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Gorakhpur News: केस दर्ज कराया फिर खुद थाने जाकर बेटे को सौंपा

Thu, 12 Dec 2024 01:00 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2024 01:00 PM IST
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Gorakhpur News: Registered the case, then went to the police station and handed it over to the son
गोरखपुर। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र चेन्नई के सहायक वैज्ञानिक राम मिलन ने पत्नी आरती की मौत के मामले में पिपराइच थाने में केस दर्ज कराया है। इसके बाद बुधवार को बेटे को उसके नानी के घर से लाकर थाने में पुलिस को सौंप दिया। इस दौरान वह भावुक हो गए और बेटे की तरफ निराश होकर देखने लगे।
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राम मिलन ने बताया कि बेटा पूरी तरह स्वस्थ है। हाईस्कूल तक उसने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के स्कूल में पढ़ाई की है। उनसे बहुत बड़ी गलती हो गई कि उसे यहां पढ़ने के लिए भेज दिया। बुरी संगत में पड़कर वह जिद्दी हो गया। पिपराइच पुलिस ने बुधवार को नाबालिग को अभिरक्षा में लेकर बाल सुधार गृह भिजवा दिया।
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राम मिलन ने कहा कि चेन्नई से दोस्तों और रिश्तेदारों के कॉल आ रहे हैं। सभी पूछ रहे हैं कि ये सब कैसे हो गया। पत्नी और इकलौते बेटे दोनों ही दूर हो गए। अब लोगों को कैसे बताऊं कि पत्नी की मौत का जिम्मेदार बेटा है। इस दौरान लखनऊ से एमबीबीएस कर रही बेटी उन्हें चुप कराती रही।
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बेटे की करतूत से शर्मसार वैज्ञानिक अपने घर पर ताला लगाकर रिश्तेदार के यहां चले गए हैं। राम मिलन का कहना है कि अब किसी की बात का जवाब देने का मन नहीं कर रहा है।
नाबालिग के कमरे से मिले नोट
पिपराइच पुलिस ने वैज्ञानिक के घर की तलाशी ली तो नाबालिग के कमरे में बिस्तर पर सौ और पांच-पांच सौ के नोट बिछे मिले। करीब 15 हजार रुपये बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इंटर का छात्र बहुत कम स्कूल जाता था। वह प्रतिदिन एक कोचिंग में जाता था, उसकी वहीं पर गलत संगत हो गई। वहां कुछ लड़कों के साथ नशा भी करने लगा था।
तड़पकर कोमा में गईं फिर हुई मौत
दो दिसंबर को सुबह 8:30 बजे बेटे को स्कूल जाने का दबाव बनाने पर उसने मां आरती को धक्का दे दिया था। इस दौरान आरती दो बार गिरीं। उनके सिर में चोट लगने से खून बह रहा था। उसी हाल में बेटा उन्हें छोड़कर चला गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, करीब तीन घंटे तक आरती फर्श पर तड़पी थीं। इसके बाद तेज दर्द की वजह से कोमा में चली गईं। शरीर से खून अधिक निकल जाने की वजह से उनकी मौत हो गई। अगर बेटे ने गिरने के बाद मां को अस्पताल पहुंचाया होता तो उनकी जान बच जाती।

नाबालिग को अपनी करतूत का पछतावा
पुलिस हिरासत में आने के बाद वैज्ञानिक का बेटा अपनी मां के लिए रोने लगा। वह बार-बार कह रहा था कि उससे अनजाने में बहुत बड़ी गलती हो गई है। अब किससे माफी मांगे, समझ में ही नहीं आ रहा है। कोई उसकी मां को फिर से लौटा दे।
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