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मरीज माफिया: सख्ती बढ़ी तो तीमारदार बनकर घूम रहे अस्पताल में

Tue, 14 Oct 2025 02:28 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 14 Oct 2025 02:28 AM IST
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Gorakhpur News: Patient mafia: As the strictness increased, they started roaming around the hospital posing as attendants.
चिलुआताल थाना क्षेत्र के फत्तेपुर स्थित निजी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद मरीज माफिया का खेल आया सामने
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गंभीर मरीजों को गोरखपुर में ही सस्ता और आसानी से इलाज उपलब्ध कराने का देते हैं झांसा
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अपने चार पहिया वाहन या एंबुलेंस से इलाज कराने आए मरीजों का हर दिन डाटा तैयार हो रहा है। निगरानी के लिए गार्डों की संख्या बढ़ाई गई है। इसके बावजूद निजी अस्पतालों के दलाल खुद को किसी मरीज का तीमारदार बताकर घूमते रहते हैं। जैसे ही कोई मरीज या तीमारदार परेशान दिखता है, ये दलाल अपनत्व दिखाते हुए निजी अस्पताल भेजवा दे रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड ही नहीं जनरल और ओपीडी वार्ड तक दलाल बीमार लोगों के परिजनों को झांसे में लेकर निजी अस्पताल पहुंचाते रहे हैं। कई बार इस तरह का प्रकरण आने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लिया और अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई हुई। इसके बाद स्थिति में बदलाव आया लेकिन जैसे ही मामला शांत हुआ मरीज माफिया का नेटवर्क फिर से सक्रिय हो गया है।
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रविवार की रात चिलुआताल इलाके के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान घायल युवक की मौत ने इस खेल को फिर से उजागर कर दिया। गंभीर रूप से घायल इस मरीज को मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने हॉयर सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। परेशान परिजनों को मेडिकल कॉलेज में सक्रिय माफिया ने झांसे में लिया और उसे चिलुआताल इलाके के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
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कोट
मरीज माफिया पर निगरानी के लिए मेन गेट, इमरजेंसी वार्ड समेत अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर गार्डों की संख्या बढ़ाने के साथ ही यह निर्देश भी दिया गया है कि गेट से बिना लिखा-पढ़ी के कोई चार पहिया वाहन परिसर में प्रवेश नहीं करेगा। इन दिनों औसतन एक हजार गाड़ियां 12 घंटे के अंदर अस्पताल आ-जा रही हैं। चिलुआताल प्रकरण जानकारी में नहीं है। जो भी हुआ होगा, परिसर के बाहर ही हुआ होगा।

- डॉ. रामकुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज
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