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Gorakhpur News: हैदराबाद की महिला के खाते में गए थे 1.80 करोड़ रुपये
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गोरखपुर। नाइन कंपनी के जीएम से 2.70 करोड़ रुपये की जालसाजी के मामले की जांच में हैदराबाद की एक महिला का नाम सामने आया है। जालसाजों के झांसे में आए जीएम रमेश कुमार ने हैदराबाद के आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते में 14 नवंबर को 1.80 करोड़ रुपये भेजे थे। यह खाता इसी महिला का है। हैदराबाद पुलिस ने महिला और उसके पति को थाने में बुलाकर पूछताछ की है। बहुत जल्द गोरखपुर साइबर अपराध थाने की पुलिस भी महिला से पूछताछ करने हैदराबाद रवाना होगी।
पुलिस के अनुसार, जीएम रमेश कुमार ने पहले दिन 13 नवंबर को 90 लाख रुपये यस बैंक में भेजे थे। इसमें तेलंगाना जाकर साइबर अपराध थाने की पुलिस ने दो आरोपियों जनपद जगित्याल के मेटापल्ली रमेश और अल्ले सत्यम को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।
जीएम ने दूसरे दिन फिर झांसे में आकर आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते में 1.80 करोड़ रुपये भेजे थे। खाताधारक की पहचान पुलिस ने कर ली है। महिला ने हैदराबाद पुलिस को बताया है कि वह ट्रेडिंग करती है। इस दौरान एक व्यक्ति से संपर्क हुआ। उसने कुछ रुपये का लालच देकर उसके खाते में रुपये मंगाए थे।
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मास्टरमाइंड पुलिस से दूर
अभी तक साइबर अपराध थाने की जांच में कैरियर ही मिले हैं। जालसाजी करने वाला मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस से दूर है। पुलिस का मानना है कि कंबोडिया में बैठकर मास्टरमाइंड कैरियर के माध्यम से देश के अंदर जालसाजी कर रहा है।
व्हाट्सएप पर निदेशक की फोटो लगाकर दिया झांसा
जालसाजी के मामले में जीएम रमेश कुमार ने 14 नवंबर को केस दर्ज कराया था। जीएम ने तहरीर में लिखा था कि 13 नवंबर को उनके व्हाट्सएप पर निदेशक अमर तुलस्यान का फोटो लगा हुआ मैसेज आया। इसमें लिखा था कि उनका यह नंबर नंबर सेव कर लें। उस नंबर को सेव कर लिया। इसके बाद चैटिंग हुई, जिसमें लिखा गया कि वह एक नए प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, इससे संबंधित कागजात आपको भेज देंगे। यह बताने के बाद यस बैंक का खाता नंबर भेजा गया, जिसमें 90 लाख रुपये ट्रांसफर करने का निर्देश मिला। दूसरे दिन 14 नवंबर को भी उसी नंबर से एक और खाता नंबर भेजा गया, जिसमें 1.80 करोड़ रुपये भेजने का निर्देश मिला। निर्देश का पालन करते हुए उन्होंने ऑफिस के कर्मचारी नागेंद्र शुक्ला से नेट बैंकिंग के जरिये रुपये ट्रांसफर करवाए।
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पुलिस के अनुसार, जीएम रमेश कुमार ने पहले दिन 13 नवंबर को 90 लाख रुपये यस बैंक में भेजे थे। इसमें तेलंगाना जाकर साइबर अपराध थाने की पुलिस ने दो आरोपियों जनपद जगित्याल के मेटापल्ली रमेश और अल्ले सत्यम को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।
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जीएम ने दूसरे दिन फिर झांसे में आकर आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते में 1.80 करोड़ रुपये भेजे थे। खाताधारक की पहचान पुलिस ने कर ली है। महिला ने हैदराबाद पुलिस को बताया है कि वह ट्रेडिंग करती है। इस दौरान एक व्यक्ति से संपर्क हुआ। उसने कुछ रुपये का लालच देकर उसके खाते में रुपये मंगाए थे।
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मास्टरमाइंड पुलिस से दूर
अभी तक साइबर अपराध थाने की जांच में कैरियर ही मिले हैं। जालसाजी करने वाला मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस से दूर है। पुलिस का मानना है कि कंबोडिया में बैठकर मास्टरमाइंड कैरियर के माध्यम से देश के अंदर जालसाजी कर रहा है।
व्हाट्सएप पर निदेशक की फोटो लगाकर दिया झांसा
जालसाजी के मामले में जीएम रमेश कुमार ने 14 नवंबर को केस दर्ज कराया था। जीएम ने तहरीर में लिखा था कि 13 नवंबर को उनके व्हाट्सएप पर निदेशक अमर तुलस्यान का फोटो लगा हुआ मैसेज आया। इसमें लिखा था कि उनका यह नंबर नंबर सेव कर लें। उस नंबर को सेव कर लिया। इसके बाद चैटिंग हुई, जिसमें लिखा गया कि वह एक नए प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, इससे संबंधित कागजात आपको भेज देंगे। यह बताने के बाद यस बैंक का खाता नंबर भेजा गया, जिसमें 90 लाख रुपये ट्रांसफर करने का निर्देश मिला। दूसरे दिन 14 नवंबर को भी उसी नंबर से एक और खाता नंबर भेजा गया, जिसमें 1.80 करोड़ रुपये भेजने का निर्देश मिला। निर्देश का पालन करते हुए उन्होंने ऑफिस के कर्मचारी नागेंद्र शुक्ला से नेट बैंकिंग के जरिये रुपये ट्रांसफर करवाए।