{"_id":"689116c122f89a8bb105df61","slug":"gorakhpur-news-ramgarhtal-boating-firms-contract-from-platform-number-seven-cancelled-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-1025926-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामगढ़ताल : प्लेटफॉर्म नंबर सात से बोटिंग फर्म का अनुबंध निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामगढ़ताल : प्लेटफॉर्म नंबर सात से बोटिंग फर्म का अनुबंध निरस्त
विज्ञापन
प्लेटफॉर्म नंबर 10 से संचालन करने वाली फर्म ने घाटे के चलते कर दिया सरेंडर
गोरखपुर। रामगढ़ताल में प्लेटफॉर्म नंबर सात से बोटिंग का संचालन करने वाली फर्म का गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अनुबंध निरस्त कर दिया है। वहीं प्लेटफॉर्म नंबर 10 से संचालन करने वाली फर्म ने खुद ही सरेंडर कर दिया है। प्लेटफॉर्म नंबर 5 व 6 को लेकर अभी फैसला होना है। विगत दिनों यहां एक प्लेटफॉर्म की स्पीड बोट वापस आते हुए दूसरे प्लेटफॉर्म की बोट से टकरा गई थी। घटना में एक व्यक्ति पानी में गिर गया था।
रामगढ़ताल की जेटी के आसपास बने प्लेटफार्मों से नाव का संचालन किया जाता है। अधिकार पाने वाली फर्में यहां स्पीड बोट, जेट स्की, साधारण बोट का संचालन करती हैं। इन नावाें में बैठकर पर्यटक रामगढ़ताल की लहरों के बीच रोमांच का मजा लेते हैं। प्लेटफॉर्म नंबर सात पर मेसर्स गणेश ट्रेडर्स के पास बोटिंग के संचालन का अधिकार था। फर्म ने 1 लाख 10 हजार रुपये सिक्योरिटी जमा की थी। तीन महीने का एडवांस दिया था। कंपनी को हर महीने 1.5 लाख रुपये प्लस 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान जीडीए को करना था। लेकिन नवंबर 2024 से ही इस फर्म का बकाया चल रहा था। इसके बाद प्राधिकरण ने अनुबंध निरस्त कर दिया।
प्लेटफाॅर्म नंबर 10 पर मेसर्स बलराम एपेक्स इंटरप्राइजेज बोटिंग का संचालन करता था। फरवरी 2025 से फर्म ने काम शुरू किया। तीन महीने का एडवांस भी जमा किया गया था। 45 हजार रुपये सिक्योरिटी जमा है। लगभग 2.25 लाख प्रति महीने जीडीए को भुगतान करना था। साथ ही 18 प्रतिशत जीएसटी देनी थी। घाटे के कारण फर्म ने बोटिंग के संचालन में असमर्थता जताते हुए सरेंडर कर दिया।
विज्ञापन
--
प्लेटफॉर्म नंबर 5 व 6 पर निर्णय बाकी
रामगढ़ताल में प्लेटफॉर्म नंबर 5 व 6 को लेकर अभी फैसला होना है। यहां एक प्लेटफाॅर्म की स्पीड बोट वापस आते हुए दूसरे प्लेटफॉर्म की बोट से टकरा गई थी। घटना में एक व्यक्ति पानी में गिर गया था। उसकी पत्नी व बच्चे को भी चोटें आई थीं। प्राधिकरण ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए दोनों प्लेटफॉर्म से बोटिंग का संचालन रोक दिया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर ही जीडीए अपनी कार्रवाई करेगा। चर्चा है कि नुकसान के डर से अब दोनों फर्में आपस में समझौता करने की तैयारी में हैं। इधर दो नई फर्म की तलाश जीडीए करेगा। इसके लिए आवेदन निकाले जाएंगे। जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि प्लेटफाॅर्म नंबर 7 से बोटिंग का संचालन करने वाली फर्म का एग्रीमेंट बकाए के कारण निरस्त कर दिया गया है। प्लेटफॉर्म नंबर 10 पर जिस फर्म के पास अधिकार था, उसने सरेंडर कर दिया है। प्लेटफॉर्म नंबर 5 व 6 के लिए निर्णय पुलिस रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा।
विज्ञापन
गोरखपुर। रामगढ़ताल में प्लेटफॉर्म नंबर सात से बोटिंग का संचालन करने वाली फर्म का गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अनुबंध निरस्त कर दिया है। वहीं प्लेटफॉर्म नंबर 10 से संचालन करने वाली फर्म ने खुद ही सरेंडर कर दिया है। प्लेटफॉर्म नंबर 5 व 6 को लेकर अभी फैसला होना है। विगत दिनों यहां एक प्लेटफॉर्म की स्पीड बोट वापस आते हुए दूसरे प्लेटफॉर्म की बोट से टकरा गई थी। घटना में एक व्यक्ति पानी में गिर गया था।
रामगढ़ताल की जेटी के आसपास बने प्लेटफार्मों से नाव का संचालन किया जाता है। अधिकार पाने वाली फर्में यहां स्पीड बोट, जेट स्की, साधारण बोट का संचालन करती हैं। इन नावाें में बैठकर पर्यटक रामगढ़ताल की लहरों के बीच रोमांच का मजा लेते हैं। प्लेटफॉर्म नंबर सात पर मेसर्स गणेश ट्रेडर्स के पास बोटिंग के संचालन का अधिकार था। फर्म ने 1 लाख 10 हजार रुपये सिक्योरिटी जमा की थी। तीन महीने का एडवांस दिया था। कंपनी को हर महीने 1.5 लाख रुपये प्लस 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान जीडीए को करना था। लेकिन नवंबर 2024 से ही इस फर्म का बकाया चल रहा था। इसके बाद प्राधिकरण ने अनुबंध निरस्त कर दिया।
विज्ञापन
प्लेटफाॅर्म नंबर 10 पर मेसर्स बलराम एपेक्स इंटरप्राइजेज बोटिंग का संचालन करता था। फरवरी 2025 से फर्म ने काम शुरू किया। तीन महीने का एडवांस भी जमा किया गया था। 45 हजार रुपये सिक्योरिटी जमा है। लगभग 2.25 लाख प्रति महीने जीडीए को भुगतान करना था। साथ ही 18 प्रतिशत जीएसटी देनी थी। घाटे के कारण फर्म ने बोटिंग के संचालन में असमर्थता जताते हुए सरेंडर कर दिया।
विज्ञापन
प्लेटफॉर्म नंबर 5 व 6 पर निर्णय बाकी
रामगढ़ताल में प्लेटफॉर्म नंबर 5 व 6 को लेकर अभी फैसला होना है। यहां एक प्लेटफाॅर्म की स्पीड बोट वापस आते हुए दूसरे प्लेटफॉर्म की बोट से टकरा गई थी। घटना में एक व्यक्ति पानी में गिर गया था। उसकी पत्नी व बच्चे को भी चोटें आई थीं। प्राधिकरण ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए दोनों प्लेटफॉर्म से बोटिंग का संचालन रोक दिया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर ही जीडीए अपनी कार्रवाई करेगा। चर्चा है कि नुकसान के डर से अब दोनों फर्में आपस में समझौता करने की तैयारी में हैं। इधर दो नई फर्म की तलाश जीडीए करेगा। इसके लिए आवेदन निकाले जाएंगे। जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि प्लेटफाॅर्म नंबर 7 से बोटिंग का संचालन करने वाली फर्म का एग्रीमेंट बकाए के कारण निरस्त कर दिया गया है। प्लेटफॉर्म नंबर 10 पर जिस फर्म के पास अधिकार था, उसने सरेंडर कर दिया है। प्लेटफॉर्म नंबर 5 व 6 के लिए निर्णय पुलिस रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा।