{"_id":"68279252e01f78970a0eb10c","slug":"gorakhpur-news-parking-places-will-be-decided-after-the-surveyfee-will-be-charged-according-to-the-area-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-939346-2025-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: सर्वे के बाद तय होंगे पार्किंग स्थल...इलाके के अनुसार लगेगा शुल्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: सर्वे के बाद तय होंगे पार्किंग स्थल...इलाके के अनुसार लगेगा शुल्क
विज्ञापन
पूरे शहर में पार्किंग स्थल के लिए जगह तलाश करेगी नगर निगम की टीम, लोगों से फीडबैक भी लेगी
पार्किंग नियमावली को नगर निगम बोर्ड से मिल गई है स्वीकृति
गोरखपुर। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इसके लिए पूरे शहर का सर्वे कर पार्किंग स्थल के लिए जगह चिह्नित की जाएगी। इलाके के अनुसार इसका शुल्क तय किया जाएगा। इसके बाद सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करने पर जुर्माना देना होगा।
शासन से जारी उत्तर प्रदेश नगर निगम (पार्किंग स्थान का सन्निर्माण, अनुरक्षण और प्रचालन) नियमावली-2025 को नगर निगम बोर्ड से स्वीकृति मिल गई है। पार्किंग के लिए नगर आयुक्त की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय कमेटी गठित होगी। सहायक अभियंता कमेटी के सचिव होंगे। यह कमेटी 90 दिनों में पार्किंग स्थलों की सूची जारी करेगी। पीपीपी मॉडल पर भी पार्किंग की सुविधा विकसित करने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा।
बड़े पार्किंग स्थलों पर कार बाजार के साथ उसमें कार धुलाई की व्यवस्था भी होगी। निगम क्षेत्र में खुले स्थान पर भी पार्किंग का ठेका दिया जाएगा। इसमें मैदान, सड़क के किनारे चौड़े फुटपाथ वाले स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। कोई भी व्यक्ति मनमाने तरीके से अपने घर के बाहर या फिर अपनी खाली जमीन पर पार्किंग नहीं चला पाएगा। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, कार्यालय, स्कूल, डिग्री कॉलेज, छात्रावासों, फैक्ट्रियों, अस्पतालों, व्यवसायिक भवनों के पास लोगों की सुविधाओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था होगी।
विज्ञापन
गलियों और मिश्रित भू-उपयोग वाले स्थानों पर भी पहली बार पार्किंग ठेका देने की व्यवस्था होगी। इधर, शुक्रवार को पूरे शहर में इसकी चर्चा होती रही। लोग इस बात को लेकर चर्चा करते रहे कि जिनके घर में गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं है, उन्हें निगम को शुल्क देना पड़ेगा।
--
जाम वाले इलाकों में पहले सुविधा
नगर निगम इस व्यवस्था को पहले उन इलाकों में लागू करेगा, जहां आए दिन जाम लगता है। टीम पूरे शहर का सर्वे कर इन्हें चिह्नित करेगी। उन इलाकों में पार्किंग की सुविधा विकसित करने के बाद इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। जहां जाम नहीं लग रहा, वहां आगे इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
--
इलाकों के अनुसार देना होगा शुल्क
पार्किंग के लिए शुल्क लोगों को इलाके के अनुसार देना पड़ेगा। बाजार में यह ज्यादा होगा। वहीं, आवासीय कॉलोनी और मोहल्ले में अंतर हो सकता है। शासन की ओर से पार्किंग की दरें निर्धारित की गई हैं, लेकिन नगर निगम इसे अपने अनुसार बदल सकता है। अलग-अलग इलाकों के रेट भी अलग हो सकते हैं।
--
अवैध पार्किंग वालों के खिलाफ कार्रवाई
अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर आयुक्त को अधिकृत किया गया है। यह भी देखा जाएगा कि अवैध पार्किंग उस जगह पर कितने दिनों से चल रही है। अवैध पार्किंग से कितनी कमाई हुई होगी, इस आधार पर जुर्माना वसूला जाएगा। जरूरत पड़ी तो अवैध पार्किंग चलाने वाले के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही लाइसेंस लेकर पार्किंग चलाने वाला यदि नियमों का उल्लंघन करता है तो उसका भी लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। नगर आयुक्त की अध्यक्षता में बनी समिति का यह काम होगा कि एक टीम बनाकर शहर में बने पार्किंग स्थलों का भ्रमण कराए। इस दौरान आम लोगों से फीडबैक भी लिया जाएगा।
मोबाइल एप पर मिलेगी पार्किंग की जानकारी
नियमावली लागू होने के बाद नागरिकों को मोबाइल एप पर पार्किंग की जानकारी मिलेगी। ऑनलाइन पार्किंग शुल्क भुगतान सुविधा भी मिलेगी। सभी नए व पुराने पार्किंग स्थलों पर ई-चार्जिंग की सुविधाएं होंगी। फॉस्टैग से भी भुगतान की सुविधा शुरू की जाएगी। बिना अनुमति पार्किंग चलाने वालों को जुर्माना देना होगा। कमेटी को पीक आवर्स के हिसाब से दर तय करने का अधिकार होगा। निशक्तों के लिए पार्किंग में अलग से स्थान आरक्षित होगा।
-- -
पार्किंग के लिए दरें
- दो घंटे के लिए दो पहिया 15 रुपये, चार पहिया 30 रुपये
- एक घंटे के लिए दो पहिया सात रुपये, चार पहिया 15 रुपये
- 24 घंटे के लिए दो पहिया 57 रुपये, चार पहिया 120 रुपये
- मासिक पास दो पहिया 855 रुपये, चार पहिया 1800 रुपये
--
वर्जन...
पार्किंग की व्यवस्था के लिए समिति पूरे शहर का सर्वे करेगी। इसके बाद स्थान चिह्नित कर पार्किंग बनाई जाएगी। नागरिकों से फीडबैक भी लिया जाएगा। अवैध पार्किंग का संचालन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त
विज्ञापन
पार्किंग नियमावली को नगर निगम बोर्ड से मिल गई है स्वीकृति
गोरखपुर। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इसके लिए पूरे शहर का सर्वे कर पार्किंग स्थल के लिए जगह चिह्नित की जाएगी। इलाके के अनुसार इसका शुल्क तय किया जाएगा। इसके बाद सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करने पर जुर्माना देना होगा।
शासन से जारी उत्तर प्रदेश नगर निगम (पार्किंग स्थान का सन्निर्माण, अनुरक्षण और प्रचालन) नियमावली-2025 को नगर निगम बोर्ड से स्वीकृति मिल गई है। पार्किंग के लिए नगर आयुक्त की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय कमेटी गठित होगी। सहायक अभियंता कमेटी के सचिव होंगे। यह कमेटी 90 दिनों में पार्किंग स्थलों की सूची जारी करेगी। पीपीपी मॉडल पर भी पार्किंग की सुविधा विकसित करने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा।
विज्ञापन
बड़े पार्किंग स्थलों पर कार बाजार के साथ उसमें कार धुलाई की व्यवस्था भी होगी। निगम क्षेत्र में खुले स्थान पर भी पार्किंग का ठेका दिया जाएगा। इसमें मैदान, सड़क के किनारे चौड़े फुटपाथ वाले स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। कोई भी व्यक्ति मनमाने तरीके से अपने घर के बाहर या फिर अपनी खाली जमीन पर पार्किंग नहीं चला पाएगा। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, कार्यालय, स्कूल, डिग्री कॉलेज, छात्रावासों, फैक्ट्रियों, अस्पतालों, व्यवसायिक भवनों के पास लोगों की सुविधाओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था होगी।
विज्ञापन
गलियों और मिश्रित भू-उपयोग वाले स्थानों पर भी पहली बार पार्किंग ठेका देने की व्यवस्था होगी। इधर, शुक्रवार को पूरे शहर में इसकी चर्चा होती रही। लोग इस बात को लेकर चर्चा करते रहे कि जिनके घर में गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं है, उन्हें निगम को शुल्क देना पड़ेगा।
जाम वाले इलाकों में पहले सुविधा
नगर निगम इस व्यवस्था को पहले उन इलाकों में लागू करेगा, जहां आए दिन जाम लगता है। टीम पूरे शहर का सर्वे कर इन्हें चिह्नित करेगी। उन इलाकों में पार्किंग की सुविधा विकसित करने के बाद इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। जहां जाम नहीं लग रहा, वहां आगे इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
इलाकों के अनुसार देना होगा शुल्क
पार्किंग के लिए शुल्क लोगों को इलाके के अनुसार देना पड़ेगा। बाजार में यह ज्यादा होगा। वहीं, आवासीय कॉलोनी और मोहल्ले में अंतर हो सकता है। शासन की ओर से पार्किंग की दरें निर्धारित की गई हैं, लेकिन नगर निगम इसे अपने अनुसार बदल सकता है। अलग-अलग इलाकों के रेट भी अलग हो सकते हैं।
अवैध पार्किंग वालों के खिलाफ कार्रवाई
अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर आयुक्त को अधिकृत किया गया है। यह भी देखा जाएगा कि अवैध पार्किंग उस जगह पर कितने दिनों से चल रही है। अवैध पार्किंग से कितनी कमाई हुई होगी, इस आधार पर जुर्माना वसूला जाएगा। जरूरत पड़ी तो अवैध पार्किंग चलाने वाले के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही लाइसेंस लेकर पार्किंग चलाने वाला यदि नियमों का उल्लंघन करता है तो उसका भी लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। नगर आयुक्त की अध्यक्षता में बनी समिति का यह काम होगा कि एक टीम बनाकर शहर में बने पार्किंग स्थलों का भ्रमण कराए। इस दौरान आम लोगों से फीडबैक भी लिया जाएगा।
मोबाइल एप पर मिलेगी पार्किंग की जानकारी
नियमावली लागू होने के बाद नागरिकों को मोबाइल एप पर पार्किंग की जानकारी मिलेगी। ऑनलाइन पार्किंग शुल्क भुगतान सुविधा भी मिलेगी। सभी नए व पुराने पार्किंग स्थलों पर ई-चार्जिंग की सुविधाएं होंगी। फॉस्टैग से भी भुगतान की सुविधा शुरू की जाएगी। बिना अनुमति पार्किंग चलाने वालों को जुर्माना देना होगा। कमेटी को पीक आवर्स के हिसाब से दर तय करने का अधिकार होगा। निशक्तों के लिए पार्किंग में अलग से स्थान आरक्षित होगा।
पार्किंग के लिए दरें
- दो घंटे के लिए दो पहिया 15 रुपये, चार पहिया 30 रुपये
- एक घंटे के लिए दो पहिया सात रुपये, चार पहिया 15 रुपये
- 24 घंटे के लिए दो पहिया 57 रुपये, चार पहिया 120 रुपये
- मासिक पास दो पहिया 855 रुपये, चार पहिया 1800 रुपये
वर्जन...
पार्किंग की व्यवस्था के लिए समिति पूरे शहर का सर्वे करेगी। इसके बाद स्थान चिह्नित कर पार्किंग बनाई जाएगी। नागरिकों से फीडबैक भी लिया जाएगा। अवैध पार्किंग का संचालन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त