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रेल बजट : गति बढ़ाने पर सबसे अधिक जोर, दोहरीकरण-तीसरी लाइन पर खर्च होंगे 1,242.10 करोड़
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गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में इस बार भी विकास कार्यों के लिए भरपूर बजट मिला है। सबसे अधिक 1242.10 करोड़ रुपये इस रेल खंड में दूसरी व तीसरी लाइन बनाने पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा नई लाइन बिछाने के लिए भी करीब 1200 करोड़ रुपये मिले हैं। इस धन का सबसे अधिक लाभ भी गोरखपुर को ही मिलेगा। इस रेलवे में गोरखपुर कैंट से वाल्मीकिनगर तक दोहरीकरण, छपरा-बाराबंकी के बीच तीसरी लाइन और गोरखपुर-वाराणसी के बीच दोहरीकरण का काम चल रहा है। वहीं सहजनवा-दोहरीघाट और खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन बिछाने के लिए भी जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है।
यात्रियों के अत्यधिक दबाव वाले पूर्वोत्तर रेलवे में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने पर सरकार का पूरा जोर है। पिछले पांच साल पूर्वोत्तर रेलवे को दोहरीकरण व तीसरी लाइन के लिए बजट तो मिल ही रहा है, मुख्य लाइनों के विकल्प के लिए दूसरी नई लाइनें बिछाने पर भी काम हो रहा है। इसी कड़ी में गोरखपुर जंक्शन को बाईपास देने के लिए घुघली-आनंदनगर लाइन को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा सहजनवा-दोहरीघाट लाइन भी प्रस्तावित है। इन दोनों लाइनों के निर्माण से जरूरत पड़ने पर गोरखपुर स्टेशन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों को इन दोनों वैकल्पिक रूटों से भी निकाला जा सकेगा। इसके अलावा सबसे अधिक जोर बाराबंकी से गोरखपुर होते हुए छपरा तक तीसरी लाइन बिछाने पर है। इसमें से गोरखपुर में डोमिनगढ़ से कुसम्ही तक काम चल ही रहा है। वहीं गोंडा से बहराइच के बीच भी तीसरी लाइन पर काम चल रहा है। शेष जगह सर्वे की प्रक्रिया चल रही है।
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आम बजट 2024-25 में पूर्वोत्तर रेलवे को मिला आवंटन
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उत्तर प्रदेश को रुपये 19,848 करोड़ का आवंटन।
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पूर्वोत्तर रेलवे को रुपये 6470.20 करोड़ आवंटित।
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नई लाइन निर्माण के लिए 1,198.50 करोड़।
● अमान परिवर्तन के बचे कार्यों को पूर्ण करने के लिए 347.24 करोड़।
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दोहरीकरण एवं तीसरी लाइन निर्माण के लिए 1,242.10 करोड़।
●
रेल पथ नवीनीकरण कार्य के लिए 605 करोड़।
● आरओबी/आरयूबी के निर्माण के लिए 441.70 करोड़।
●
पुलों के सुदृढ़ीकरण के लिए 76.76 करोड़।
●
यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं विकास के लिए 549.50 करोड़।
● सिग्नल एवं दूर संचार कार्य के लिए 203.64 करोड़।
●
विद्युत कार्य के लिए 121.30 करोड़।
●
यातायात सुविधाओं के विकास के लिए 541 करोड़।
●
कर्मचारी कल्याण के लिए 19.26 करोड़।
●
विद्युतीकरण कार्य के लिए 111.50 करोड़।
●
सड़क संरक्षा कार्य (समपार) के लिए 51.66 करोड़।
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कोट-
पूर्वोत्तर रेलवे में आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है। इससे ट्रेनों की गति और सुरक्षा दोनों को लाभ होगा। बजट मिलने से नई लाइन बिछाने व दोहरीकरण-तीसरी लाइन के काम में तेजी आएगी।
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पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे
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यात्रियों के अत्यधिक दबाव वाले पूर्वोत्तर रेलवे में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने पर सरकार का पूरा जोर है। पिछले पांच साल पूर्वोत्तर रेलवे को दोहरीकरण व तीसरी लाइन के लिए बजट तो मिल ही रहा है, मुख्य लाइनों के विकल्प के लिए दूसरी नई लाइनें बिछाने पर भी काम हो रहा है। इसी कड़ी में गोरखपुर जंक्शन को बाईपास देने के लिए घुघली-आनंदनगर लाइन को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा सहजनवा-दोहरीघाट लाइन भी प्रस्तावित है। इन दोनों लाइनों के निर्माण से जरूरत पड़ने पर गोरखपुर स्टेशन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों को इन दोनों वैकल्पिक रूटों से भी निकाला जा सकेगा। इसके अलावा सबसे अधिक जोर बाराबंकी से गोरखपुर होते हुए छपरा तक तीसरी लाइन बिछाने पर है। इसमें से गोरखपुर में डोमिनगढ़ से कुसम्ही तक काम चल ही रहा है। वहीं गोंडा से बहराइच के बीच भी तीसरी लाइन पर काम चल रहा है। शेष जगह सर्वे की प्रक्रिया चल रही है।
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आम बजट 2024-25 में पूर्वोत्तर रेलवे को मिला आवंटन
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उत्तर प्रदेश को रुपये 19,848 करोड़ का आवंटन।
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पूर्वोत्तर रेलवे को रुपये 6470.20 करोड़ आवंटित।
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नई लाइन निर्माण के लिए 1,198.50 करोड़।
● अमान परिवर्तन के बचे कार्यों को पूर्ण करने के लिए 347.24 करोड़।
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दोहरीकरण एवं तीसरी लाइन निर्माण के लिए 1,242.10 करोड़।
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रेल पथ नवीनीकरण कार्य के लिए 605 करोड़।
● आरओबी/आरयूबी के निर्माण के लिए 441.70 करोड़।
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पुलों के सुदृढ़ीकरण के लिए 76.76 करोड़।
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यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं विकास के लिए 549.50 करोड़।
● सिग्नल एवं दूर संचार कार्य के लिए 203.64 करोड़।
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विद्युत कार्य के लिए 121.30 करोड़।
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यातायात सुविधाओं के विकास के लिए 541 करोड़।
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कर्मचारी कल्याण के लिए 19.26 करोड़।
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विद्युतीकरण कार्य के लिए 111.50 करोड़।
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सड़क संरक्षा कार्य (समपार) के लिए 51.66 करोड़।
कोट-
पूर्वोत्तर रेलवे में आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है। इससे ट्रेनों की गति और सुरक्षा दोनों को लाभ होगा। बजट मिलने से नई लाइन बिछाने व दोहरीकरण-तीसरी लाइन के काम में तेजी आएगी।
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पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे