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Gorakhpur News: जूनियर हुए 21 दरोगाओं का पीएनओ सुधरा, 184 का बाकी
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गोरखपुर। जिले के बाबुओं की गलती से नौकरी में दो साल जूनियर हुए दरोगाओं के बैच के सुधार की प्रक्रिया सात साल बाद तेज हो गई है। अब तक 21 दरोगाओं के बैच को सुधारा जा चुका है जबकि 184 के अभी बाकी है। इनमें 44 का जिले से ट्रांसफर हो गया है लिहाजा उन्हें भी सूचना दी जा रही है जिससे वह अपना आवेदन भर सकें। सुधार की प्रक्रिया पर एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर स्वयं नजर रख रहे हैं। वहीं एसपी ऑफिस इससे जुड़ी दिक्कत पर मुख्यालय से बात कर ठीक करा रहे हैं। एसएसपी ने बताया कि इसी सप्ताह गोरखपुर जिले में तैनात सभी दरोगाओं का बैच सुधार कर 2015 का पीएनओ नंबर जारी करा दिया जाएगा।
दरअसल, यूपी के तीन जिलों (गोरखपुर, अयोध्या और बरेली) के बाबुओं ने अपने यहां ज्वाइन करने वाले सब इंस्पेक्टर को दो साल जूनियर कर दिया था। उन्होंने जिले की ज्वाइनिंग डेट को ही बैच बना दिया था। जबकि अन्य जिलों ने ट्रेनिंग डेट को बैच बनाते हुए पीएनओ जारी किए थे। इससे एक ही साथ काम करने वाले दरोगा अगर इन तीनों जिले में नौकरी ज्वाॅइन किए तो दो साल जूनियर हो गए। जबकि यूपी के अन्य जिलों में ज्वाइन करने वाले उनके साथी दरोगा दो साल सीनियर हो गए।
दरोगाओं ने यह मामला उठाया पर बाबू गुमराह करते रहे। अयोध्या में तैनात एक दरोगा हाईकोर्ट चला गए। हाईकोर्ट ने जब संज्ञान लिया तब मुख्यालय ने गलती सुधारने का निर्देश दिया। अयोध्या ने अपने यहां गलती सुधार कर ली। गोरखपुर ने भी इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत सभी दरोगाओं से आवेदन मांगे गए। पता चला कि गोरखपुर में सबसे ज्यादा 205 के करीब दरोगा को जूनियर किए गए थे। 21 के पीएनओ नंबर ठीक करा दिए गए हैं।
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क्या होता है पीएनओ
पुलिसकर्मियों की जब नियुक्ति होती है तो उन्हें 9 अंक का एक नंबर दिया जाता है। इसे ही पीएनओ नंबर कहा जाता है। इसी नंबर के आधार पर नौकरी के कार्यकाल में उनकी पहचान होती है। प्रमोशन और इंक्रीमेंट होते हैं।
कोट-
2015 की जगह 2017 बैच एलाट होने वाले दरोगाओं से आवेदन लेकर उनके पीएनओ नंबर ठीक कराए जा रहे हैं। अब तक 21 के पीएनओ नंबर ठीक करा दिए गए हैं। इसी सप्ताह सभी के पीएनओ नंबर ठीक करा दिया जाएंगे। कुछ लोग ट्रांसफर पर दूसरे जिले में चले गए हैं उनकी प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी।
डाॅ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
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दरअसल, यूपी के तीन जिलों (गोरखपुर, अयोध्या और बरेली) के बाबुओं ने अपने यहां ज्वाइन करने वाले सब इंस्पेक्टर को दो साल जूनियर कर दिया था। उन्होंने जिले की ज्वाइनिंग डेट को ही बैच बना दिया था। जबकि अन्य जिलों ने ट्रेनिंग डेट को बैच बनाते हुए पीएनओ जारी किए थे। इससे एक ही साथ काम करने वाले दरोगा अगर इन तीनों जिले में नौकरी ज्वाॅइन किए तो दो साल जूनियर हो गए। जबकि यूपी के अन्य जिलों में ज्वाइन करने वाले उनके साथी दरोगा दो साल सीनियर हो गए।
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दरोगाओं ने यह मामला उठाया पर बाबू गुमराह करते रहे। अयोध्या में तैनात एक दरोगा हाईकोर्ट चला गए। हाईकोर्ट ने जब संज्ञान लिया तब मुख्यालय ने गलती सुधारने का निर्देश दिया। अयोध्या ने अपने यहां गलती सुधार कर ली। गोरखपुर ने भी इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत सभी दरोगाओं से आवेदन मांगे गए। पता चला कि गोरखपुर में सबसे ज्यादा 205 के करीब दरोगा को जूनियर किए गए थे। 21 के पीएनओ नंबर ठीक करा दिए गए हैं।
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क्या होता है पीएनओ
पुलिसकर्मियों की जब नियुक्ति होती है तो उन्हें 9 अंक का एक नंबर दिया जाता है। इसे ही पीएनओ नंबर कहा जाता है। इसी नंबर के आधार पर नौकरी के कार्यकाल में उनकी पहचान होती है। प्रमोशन और इंक्रीमेंट होते हैं।
कोट-
2015 की जगह 2017 बैच एलाट होने वाले दरोगाओं से आवेदन लेकर उनके पीएनओ नंबर ठीक कराए जा रहे हैं। अब तक 21 के पीएनओ नंबर ठीक करा दिए गए हैं। इसी सप्ताह सभी के पीएनओ नंबर ठीक करा दिया जाएंगे। कुछ लोग ट्रांसफर पर दूसरे जिले में चले गए हैं उनकी प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी।
डाॅ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी