दिन की छुट्टी लेकर गांव आया था। लेकिन, सालगिरह के जश्न से एक दिन पहले ही 24 मई की रात में ही मनबढ़ युवकों ने हमला कर अधमरा कर दिया और वह कोमा में चला गया था। वहीं पति की मौत के बाद प्रियंका का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वह बोल रही हैं कि इस बार शादी की सालगिरह पर कहीं बाहर घूमने की जिद करके मैंने ही उन्हें बुलाया था। लेकिन, मुझे ये नहीं पता था कि पति हमेशा के लिए दूर चले जाएंगे। वहीं सिपाही राज गुप्ता की नौ माह की बेटी प्राची पिता की मौत से अंजान सबकी गोद में मुस्करा रही है। उसे देखकर हर किसी का कलेजा फट जा रहा है। लोगों कहना था कि राज अपनी बेटी को हमेशा सीने से लगाकर घूमता रहता था। वह उसे बहुत मानता था। शुक्रवार को पिता ने सिपाही बेटे का गांव के पास स्थित घाट पर दाह संस्कार किया। इस दौरान सैकड़ों लोग वहां मौजूद रहे।
विधायक ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
विधायक ई. सरवन निषाद ने मृतक सिपाही राज गुप्ता के परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। विधायक ने मौके से अधिकारियों से वार्ता करके आरोपियों पर गैंगस्टर लगाने और कड़ी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। तहसील प्रशासन को परिवार की हर संभव मदद करने के लिए भी निर्देशित किया।
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वर्ष 2019 में हुआ था पुलिस में भर्ती, दो साल पहले हुई थी शादी
सिद्धार्थनगर के भवानीगंज थाने पर तैनात था सिपाही राज गुप्ता
सरदारनगर (गोरखपुर)। चौरीचौरा इलाके में 24 मई को मनबढ़ों के हमले में घायल सिपाही राज गुप्ता (30) की बृहस्पतिवार देर रात एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद उनके घर क्षेत्र के भोवाटन केवटान टोला में कोहराम मच गया। सिद्धार्थनगर जिले के भवानीगंज थाने में वह तैनात था। जहां से 10 दिन की छुट्टी लेकर घर आया और यह घटना हो गई।
चौरीचौरी पुलिस के मुताबिक, मामले में राजकुमार गुप्ता, मनीष गुप्ता, सत्यम गुप्ता उर्फ अनिकेत को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। अन्य आरोपी सत्यवान यादव, भोला यादव की तलाश पुलिस कर रही है। बहुत जल्द सभी आरोपी पकड़ लिए जाएंगे। सिपाही की मौत के बाद केस में हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक, सिपाही के पिता छोटे लाल गुप्ता होमगार्ड हैं। पिता ने बताया कि बेटा वर्ष 2019 में यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। दो भाइयों में वह छोटा था। दो वर्ष पहले शादी हुई थी, उसकी एक नौ माह की बच्ची है। उन्होंने बताया कि बेटा राज चार डिसमिल जमीन के लिए झंगहा इलाके के किसी काश्तकार को परिचित राजकुमार गुप्ता के माध्यम से एडवांस रुपये दिए थे। जमीन की डील नहीं हो पाई तो वह अपने दिए रुपये वापस मांगे तो राजकुमार टालमटोल करने लगा। फिर बेटे को झंगहा पुलिस की मदद से रुपये वापस मिले। तब बेटे ने राजकुमार गुप्ता से कहा कि तुम मेरा रुपया नहीं दिलवा पाए, देखो मैंने निकलवा लिया। यह बात राजकुमार गुप्ता को नागवार लगी। इसके बाद 24 मई की रात सिपाही को घर से थोड़ी दूर पर रात के समय धोखे से बुलाया। वहां अपने साथियों के साथ मिलकर लाठी-डंडे से हमला कर अधमरा कर दिया। घटना के तत्काल बाद ही सिपाही कोमा में चला गया। उसे बचाने के लिए शहर के अच्छे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
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सालगिरह के एक दिन पहले कोमा में चला गया सिपाही
पिता ने बताया कि बेटे राज गुप्ता की 25 मई को शादी की दूसरी सालगिरह थी। वह पत्नी प्रियंका गुप्ता की जिद पर 10 दिन की छुट्टी लेकर गांव आया था। लेकिन, सालगिरह के जश्न से एक दिन पहले ही 24 मई की रात में ही मनबढ़ युवकों ने हमला कर अधमरा कर दिया और वह कोमा में चला गया था। वहीं पति की मौत के बाद प्रियंका का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वह बोल रही हैं कि इस बार शादी की सालगिरह पर कहीं बाहर घूमने की जिद करके मैंने ही उन्हें बुलाया था। लेकिन, मुझे ये नहीं पता था कि पति हमेशा के लिए दूर चले जाएंगे। वहीं सिपाही राज गुप्ता की नौ माह की बेटी प्राची पिता की मौत से अंजान सबकी गोद में मुस्करा रही है। उसे देखकर हर किसी का कलेजा फट जा रहा है। लोगों कहना था कि राज अपनी बेटी को हमेशा सीने से लगाकर घूमता रहता था। वह उसे बहुत मानता था। शुक्रवार को पिता ने सिपाही बेटे का गांव के पास स्थित घाट पर दाह संस्कार किया। इस दौरान सैकड़ों लोग वहां मौजूद रहे।
विधायक ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
विधायक ई. सरवन निषाद ने मृतक सिपाही राज गुप्ता के परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। विधायक ने मौके से अधिकारियों से वार्ता करके आरोपियों पर गैंगस्टर लगाने और कड़ी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। तहसील प्रशासन को परिवार की हर संभव मदद करने के लिए भी निर्देशित किया।