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Gorakhpur News: रोहिन-सरयू ने पार किया खतरे का निशान, राप्ती भी करीब पहुंची
Mon, 30 Sep 2024 03:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 30 Sep 2024 03:20 AM IST
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गोरखपुर। नेपाल की पहाड़ियों से लेकर मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश का असर अब जनपद में बहने वाली सभी नदियों पर नजर आ रहा है। इनका जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सरयू नदी जहां खतरे के निशान को पार कर 45 सेमी ऊपर बहने लगी है। वहीं इस बार खतरे के निशान से दूर रही रोहिन नदी भी लाल निशान को पार कर गई है। यह नदी भी खतरे के निशान से 48 सेमी ऊपर पहुंच गई है। राप्ती नदी भी बढ़त पर है, लेकिन खतरे के निशान से ये नदी अभी 48 सेमी नीचे है।
काफी दिनों से बारिश न होने के कारण जिले में बहने वाली सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर काफी नीचे चला गया था। लेकिन, अचानक दो दिनों तक नेपाल से लेकर गोरखपुर तक में हुई बारिश की वजह से सभी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसकी वजह से सरयू और रोहिन ने खतरा का निशान पार कर लिया है। आपदा प्रबंधन कार्यालय के मुताबिक अब तक किसी गांव में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है। जिले में बहने वाली प्रमुख नदी राप्ती का जलस्तर बढ़ा है। लेकिन, वह खतरे के निशान से नीचे है। इसी प्रकार गोर्रा नदी खतरे के निशान से 1.25 मीटर नीचे बह रही है। जबकि कुआनो डेढ़ मीटर से अधिक नीचे है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि बारिश नहीं हुई तो नदियों का जलस्तर नीचे आ जाएगा।
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बड़हलगंज में सरयू का बढ़े जलस्तर से दहशत में ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
चिल्लूपार। इलाके में प्रवाहित होने वाली सरयू और राप्ती नदियों के जलस्तर में दो दिनों से बढ़ोतरी का क्रम जारी है। बढ़ते जलस्तर के बीच दोनों नदियों के तटवर्ती 40 गांव के लोगों पर सातवीं बार बाढ़ का संकट गहराने लगा है। बाढ़ को लेकर तटवर्ती ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। दो दिन पूर्व खतरे के निशान से नीचे बह रही सरयू नदी रविवार की शाम बरहज में खतरे के निशान से 45 सेमी ऊपर बहने लगी। जबकि राप्ती नदी तेजी से बढ़ती हुई बर्डघाट पर अपने खतरे के निशान से मात्र 48 सेमी नीचे है।
बगहा देवार के गड़ेरी टोले में नदी का पानी चारों तरफ फैलना शुरू हो गया है। इसी तरह नदियों के बढ़ने का क्रम जारी रहा तो सोमवार तक गांव को पूर्ण रूप से घेर लेगा। पानी में घिरने की समस्या से ग्रामीण चिंतित हैं। पानी बढ़ने के साथ कटान रोधी कार्य शुरू है। रविवार को बाढ़ खंड दो सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वैभव सिंह और सहायक अभियंता नीरज कुमार, जेई सुनील कुमार सिंह ने आबादी व प्राथमिक विद्यालय के पास कटान का निरीक्षण किया। बचाव कार्य में तेजी लाने की बात कही। यहां गांव की खेती योग्य जमीन लगातार नदी में विलीन हो रही है। रविवार की सुबह आबादी के पास खेती योग्य जमीन में तेजी से कटान हो रही थी। वहीं सरयू नदी का पानी आबादी व विद्यालय के नींव तक आ गया है। अब सरयू की तीखी लहरें स्कूल की दीवारों से सीधे टकराएंगी।
नेपाल व भारत में दो दिनों तक लगातार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। एक दो दिन तक और नदियों के जलस्तर में वृद्धि होगी उसके बाद ये घटने लगेगी। बगहा देवार में कटान स्थल का निरीक्षण किया है। वहां कराए जा रहे कटान रोधी कार्य में जरूरी निर्देश दिए गए हैं। प्राथमिक विद्यालय को नदी में कटने से बचा लिया जाएगा। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
-वैभव सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड दो सिंचाई विभाग गोरखपुर
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काफी दिनों से बारिश न होने के कारण जिले में बहने वाली सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर काफी नीचे चला गया था। लेकिन, अचानक दो दिनों तक नेपाल से लेकर गोरखपुर तक में हुई बारिश की वजह से सभी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसकी वजह से सरयू और रोहिन ने खतरा का निशान पार कर लिया है। आपदा प्रबंधन कार्यालय के मुताबिक अब तक किसी गांव में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है। जिले में बहने वाली प्रमुख नदी राप्ती का जलस्तर बढ़ा है। लेकिन, वह खतरे के निशान से नीचे है। इसी प्रकार गोर्रा नदी खतरे के निशान से 1.25 मीटर नीचे बह रही है। जबकि कुआनो डेढ़ मीटर से अधिक नीचे है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि बारिश नहीं हुई तो नदियों का जलस्तर नीचे आ जाएगा।
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बड़हलगंज में सरयू का बढ़े जलस्तर से दहशत में ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
चिल्लूपार। इलाके में प्रवाहित होने वाली सरयू और राप्ती नदियों के जलस्तर में दो दिनों से बढ़ोतरी का क्रम जारी है। बढ़ते जलस्तर के बीच दोनों नदियों के तटवर्ती 40 गांव के लोगों पर सातवीं बार बाढ़ का संकट गहराने लगा है। बाढ़ को लेकर तटवर्ती ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। दो दिन पूर्व खतरे के निशान से नीचे बह रही सरयू नदी रविवार की शाम बरहज में खतरे के निशान से 45 सेमी ऊपर बहने लगी। जबकि राप्ती नदी तेजी से बढ़ती हुई बर्डघाट पर अपने खतरे के निशान से मात्र 48 सेमी नीचे है।
बगहा देवार के गड़ेरी टोले में नदी का पानी चारों तरफ फैलना शुरू हो गया है। इसी तरह नदियों के बढ़ने का क्रम जारी रहा तो सोमवार तक गांव को पूर्ण रूप से घेर लेगा। पानी में घिरने की समस्या से ग्रामीण चिंतित हैं। पानी बढ़ने के साथ कटान रोधी कार्य शुरू है। रविवार को बाढ़ खंड दो सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वैभव सिंह और सहायक अभियंता नीरज कुमार, जेई सुनील कुमार सिंह ने आबादी व प्राथमिक विद्यालय के पास कटान का निरीक्षण किया। बचाव कार्य में तेजी लाने की बात कही। यहां गांव की खेती योग्य जमीन लगातार नदी में विलीन हो रही है। रविवार की सुबह आबादी के पास खेती योग्य जमीन में तेजी से कटान हो रही थी। वहीं सरयू नदी का पानी आबादी व विद्यालय के नींव तक आ गया है। अब सरयू की तीखी लहरें स्कूल की दीवारों से सीधे टकराएंगी।
नेपाल व भारत में दो दिनों तक लगातार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। एक दो दिन तक और नदियों के जलस्तर में वृद्धि होगी उसके बाद ये घटने लगेगी। बगहा देवार में कटान स्थल का निरीक्षण किया है। वहां कराए जा रहे कटान रोधी कार्य में जरूरी निर्देश दिए गए हैं। प्राथमिक विद्यालय को नदी में कटने से बचा लिया जाएगा। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
-वैभव सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड दो सिंचाई विभाग गोरखपुर