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Gorakhpur News: लाल बाल रखते हैं रेड गैंग के गुर्गे, पुलिस से बचने के लिए बाल कटवाकर फरार
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पुलिस की टीमें कर रहीं तलाश, गैंग की जड़ों तक पहुंचने के प्रयास जारी
वर्ष 2018 में किशोरों ने बनाया था गैंग, सरगना की मौत के बाद दो धड़ों में बंटा
भरोहिया/जंगल कौड़िया (गोरखपुर)। अटकहवा घाट पर हुए गैंगवार के बाद पुलिस की सख्त कार्रवाई से बचने के लिए रेड गैंग के कई गुर्गे बाल कटवाकर फरार हो गए हैं। इस गैंग के गुर्गों की पहचान लाल रंग में रंगे बाल थे। सोमवार रात जंगल कौड़िया, पनियरा और कैंपियरगंज थाना क्षेत्र में पुलिस टीमों ने दबिश दी। कई संदिग्ध युवकों और उनके अभिभावकों से पूछताछ की है।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2018 में किशोरों व युवाओं के एक समूह ने पनियरा (महराजगंज) क्षेत्र में रेड गैंग बनाया था जिसका सरगना धर्मात्मा निषाद था जिसका क्षेत्र में काफी दबदबा था। एक राजनीतिक पार्टी के युवा मोर्चा से जुड़े रहे धर्मात्मा ने अपने फेसबुक पेज के माध्यम से भी पनियरा, कैंपियरगंज, खजनी और चौरीचौरा आदि विधानसभा क्षेत्रों से युवाओं को जोड़ रखा था। धर्मात्मा ने इसी साल फरवरी में आत्महत्या कर ली। इसके बाद गैंग की कमान अजय निषाद और रविंद्र निषाद ने संभाली और गिरोह दो हिस्सों रेड गैंग और एके-47 गैंग में बंट गया। दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई लगातार बढ़ती गई, जिसका परिणाम अटकहवा घाट पर हुए खूनी संघर्ष के रूप में सामने आया।
हत्या की कोशिश में गए थे जेल, अब फिर सक्रिय
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुछ वर्ष पहले कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के सुरस गांव में गैंग के गुर्गों ने एक युवक की हत्या की कोशिश की थी। उस समय पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत पर रिहा होने के बाद ये युवक फिर सक्रिय हो गए और मारपीट, रंगदारी व अन्य वारदात को अंजाम देने लगे।
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व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ते हैं गुर्गे, पुलिस को मिले डिजिटल साक्ष्य
सूत्रों के मुताबिक, गैंग के गुर्गे आपसी संपर्क के लिए ‘रेड वॉरियर्स’ नाम का व्हाट्सएप ग्रुप इस्तेमाल करते हैं। कई बार पुलिस के छापे में ऐसे मोबाइल नंबर और चैट मिले हैं जिनसे गैंग के नेटवर्क की पुष्टि होती है। पुलिस अब साइबर सेल की मदद से इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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तीन दिन पहले लाइब्रेरी में हुई थी मारपीट
जानकारी के अनुसार, पनियरा क्षेत्र के अटकहवा निवासी अभिजीत और शनि देवल ई-लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे थे। तीन दिन पहले इनका पीपीगंज के कल्याणपुर गांव के कुछ युवकों से विवाद हुआ था। उसी रंजिश में सोमवार को एके-47 गैंग के करीब 30 गुर्गे लाइब्रेरी में घुस गए और दोनों छात्रों को पीटते हुए पुल तक घसीट ले गए। बताया जा रहा है कि जिनकी पिटाई हुई थी वे रेड गैंग से जुड़े थे और उन्होंने फोन करके अपने साथियों को बुला लिया। दोनों गैंग में मारपीट हो रही थी, इसी दौरान जब ग्रामीणों को सूचना मिली और वे बचाव के लिए दौड़े तो हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। भरवल गांव निवासी बलबल यादव के कान के पास से गोली गुजर गई, जिससे वह बाल-बाल बच गए। फायरिंग की आवाज से आसपास छठ पूजा की तैयारी कर रही महिलाओं और पुरुषों में भगदड़ मच गई। लोग डर के मारे घरों से बाहर नहीं निकले।
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सात लोग घायल, एक की हालत गंभीर
इस गैंगवार में ध्रुवचंद, अभिजीत, अंकित निषाद, सचिन, शिवनारायण और सनी देवल समेत सात लोग घायल हुए। घायल सभी अकटहवा घाट के पास डोमरा टोला के रहने वाले हैं। गंभीर रूप से घायल ध्रुवचंद को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती में कराया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि हमलावरों की धरपकड़ के बजाय पुलिस मारपीट में घायल उनके ही बच्चों को थाने में बैठाकर पूछताछ कर रही है।
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पुलिस की कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने की सराहना
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की सख्ती देखकर उसकी कार्यप्रणाली की सराहना की। कहा कि मारपीट की घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल था, लेकिन पुलिस की निरंतर गश्त और ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद अब लोग भयमुक्त हो गए हैं। नागरिकों ने भरोसा जताया कि पुलिस शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज देगी, ताकि क्षेत्र में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
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घायल ध्रुवचंद साहनी ने बताई आपबीती, पुलिस को दी तहरीर
जंगल कौड़िया। थाना पनियरा क्षेत्र के अकटहवा के डोमरा टोला निवासी ध्रुवचंद साहनी ने पीपीगंज पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह सोमवार दोपहर करीब 12:15 बजे अपने गांव से नदी के पुल से दूसरी ओर जा रहे थे। रास्ते में नरकटहा, पूरउआ, कल्याणपुर और मेंहदावल के कुछ लोग तमंचा व धारदार हथियारों से लैस होकर उन पर टूट पड़े। हमलावरों ने ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच-बचाव करने आए लोगों को भी मारापीटा। इसके बाद लोग हमलावर हवाई फायरिंग कर इलाके में दहशत फैलाते हुए फरार हो गए।
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वर्ष 2018 में किशोरों ने बनाया था गैंग, सरगना की मौत के बाद दो धड़ों में बंटा
भरोहिया/जंगल कौड़िया (गोरखपुर)। अटकहवा घाट पर हुए गैंगवार के बाद पुलिस की सख्त कार्रवाई से बचने के लिए रेड गैंग के कई गुर्गे बाल कटवाकर फरार हो गए हैं। इस गैंग के गुर्गों की पहचान लाल रंग में रंगे बाल थे। सोमवार रात जंगल कौड़िया, पनियरा और कैंपियरगंज थाना क्षेत्र में पुलिस टीमों ने दबिश दी। कई संदिग्ध युवकों और उनके अभिभावकों से पूछताछ की है।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2018 में किशोरों व युवाओं के एक समूह ने पनियरा (महराजगंज) क्षेत्र में रेड गैंग बनाया था जिसका सरगना धर्मात्मा निषाद था जिसका क्षेत्र में काफी दबदबा था। एक राजनीतिक पार्टी के युवा मोर्चा से जुड़े रहे धर्मात्मा ने अपने फेसबुक पेज के माध्यम से भी पनियरा, कैंपियरगंज, खजनी और चौरीचौरा आदि विधानसभा क्षेत्रों से युवाओं को जोड़ रखा था। धर्मात्मा ने इसी साल फरवरी में आत्महत्या कर ली। इसके बाद गैंग की कमान अजय निषाद और रविंद्र निषाद ने संभाली और गिरोह दो हिस्सों रेड गैंग और एके-47 गैंग में बंट गया। दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई लगातार बढ़ती गई, जिसका परिणाम अटकहवा घाट पर हुए खूनी संघर्ष के रूप में सामने आया।
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हत्या की कोशिश में गए थे जेल, अब फिर सक्रिय
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुछ वर्ष पहले कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के सुरस गांव में गैंग के गुर्गों ने एक युवक की हत्या की कोशिश की थी। उस समय पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत पर रिहा होने के बाद ये युवक फिर सक्रिय हो गए और मारपीट, रंगदारी व अन्य वारदात को अंजाम देने लगे।
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व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ते हैं गुर्गे, पुलिस को मिले डिजिटल साक्ष्य
सूत्रों के मुताबिक, गैंग के गुर्गे आपसी संपर्क के लिए ‘रेड वॉरियर्स’ नाम का व्हाट्सएप ग्रुप इस्तेमाल करते हैं। कई बार पुलिस के छापे में ऐसे मोबाइल नंबर और चैट मिले हैं जिनसे गैंग के नेटवर्क की पुष्टि होती है। पुलिस अब साइबर सेल की मदद से इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
तीन दिन पहले लाइब्रेरी में हुई थी मारपीट
जानकारी के अनुसार, पनियरा क्षेत्र के अटकहवा निवासी अभिजीत और शनि देवल ई-लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे थे। तीन दिन पहले इनका पीपीगंज के कल्याणपुर गांव के कुछ युवकों से विवाद हुआ था। उसी रंजिश में सोमवार को एके-47 गैंग के करीब 30 गुर्गे लाइब्रेरी में घुस गए और दोनों छात्रों को पीटते हुए पुल तक घसीट ले गए। बताया जा रहा है कि जिनकी पिटाई हुई थी वे रेड गैंग से जुड़े थे और उन्होंने फोन करके अपने साथियों को बुला लिया। दोनों गैंग में मारपीट हो रही थी, इसी दौरान जब ग्रामीणों को सूचना मिली और वे बचाव के लिए दौड़े तो हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। भरवल गांव निवासी बलबल यादव के कान के पास से गोली गुजर गई, जिससे वह बाल-बाल बच गए। फायरिंग की आवाज से आसपास छठ पूजा की तैयारी कर रही महिलाओं और पुरुषों में भगदड़ मच गई। लोग डर के मारे घरों से बाहर नहीं निकले।
सात लोग घायल, एक की हालत गंभीर
इस गैंगवार में ध्रुवचंद, अभिजीत, अंकित निषाद, सचिन, शिवनारायण और सनी देवल समेत सात लोग घायल हुए। घायल सभी अकटहवा घाट के पास डोमरा टोला के रहने वाले हैं। गंभीर रूप से घायल ध्रुवचंद को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती में कराया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि हमलावरों की धरपकड़ के बजाय पुलिस मारपीट में घायल उनके ही बच्चों को थाने में बैठाकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने की सराहना
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की सख्ती देखकर उसकी कार्यप्रणाली की सराहना की। कहा कि मारपीट की घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल था, लेकिन पुलिस की निरंतर गश्त और ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद अब लोग भयमुक्त हो गए हैं। नागरिकों ने भरोसा जताया कि पुलिस शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज देगी, ताकि क्षेत्र में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
घायल ध्रुवचंद साहनी ने बताई आपबीती, पुलिस को दी तहरीर
जंगल कौड़िया। थाना पनियरा क्षेत्र के अकटहवा के डोमरा टोला निवासी ध्रुवचंद साहनी ने पीपीगंज पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह सोमवार दोपहर करीब 12:15 बजे अपने गांव से नदी के पुल से दूसरी ओर जा रहे थे। रास्ते में नरकटहा, पूरउआ, कल्याणपुर और मेंहदावल के कुछ लोग तमंचा व धारदार हथियारों से लैस होकर उन पर टूट पड़े। हमलावरों ने ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच-बचाव करने आए लोगों को भी मारापीटा। इसके बाद लोग हमलावर हवाई फायरिंग कर इलाके में दहशत फैलाते हुए फरार हो गए।