{"_id":"688532e675ee511c070b5a67","slug":"gorakhpur-news-power-cuts-officers-alerted-by-chief-ministers-strictness-now-quick-response-team-to-fix-faults-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-1016388-2025-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली कटौती : मुख्यमंत्री की सख्ती पर चेते अफसर, फाॅल्ट ठीक करने को अब क्विक रिस्पांस टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली कटौती : मुख्यमंत्री की सख्ती पर चेते अफसर, फाॅल्ट ठीक करने को अब क्विक रिस्पांस टीम
Sun, 27 Jul 2025 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 27 Jul 2025 01:26 AM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद प्रशासन की बढ़ी सक्रियता, कमिश्नर की अध्यक्षता में प्रशासनिक अफसरों व बिजली निगम के अफसरों की हुई बैठक
बिजली संकट दूर करने को उपकेंद्रों की बढ़ेगी क्षमता, ओवरलोड ट्रांसफाॅर्मर भी होंगे चिह्नित
गोरखपुर। बेतहाशा बिजली कटौती से बिगड़ रही व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद अब जिला प्रशासन ने भी उपाय तलाशना शुरू कर दिया है। शनिवार को बिजली निगम के अफसरों के साथ बैठक कर कहा गया कि फॉल्ट ठीक करने के लिए क्विक रिस्पांस टीम गठित करें। इसके अलावा जहां ट्रांसफाॅर्मर पर 80 फीसदी से अधिक लोड है, वहां वैकल्पिक ट्रांसफाॅर्मर लगाकर क्षमता बढ़ाएं। इसके अलावा बिजली निगम के सभी अफसर मोबाइल ऑन रखें, जिससे कि दिक्कत होने पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए।
इस बार जुलाई में औसत से 22 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बीते मंगलवार और बुधवार को मुख्यमंत्री शहर के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। दोनों ही दिन तेज गर्मी से लोग व्याकुल हो गए थे। उस दौरान बिजली पर लोड 120 प्रतिशत हो गया था। इस वजह से जगह-जगह फाॅल्ट होने लगा। कई जगह ट्रांसफाॅर्मर भी खराब हो गए। उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती से नाराज लोगों ने हंगामा किया। महराजगंज हाईवे को लोगों ने जाम भी किया। शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री ने बिजली निगम के अफसरों के साथ बैठक कर बिजली कटौती पर रोक लगाने और संकट से उबरने के तत्काल उपाय करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद शनिवार को कमिश्नर अनिल ढींगरा व डीएम कृष्णा करुणेश ने बिजली निगम के अधिकारियों के साथ जनपद के विद्युत वितरण में आ रहे अवरोध के संबंध में आयुक्त सभागार में समीक्षा बैठक की। इस दौरान कमिश्नर ने मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि ओवरलोड होने वाले सब स्टेशनों को चिह्नित कर वहां क्षमता बढ़ोतरी के लिए प्रस्ताव भेजें। इसके अलावा 80 प्रतिशत से अधिक लोड वाले ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए दूसरे ट्रांसफाॅर्मर लगाए जाएं। इस दौरान बिजली निगम के अफसरों ने बताया कि स्टोर में 290 अतिरिक्त ट्रांसफाॅर्मर हैं।
विज्ञापन
डीएम कृष्णा करुणेश ने निर्देश दिया कि जहां कहीं ट्रांसफाॅर्मर जलने की सूचना मिले तो जितना जल्द हो सके, वहां का ट्रांसफाॅर्मर बदला जाए। फाॅल्ट ठीक करने के लिए लाइनमैनों की क्विक रिस्पांस टीम का गठन करें जो सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर फाॅल्ट को ठीक करें। इसके अलावा सभी संबंधित अधिकारी अपना सीयूजी नंबर हर वक्त ऑन रखें और मोबाइल पर लोगों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनकर उसका समाधान करें। एई और जेई फील्ड में अवश्य रहें। कंट्रोल रूम से भी उपभोक्ताओं को क्विक रिस्पांस दिया जाए। इन मामलों में लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने बिजली वितरण में किसी भी प्रकार की समस्या न आए, इसके लिए मुख्य अभियंता को स्वयं मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
बिजली संकट दूर करने को उपकेंद्रों की बढ़ेगी क्षमता, ओवरलोड ट्रांसफाॅर्मर भी होंगे चिह्नित
गोरखपुर। बेतहाशा बिजली कटौती से बिगड़ रही व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद अब जिला प्रशासन ने भी उपाय तलाशना शुरू कर दिया है। शनिवार को बिजली निगम के अफसरों के साथ बैठक कर कहा गया कि फॉल्ट ठीक करने के लिए क्विक रिस्पांस टीम गठित करें। इसके अलावा जहां ट्रांसफाॅर्मर पर 80 फीसदी से अधिक लोड है, वहां वैकल्पिक ट्रांसफाॅर्मर लगाकर क्षमता बढ़ाएं। इसके अलावा बिजली निगम के सभी अफसर मोबाइल ऑन रखें, जिससे कि दिक्कत होने पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए।
इस बार जुलाई में औसत से 22 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बीते मंगलवार और बुधवार को मुख्यमंत्री शहर के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। दोनों ही दिन तेज गर्मी से लोग व्याकुल हो गए थे। उस दौरान बिजली पर लोड 120 प्रतिशत हो गया था। इस वजह से जगह-जगह फाॅल्ट होने लगा। कई जगह ट्रांसफाॅर्मर भी खराब हो गए। उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती से नाराज लोगों ने हंगामा किया। महराजगंज हाईवे को लोगों ने जाम भी किया। शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री ने बिजली निगम के अफसरों के साथ बैठक कर बिजली कटौती पर रोक लगाने और संकट से उबरने के तत्काल उपाय करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
इसके बाद शनिवार को कमिश्नर अनिल ढींगरा व डीएम कृष्णा करुणेश ने बिजली निगम के अधिकारियों के साथ जनपद के विद्युत वितरण में आ रहे अवरोध के संबंध में आयुक्त सभागार में समीक्षा बैठक की। इस दौरान कमिश्नर ने मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि ओवरलोड होने वाले सब स्टेशनों को चिह्नित कर वहां क्षमता बढ़ोतरी के लिए प्रस्ताव भेजें। इसके अलावा 80 प्रतिशत से अधिक लोड वाले ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए दूसरे ट्रांसफाॅर्मर लगाए जाएं। इस दौरान बिजली निगम के अफसरों ने बताया कि स्टोर में 290 अतिरिक्त ट्रांसफाॅर्मर हैं।
विज्ञापन
डीएम कृष्णा करुणेश ने निर्देश दिया कि जहां कहीं ट्रांसफाॅर्मर जलने की सूचना मिले तो जितना जल्द हो सके, वहां का ट्रांसफाॅर्मर बदला जाए। फाॅल्ट ठीक करने के लिए लाइनमैनों की क्विक रिस्पांस टीम का गठन करें जो सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर फाॅल्ट को ठीक करें। इसके अलावा सभी संबंधित अधिकारी अपना सीयूजी नंबर हर वक्त ऑन रखें और मोबाइल पर लोगों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनकर उसका समाधान करें। एई और जेई फील्ड में अवश्य रहें। कंट्रोल रूम से भी उपभोक्ताओं को क्विक रिस्पांस दिया जाए। इन मामलों में लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने बिजली वितरण में किसी भी प्रकार की समस्या न आए, इसके लिए मुख्य अभियंता को स्वयं मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।