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Gorakhpur News: आवारा कुत्तों से मिलेगी राहत, दो महीने बाद फिर शुरू हुआ एबीसी सेंटर
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गोरखपुर। शहर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक के बीच राहत की खबर आई है। करीब दो महीने से बंद पड़ा गुलरिहा का एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर सोमवार से फिर शुरू हो गया। पुरानी एजेंसी की ओर से काम छोड़ने से शहर में कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी का कार्य ठप था। अब नई एजेंसी के आने से अभियान दोबारा गति पकड़ेगा।
पहले ही दिन नगर निगम की देखरेख में शहर के विभिन्न इलाकों से तीन आवारा कुत्तों को पकड़ा गया। एबीसी सेंटर के पुनः संचालन के साथ ही अब कुत्तों की नसबंदी और रेबीज टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। नई एजेंसी पीलीभीत की सोसाइटी फॉर ह्यूमन एंड एनिमल वेलफेयर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसे नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से चयनित किया।
अमवा स्थित यह सेंटर 1.85 करोड़ रुपये की लागत से बना है और इसमें प्रतिदिन 41 कुत्तों की नसबंदी की क्षमता है। यहां डॉग केयर यूनिट और चिकित्सकीय सुविधाएं भी मौजूद हैं।
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मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. रोबिन चंद्रा ने बताया कि एबीसी सेंटर के फिर शुरू होने से शहर में कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम का यह कदम न केवल शहर को राहत देगा बल्कि केंद्र सरकार के 2030 तक भारत को रेबीज मुक्त बनाने के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाएगा।
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पहले ही दिन नगर निगम की देखरेख में शहर के विभिन्न इलाकों से तीन आवारा कुत्तों को पकड़ा गया। एबीसी सेंटर के पुनः संचालन के साथ ही अब कुत्तों की नसबंदी और रेबीज टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। नई एजेंसी पीलीभीत की सोसाइटी फॉर ह्यूमन एंड एनिमल वेलफेयर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसे नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से चयनित किया।
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अमवा स्थित यह सेंटर 1.85 करोड़ रुपये की लागत से बना है और इसमें प्रतिदिन 41 कुत्तों की नसबंदी की क्षमता है। यहां डॉग केयर यूनिट और चिकित्सकीय सुविधाएं भी मौजूद हैं।
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मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. रोबिन चंद्रा ने बताया कि एबीसी सेंटर के फिर शुरू होने से शहर में कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम का यह कदम न केवल शहर को राहत देगा बल्कि केंद्र सरकार के 2030 तक भारत को रेबीज मुक्त बनाने के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाएगा।