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Gorakhpur News: वन मंत्री तक पहुंची बाघ केसरी की मौत की रिपोर्ट
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रविवार की सुबह बाघ केसरी की हो गई थी मौत
गोरखपुर। बाघ केसरी की मौत का मामला शासन तक पहुंच गया है। मामले की पूरी रिपोर्ट वन मंत्री केपी मलिक को सौंप दी गई है। सोमवार को लखनऊ से आए प्रदेश के हेड ऑफ फॉरेस्ट सुनील चौधरी और प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा बेमुरी ने मंत्री को पूरे प्रकरण की जानकारी दी है।
पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ केसरी की मौत के बाद पूरा महकमा सकते में है। वह न तो पहले से बीमार था न ही उसे कोई दिक्कत थी। बाघ की मौत के बाद ही वन मंत्री ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी। इसके बाद आनन-फानन टीम सोमवार को चिड़ियाघर पहुंची थी। प्रारंभिक रिपोर्ट में चिड़ियाघर ने यह जानकारी दी है कि बाघ के दिमाग में करीब 100 एमएल पानी भर गया था, जिसकी वजह से मौत हुई है। लेकिन यह पानी कैसे भरा और भरने से उसके स्वभाव में परिवर्तन क्यों नहीं हुआ जैसे सवालों का जवाब टीम नहीं दे सकी। हालांकि इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) मौत का सही वजह जानने के लिए सैंपल जांच के लिए ले गई है। बताया जा रहा है कि पूरे प्रकरण की जानकारी सीजेए (सेंट्रल जू अथॉरिटी) को भी दी जाएगी।
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गोरखपुर। बाघ केसरी की मौत का मामला शासन तक पहुंच गया है। मामले की पूरी रिपोर्ट वन मंत्री केपी मलिक को सौंप दी गई है। सोमवार को लखनऊ से आए प्रदेश के हेड ऑफ फॉरेस्ट सुनील चौधरी और प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा बेमुरी ने मंत्री को पूरे प्रकरण की जानकारी दी है।
पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ केसरी की मौत के बाद पूरा महकमा सकते में है। वह न तो पहले से बीमार था न ही उसे कोई दिक्कत थी। बाघ की मौत के बाद ही वन मंत्री ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी। इसके बाद आनन-फानन टीम सोमवार को चिड़ियाघर पहुंची थी। प्रारंभिक रिपोर्ट में चिड़ियाघर ने यह जानकारी दी है कि बाघ के दिमाग में करीब 100 एमएल पानी भर गया था, जिसकी वजह से मौत हुई है। लेकिन यह पानी कैसे भरा और भरने से उसके स्वभाव में परिवर्तन क्यों नहीं हुआ जैसे सवालों का जवाब टीम नहीं दे सकी। हालांकि इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) मौत का सही वजह जानने के लिए सैंपल जांच के लिए ले गई है। बताया जा रहा है कि पूरे प्रकरण की जानकारी सीजेए (सेंट्रल जू अथॉरिटी) को भी दी जाएगी।
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