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Gorakhpur News: देर से पहुंची पुलिस..पकड़े तस्कर को लगी छुड़ाने तो भड़का ग्रामीणों का गुस्सा
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पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल धूषण चौराहे के पास स्थानीय लोगो द्वारा पथराव के कारण सड़क पर फैला
छात्र की हत्या का मामला: पांच घंटे तक चला हंगामा, पुलिस पर तीन बार हुआ पथराव
गोरखपुर-पिपराइच मार्ग पर सुबह 7:30 से दोपहर डेढ़ बजे तक जाम रहा, छावनी में तब्दील हुआ चौराहा
मां की गुहार- बेटे के हत्यारों को जान से मार दिया जाए तभी मिलेगी शांति
गोरखपुर। नीट की तैयारी कर रहे छात्र दीपक गुप्ता की हत्या से नाराज ग्रामीणों ने पांच घटे तक गोरखपुर-पिपराइच मार्ग पर जाम लगाकर हंगामा किया। उन्हें रोकने की कोशिश कर रही पुलिस से कई बार धक्का-मुक्की हुई। ग्रामीणाें ने तीन बार पथराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी देर से पहुंची पुलिस अगवा किए गए दीपक को खोजने के बजाए तस्कर को ही छुड़ाने में लगी रही। समय से पीछा करती तो शायद उसकी जान बच जाती।
इसको लेकर ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस पर भड़क उठा। वहीं दीपक की की मां सीमा ने रोते हुए कहा कि उनके बेटे के हत्यारों को जान से मार दिया जाए, तभी उन्हें शांति मिलेगी।
ग्रामीणों ने मुआवजा और आरोपियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे गोरखपुर-पिपराइच मार्ग पर जाम लगा दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने पिपराइच पुलिस पर पशु तस्करों से साठगांठ का भी आरोप लगाया। वहीं हंगामे के चार घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के उच्चाधिकारियों के घटनास्थल पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता गया। लोग सड़क पर उतर आए और यातायात बाधित कर दिया।
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जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली और आने-जाने वालों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों में कई महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे। मृतक के परिजनों का कहना था कि प्रशासन व पुलिस जब तक ठोस कार्रवाई नहीं करेगी, तब तक वह शांत नहीं होंगे।
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11:30 बजे के बाद पहुंचे उच्चाधिकारी
ग्रामीण गुलरिहा रोड जाम करने की बात कहते हुए जंगल धूसड़ तिराहे से निकले तो वहां मौजूद एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल और सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने उच्चाधिकारियों काे फोन कर सूचना दी। इसके बाद 11:45 बजे डीआईजी, डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे। कमला गेस्ट हाउस के कार्यालय में बैठकर परिजनों से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही परिजन और ग्रामीण शांत हुए और जाम हटाया गया।
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पढ़ने में होनहार था दीपक... इंटर किया था टॉप
पिपराइच के महुआ चाफी में पशु तस्करों की क्रूरता का शिकार दुर्गेश गुप्ता का बड़ा बेटा दीपक दो भाइयों में बड़ा था। दुर्गेश कंपाउंडर का काम करते हैं। बड़ा बेटा दीपक गुप्ता (19) इंटर के बाद नीट की तैयारी करता था और परिवार के लोगों का व्यवसाय भी संभालता था। ग्रामीणों के अनुसार दीपक गुप्ता काफी होनहार था। उसने पादरी बाजार स्थित एक इंटर कॉलेज से इसी वर्ष इंटर टॉप किया था। इसके बाद वह नीट की तैयारी कर रहा था। वह क्रिकेट खेलने का भी शौकीन था। उसके साथ वह परिवार के लोगों के फर्नीचर, आरओ प्लांट और ट्रेवल्स एजेंसी के व्यवसाय में भी सहयोग करता था।
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सीएम से पिता ने की मांग- आरोपियों को मिले फांसी की सजा
मृतक दीपक के पिता दुर्गेश गुप्ता ने आरोपियों की गिरफ्तार कर फांसी देने की मांग की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके बेटे की पशु तस्करों ने निर्मम हत्या की है। उन्होंने पांच बिंदुओं पर मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र जिला प्रशासन को सौंपा है। उनकी मांग है कि उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। दोषियों को फांसी की सजा मिले। परिवार और ग्रामीणों का पुलिस उत्पीड़न न करें न कोई कानूनी कार्रवाई करें। स्थानीय चौकी जंगल छत्रधारी, जंगल धूसड़ और थाने के पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जाए।
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पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप
जंगल धूषण क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इस इलाके में पशु तस्करों का उत्पात दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि रात के समय पशु तस्कर गांव में खूंटे में बंधे गाय और भैंस को खोल कर उठा ले जा रहे हैं। शहर की सड़कों पर बैठे जानवर को भी उठा ले जा रहे हैं। कई लोगों ने पुलिस से शिकायत भी की लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे पशु तस्करों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।
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घर को बचाने के लिए दीपक को चुकानी पड़ी जान
पिपराइच क्षेत्र के महुआ चाफी गांव के नीट छात्र दीपक गुप्ता (19) की हत्या की कहानी बेहद दर्दनाक है। परिवार का मकान नहर रोड पर है, जहां दादा खरबान गुप्ता और भांजा मोनू रहते हैं। वारदात की रात करीब 11:15 बजे खरबान गुप्ता ने सड़क पर दो पिकअप गाड़ियां देखीं, जो आगे-पीछे कर हेडलाइट ऑन-ऑफ कर रही थीं। शक होने पर उन्होंने छत से नाती मोनू को आवाज दी कि चोर आए हैं। मोनू डर कर ऊपर से ही हालात देख रहा था और तुरंत अपने मामा के बेटे दीपक को फोन कर बुला लिया। दीपक मौके पर पहुंचा तो तस्करों से उसकी झड़प हो गई। कुछ ही देर बाद युवक की हत्या कर दी गई। परिवार का कहना है कि दीपक केवल दुकान व घर की रक्षा के लिए पहुंचा था। पिता और दादा ने सवाल उठाया कि आखिर पशु तस्करों का नेटवर्क इतना मजबूत कैसे है कि खुलेआम गाड़ियों से घूमकर वारदात करते हैं। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में गुस्सा और आक्रोश फैला दिया है।
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तस्करों को पहचान लिया था दीपक ने..इसलिए की गई हत्या
पिपराइच। पिपराइच क्षेत्र में पशु तस्करों द्वारा की गई 19 वर्षीय नीट छात्र दीपक गुप्ता की हत्या अब कई सवालों को जन्म दे रही है। ग्रामीण इस घटना को केवल हत्या ही नहीं, बल्कि किसी की पहचान छिपाने से भी जोड़कर देख रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में केवल बाहरी तस्कर ही नहीं बल्कि स्थानीय मददगार भी शामिल हैं। दीपक ने तस्करों में किसी की पहचान कर ली थी और ऐसा करने से मना किया था, इसीलिए उसकी हत्या की गई।
ग्रामीणों के मुताबिक, वारदात की रात तस्कर एक डीसीएम वाहन पर चार पशु लाद चुके थे, वहीं दूसरे वाहन पर लादने की तैयारी चल रही थी। दीपक ने उन्हें पहचान लिया, इसलिए बचने के लिए तस्करों ने उसे जबरन खाली गाड़ी में डाल लिया और वहां से भाग गए। इसके बाद उसका शव गांव से काफी दूर फोरलेन पर मिला। शव मिलने से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने इस मामले को महज तस्करी की वारदात न मानते हुए हत्या की साजिश करार दिया।
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पशु तस्करों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश
पिपराइच। जंगल धूषण में सड़क जाम के दौरान आए कई गांवों के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना था कि पहले भी कई घटनाएं इसी क्षेत्र में हुई हैं पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसी का परिणाम है कि आज दीपक को जान गंवानी पड़ी।
तिकोनिया नंबर दो निवासी कृष्ण कुमार और मोहनापुर के युवाओं का कहना था कि दो दिन पहले मोहनापुर में भी एक जनप्रतिनिधि के मकान के पास पशु तस्कर पशु लाद रहे थे। इस दौरान गांववालों ने जब उन्हें घेरने की कोशिश की तो तस्करों ने असलहा लहराते हुए पत्थरबाजी की और मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने इस घटना का वीडियो भी दिखाया। इसी तरह की एक और बड़ी घटना एक सप्ताह पहले पिपराइच चीनी मिल परिसर में हुई। वहां रात में संदिग्ध हालात में एक पिकअप खड़ी देख चीनी मिल सुरक्षा अधिकारी दुर्गेश तिवारी ने रुकने का कारण पूछा। इस पर पशु तस्करों ने उन पर प्राणघातक हमला कर दिया, उनकी बाइक तोड़ दी और मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। इस मामले में पुलिस थाने में केस दर्ज है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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गोरखपुर-पिपराइच मार्ग पर सुबह 7:30 से दोपहर डेढ़ बजे तक जाम रहा, छावनी में तब्दील हुआ चौराहा
मां की गुहार- बेटे के हत्यारों को जान से मार दिया जाए तभी मिलेगी शांति
गोरखपुर। नीट की तैयारी कर रहे छात्र दीपक गुप्ता की हत्या से नाराज ग्रामीणों ने पांच घटे तक गोरखपुर-पिपराइच मार्ग पर जाम लगाकर हंगामा किया। उन्हें रोकने की कोशिश कर रही पुलिस से कई बार धक्का-मुक्की हुई। ग्रामीणाें ने तीन बार पथराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी देर से पहुंची पुलिस अगवा किए गए दीपक को खोजने के बजाए तस्कर को ही छुड़ाने में लगी रही। समय से पीछा करती तो शायद उसकी जान बच जाती।
इसको लेकर ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस पर भड़क उठा। वहीं दीपक की की मां सीमा ने रोते हुए कहा कि उनके बेटे के हत्यारों को जान से मार दिया जाए, तभी उन्हें शांति मिलेगी।
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ग्रामीणों ने मुआवजा और आरोपियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे गोरखपुर-पिपराइच मार्ग पर जाम लगा दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने पिपराइच पुलिस पर पशु तस्करों से साठगांठ का भी आरोप लगाया। वहीं हंगामे के चार घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के उच्चाधिकारियों के घटनास्थल पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता गया। लोग सड़क पर उतर आए और यातायात बाधित कर दिया।
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11:30 बजे के बाद पहुंचे उच्चाधिकारी
ग्रामीण गुलरिहा रोड जाम करने की बात कहते हुए जंगल धूसड़ तिराहे से निकले तो वहां मौजूद एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल और सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने उच्चाधिकारियों काे फोन कर सूचना दी। इसके बाद 11:45 बजे डीआईजी, डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे। कमला गेस्ट हाउस के कार्यालय में बैठकर परिजनों से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही परिजन और ग्रामीण शांत हुए और जाम हटाया गया।
पढ़ने में होनहार था दीपक... इंटर किया था टॉप
पिपराइच के महुआ चाफी में पशु तस्करों की क्रूरता का शिकार दुर्गेश गुप्ता का बड़ा बेटा दीपक दो भाइयों में बड़ा था। दुर्गेश कंपाउंडर का काम करते हैं। बड़ा बेटा दीपक गुप्ता (19) इंटर के बाद नीट की तैयारी करता था और परिवार के लोगों का व्यवसाय भी संभालता था। ग्रामीणों के अनुसार दीपक गुप्ता काफी होनहार था। उसने पादरी बाजार स्थित एक इंटर कॉलेज से इसी वर्ष इंटर टॉप किया था। इसके बाद वह नीट की तैयारी कर रहा था। वह क्रिकेट खेलने का भी शौकीन था। उसके साथ वह परिवार के लोगों के फर्नीचर, आरओ प्लांट और ट्रेवल्स एजेंसी के व्यवसाय में भी सहयोग करता था।
सीएम से पिता ने की मांग- आरोपियों को मिले फांसी की सजा
मृतक दीपक के पिता दुर्गेश गुप्ता ने आरोपियों की गिरफ्तार कर फांसी देने की मांग की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके बेटे की पशु तस्करों ने निर्मम हत्या की है। उन्होंने पांच बिंदुओं पर मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र जिला प्रशासन को सौंपा है। उनकी मांग है कि उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। दोषियों को फांसी की सजा मिले। परिवार और ग्रामीणों का पुलिस उत्पीड़न न करें न कोई कानूनी कार्रवाई करें। स्थानीय चौकी जंगल छत्रधारी, जंगल धूसड़ और थाने के पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जाए।
पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप
जंगल धूषण क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इस इलाके में पशु तस्करों का उत्पात दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि रात के समय पशु तस्कर गांव में खूंटे में बंधे गाय और भैंस को खोल कर उठा ले जा रहे हैं। शहर की सड़कों पर बैठे जानवर को भी उठा ले जा रहे हैं। कई लोगों ने पुलिस से शिकायत भी की लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे पशु तस्करों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।
घर को बचाने के लिए दीपक को चुकानी पड़ी जान
पिपराइच क्षेत्र के महुआ चाफी गांव के नीट छात्र दीपक गुप्ता (19) की हत्या की कहानी बेहद दर्दनाक है। परिवार का मकान नहर रोड पर है, जहां दादा खरबान गुप्ता और भांजा मोनू रहते हैं। वारदात की रात करीब 11:15 बजे खरबान गुप्ता ने सड़क पर दो पिकअप गाड़ियां देखीं, जो आगे-पीछे कर हेडलाइट ऑन-ऑफ कर रही थीं। शक होने पर उन्होंने छत से नाती मोनू को आवाज दी कि चोर आए हैं। मोनू डर कर ऊपर से ही हालात देख रहा था और तुरंत अपने मामा के बेटे दीपक को फोन कर बुला लिया। दीपक मौके पर पहुंचा तो तस्करों से उसकी झड़प हो गई। कुछ ही देर बाद युवक की हत्या कर दी गई। परिवार का कहना है कि दीपक केवल दुकान व घर की रक्षा के लिए पहुंचा था। पिता और दादा ने सवाल उठाया कि आखिर पशु तस्करों का नेटवर्क इतना मजबूत कैसे है कि खुलेआम गाड़ियों से घूमकर वारदात करते हैं। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में गुस्सा और आक्रोश फैला दिया है।
तस्करों को पहचान लिया था दीपक ने..इसलिए की गई हत्या
पिपराइच। पिपराइच क्षेत्र में पशु तस्करों द्वारा की गई 19 वर्षीय नीट छात्र दीपक गुप्ता की हत्या अब कई सवालों को जन्म दे रही है। ग्रामीण इस घटना को केवल हत्या ही नहीं, बल्कि किसी की पहचान छिपाने से भी जोड़कर देख रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में केवल बाहरी तस्कर ही नहीं बल्कि स्थानीय मददगार भी शामिल हैं। दीपक ने तस्करों में किसी की पहचान कर ली थी और ऐसा करने से मना किया था, इसीलिए उसकी हत्या की गई।
ग्रामीणों के मुताबिक, वारदात की रात तस्कर एक डीसीएम वाहन पर चार पशु लाद चुके थे, वहीं दूसरे वाहन पर लादने की तैयारी चल रही थी। दीपक ने उन्हें पहचान लिया, इसलिए बचने के लिए तस्करों ने उसे जबरन खाली गाड़ी में डाल लिया और वहां से भाग गए। इसके बाद उसका शव गांव से काफी दूर फोरलेन पर मिला। शव मिलने से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने इस मामले को महज तस्करी की वारदात न मानते हुए हत्या की साजिश करार दिया।
पशु तस्करों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश
पिपराइच। जंगल धूषण में सड़क जाम के दौरान आए कई गांवों के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना था कि पहले भी कई घटनाएं इसी क्षेत्र में हुई हैं पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसी का परिणाम है कि आज दीपक को जान गंवानी पड़ी।
तिकोनिया नंबर दो निवासी कृष्ण कुमार और मोहनापुर के युवाओं का कहना था कि दो दिन पहले मोहनापुर में भी एक जनप्रतिनिधि के मकान के पास पशु तस्कर पशु लाद रहे थे। इस दौरान गांववालों ने जब उन्हें घेरने की कोशिश की तो तस्करों ने असलहा लहराते हुए पत्थरबाजी की और मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने इस घटना का वीडियो भी दिखाया। इसी तरह की एक और बड़ी घटना एक सप्ताह पहले पिपराइच चीनी मिल परिसर में हुई। वहां रात में संदिग्ध हालात में एक पिकअप खड़ी देख चीनी मिल सुरक्षा अधिकारी दुर्गेश तिवारी ने रुकने का कारण पूछा। इस पर पशु तस्करों ने उन पर प्राणघातक हमला कर दिया, उनकी बाइक तोड़ दी और मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। इस मामले में पुलिस थाने में केस दर्ज है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।