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Gorakhpur News: अब सीएचसी-पीएचसी के डॉक्टरों को भी दी जाएगी सीपीआर की ट्रेनिंग
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गोरखपुर। कार्डियक अरेस्ट के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सभी डॉक्टरों व अन्य सहयोगी स्टॉफ को भी यह प्रशिक्षण दिलाने का निर्णय लिया है। इसकी शुरूआत भी बीआरडी मेडिकल कॉलेज से ही होगी। पहले गोरखपुर के जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी के डॉक्टर प्रशिक्षित किए जाएंगे। इसके बाद गोरखपुर-बस्ती मंडल के डॉक्टरों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में खुले नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट लैब में वह सभी उपकरण मौजूद हैं, जिससे इमरजेंसी मरीजों की जान बचाने के लिए डॉक्टर अतिरिक्त प्रयास कर सकते हैं। इस केंद्र के बेहतर संचालन के लिए जरूरी स्टॉफ की तैनाती हो रही है। मेडिकल कॉलेज में कार्डियक अरेस्ट के मामले में जान बचाने के लिए सीपीआर की जो ट्रेनिंग अभी केवल स्थानीय रेजिडेंट को दी जा रही है, वह स्वास्थ्य विभाग में तैनात अन्य सभी डॉक्टरों को दी जाएगी। इसके लिए जल्द ही टाइम टेबल भी बनाया जाएगा। इस प्रशिक्षण का फायदा यह होगा कि ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में तैनात डॉक्टर भी कार्डियक अरेस्ट के मरीज को सीपीआर देकर जान बचा सकेगा। साथ ही मरीज को इतना वक्त मिल जाएगा कि वह विशेषज्ञ डॉक्टर तक पहुंचकर अपना उपचार करा सके।
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प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में खुले नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट लैब में वह सभी उपकरण मौजूद हैं, जिससे इमरजेंसी मरीजों की जान बचाने के लिए डॉक्टर अतिरिक्त प्रयास कर सकते हैं। इस केंद्र के बेहतर संचालन के लिए जरूरी स्टॉफ की तैनाती हो रही है। मेडिकल कॉलेज में कार्डियक अरेस्ट के मामले में जान बचाने के लिए सीपीआर की जो ट्रेनिंग अभी केवल स्थानीय रेजिडेंट को दी जा रही है, वह स्वास्थ्य विभाग में तैनात अन्य सभी डॉक्टरों को दी जाएगी। इसके लिए जल्द ही टाइम टेबल भी बनाया जाएगा। इस प्रशिक्षण का फायदा यह होगा कि ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में तैनात डॉक्टर भी कार्डियक अरेस्ट के मरीज को सीपीआर देकर जान बचा सकेगा। साथ ही मरीज को इतना वक्त मिल जाएगा कि वह विशेषज्ञ डॉक्टर तक पहुंचकर अपना उपचार करा सके।
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