{"_id":"687d46fe238da3b0cd0c4f7a","slug":"gorakhpur-news-now-trains-will-run-back-and-forth-between-govindnagar-babhanan-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1009263-2025-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: अब गोविंदनगर-बभनान के बीच भी आगे-पीछे चलेंगी ट्रेनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: अब गोविंदनगर-बभनान के बीच भी आगे-पीछे चलेंगी ट्रेनें
विज्ञापन
ऑटोमेटिक सिग्नल का काम पूरा, दो दिन निरीक्षण के बाद ट्रेन चलाने के लिए मिलेगी हरी झंडी
12 पैसेंजर निरस्त और 22 ट्रेनों को बढ़नी-गोंडा के रास्ते चलाने की तैयारी
गोरखपुर से लखनऊ के बीच 145 किमी लंबाई में पूरा हो चुका है ऑटोमेटिक सिग्नल का काम
गोरखपुर। गोविंदनगर-टिनिच-गौर-बभनान स्टेशन के बीच 24.64 किमी लंबाई में ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम लगाने का काम पूरा हो गया है। जल्द ही यहां यातायात ब्लॉक लेकर दो दिन रेलवे के अधिकारी संरक्षा संबंधित कार्य का बारीकी से निरीक्षण करेंगे और इसके बाद एक ही रेल ट्रैक पर ट्रेनें आगे-पीछे चलने लगेंगी। ट्रेनों की गति भी बढ़कर 130 किमी हो जाएगी जिससे समय की भी बचत होगी।
छपरा से बाराबंकी (425 किमी) के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाने काम अलग-अलग रेल खंड में चल रहा है। बभनान से देवरिया सदर तक 145 किमी लंबाई में काम पूरा हो चुका है। इस सप्ताह गोविंदनगर से बभनान के बीच काम पूरा होने के बाद रेल प्रशासन ने प्री-इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य कराने की तैयारी की है। दो दिन में यह कार्य करने के बाद एक ही ट्रैक पर ट्रेनें आगे-पीछे चलने लगेंगी।
देवरिया से भटनी तक काम अंतिम चरण में
देवरिया सदर से भटनी के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाने का कार्य अंतिम चरण में है। रेल प्रशासन ने इस कार्य को अंतिम रूप देने के लिए यातायात ब्लॉक मांगा है। अगस्त में यातायात ब्लॉक मिलने की उम्मीद है। इसी प्रकार गोरखपुर जंक्शन से डोमिनगढ़ के बीच भी काम पूरा करा लिया गया है।
विज्ञापन
लोको पायलटों को मिलेंगे चार तरह के संकेत
आटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के तहत लोको पायलटों को सभी सिग्नल पर ग्रीन, येलो, डबल येलो और रेड कुल चार तरह के संकेत मिलेंगे। ट्रेनें संकेतों के आधार पर निर्धारित गति के अनुसार एक के पीछे एक चलती रहेंगी। इसके तहत प्रत्येक एक किलोमीटर पर एक ब्लॉक बनाया गया है। ट्रेन जब एक ब्लॉक पार करेगी तो उसके पीछे की ट्रेन को ग्रीन सिग्नल मिल जाएगा। इस तरह से एक के पीछे एक ट्रेन चलाई जा सकेगी। हर दो ब्लॉक के बीच एक हट बनाए जाएंगे। हट में सिग्नल से जुड़े संयंत्र रखे जाएंगे ताकि सिग्नल में कोई फाल्ट आए तो तत्काल ठीक कर लिया जाए।
विज्ञापन
12 पैसेंजर निरस्त और 22 ट्रेनों को बढ़नी-गोंडा के रास्ते चलाने की तैयारी
गोरखपुर से लखनऊ के बीच 145 किमी लंबाई में पूरा हो चुका है ऑटोमेटिक सिग्नल का काम
गोरखपुर। गोविंदनगर-टिनिच-गौर-बभनान स्टेशन के बीच 24.64 किमी लंबाई में ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम लगाने का काम पूरा हो गया है। जल्द ही यहां यातायात ब्लॉक लेकर दो दिन रेलवे के अधिकारी संरक्षा संबंधित कार्य का बारीकी से निरीक्षण करेंगे और इसके बाद एक ही रेल ट्रैक पर ट्रेनें आगे-पीछे चलने लगेंगी। ट्रेनों की गति भी बढ़कर 130 किमी हो जाएगी जिससे समय की भी बचत होगी।
छपरा से बाराबंकी (425 किमी) के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाने काम अलग-अलग रेल खंड में चल रहा है। बभनान से देवरिया सदर तक 145 किमी लंबाई में काम पूरा हो चुका है। इस सप्ताह गोविंदनगर से बभनान के बीच काम पूरा होने के बाद रेल प्रशासन ने प्री-इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य कराने की तैयारी की है। दो दिन में यह कार्य करने के बाद एक ही ट्रैक पर ट्रेनें आगे-पीछे चलने लगेंगी।
विज्ञापन
देवरिया से भटनी तक काम अंतिम चरण में
देवरिया सदर से भटनी के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाने का कार्य अंतिम चरण में है। रेल प्रशासन ने इस कार्य को अंतिम रूप देने के लिए यातायात ब्लॉक मांगा है। अगस्त में यातायात ब्लॉक मिलने की उम्मीद है। इसी प्रकार गोरखपुर जंक्शन से डोमिनगढ़ के बीच भी काम पूरा करा लिया गया है।
विज्ञापन
लोको पायलटों को मिलेंगे चार तरह के संकेत
आटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के तहत लोको पायलटों को सभी सिग्नल पर ग्रीन, येलो, डबल येलो और रेड कुल चार तरह के संकेत मिलेंगे। ट्रेनें संकेतों के आधार पर निर्धारित गति के अनुसार एक के पीछे एक चलती रहेंगी। इसके तहत प्रत्येक एक किलोमीटर पर एक ब्लॉक बनाया गया है। ट्रेन जब एक ब्लॉक पार करेगी तो उसके पीछे की ट्रेन को ग्रीन सिग्नल मिल जाएगा। इस तरह से एक के पीछे एक ट्रेन चलाई जा सकेगी। हर दो ब्लॉक के बीच एक हट बनाए जाएंगे। हट में सिग्नल से जुड़े संयंत्र रखे जाएंगे ताकि सिग्नल में कोई फाल्ट आए तो तत्काल ठीक कर लिया जाए।