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Gorakhpur News: मां-बेटी की हत्या के पर्दाफाश के लिए छह संदिग्धों का होगा नार्को टेस्ट
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चौरीचौरा डबल मर्डर : कोर्ट ने नार्को टेस्ट कराने के लिए पुलिस को दी अनुमति
मुख्यालय से समय के लिए किया गया पत्राचार
गोरखपुर। चौरीचौरा थाना क्षेत्र के शिवपुर चकदहा गांव में मां-बेटी की हत्या के पर्दाफाश के लिए अब पुलिस छह संदिग्धों का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी में है। कोर्ट से इसके लिए पुलिस ने अनुमति हासिल कर ली है। मुख्यालय में समय के लिए पत्राचार भी कर दिया गया है। समय तय होने के बाद संदिग्धों से पुलिस सच उगलवाने की कोशिश करेगी।
दरअसल, इस मामले में एक नामजद आरोपी संजय कुमार को पुलिस ने जेल भिजवाया था। वह जमानत पर बाहर आ गया। मगर, पुलिस पर्दाफाश नहीं कर सकी है। पुलिस को भी संदेह है कि इसमें नामजद आरोपी के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं।
चौरीचौरा के शिवपुर चकदहा में पूनम (45) और उसकी बेटी अनुष्का (13) की 29 मार्च की देर रात गड़ासे से वार कर हत्या कर दी गई थी। घटना के तकरीबन चार महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस वारदात का पर्दाफाश नहीं कर सकी। मामले में 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इसमें करीब 50 संदिग्ध लोगों की सीडीआर भी निकलवाई गई। हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ के बाद भी साक्ष्य नहीं मिलने पर पुलिस को उन्हें छोड़ना पड़ा।
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पूरी घटना में छह लोगों को पुलिस संदिग्ध मान रही है। इनसे पूछताछ भी हुई है लेकिन उनसे कोई ऐसा तथ्य नहीं मिला जिससे घटना का पर्दाफाश हो सके। एसपी नार्थ जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि नार्को टेस्ट की प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही केस का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
यह हुई थी वारदात
29 मार्च की देर रात करीब 1:30 बजे मां-बेटी पूनम (45) और उनकी बेटी अनुष्का (13) की गड़ासे से वार कर हत्या की गई थी। सूचना पर पहुंची चौरीचौरा पुलिस ने घटनास्थल पर छानबीन की थी। तब पूनम का मोबाइल वहां नहीं मिला था। जांच में पता चला था कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पूनम का मोबाइल लेकर भाग गए थे। घटना के समय आरोपियों ने पूनम की बड़ी बेटी खुशबू को दूसरे कमरे में बंद कर दिया था। खुशबू ने अपने कमरे की दरवाजे की छेद से आरोपियों को देखा था। उसकी तहरीर पर चौरीचौरा पुलिस ने मुख्य आरोपी के रूप में संजय उर्फ शैलेंद्र, उसके पिता कोटेदार सरजू, भाई सुरेंद्र और दो अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया था।
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बेटी बोली- हर टेस्ट के लिए तैयार, बस न्याय चाहिए
मृतक पूनम की बड़ी बेटी खुशबू निषाद का कहना है कि उसकी मां और बहन के हत्यारों को सजा होनी चाहिए। मां और बहन के हत्यारे को सजा दिलाने के लिए नार्को टेस्ट क्या वह हर टेस्ट के लिए तैयार है। उसे बस न्याय चाहिए। वह पुलिस की जांच में हर सहयोग के लिए तैयार है। आरोप लगाया कि अपनी आंखों से अपनी मां और बहन की हत्या करते हुए देखा है, लेकिन उसके बताने के बावजूद भी न्याय नहीं मिल रहा है।
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निर्दाेष हूं... मुझे फंसाया जा रहा
मां-बेटी की हत्या में जमानत पर छूटे संजय कुमार का कहना है कि वह निर्दाेष हैं, उसे फंसाया जा रहा हैै। यहीं कारण है कि उन्हें 90 दिन में जमानत मिल गई। वह और उनका पूरा परिवार पुलिस या किसी भी तरह की जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रहा है। वह नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हैं।
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इनका होगा नार्काे टेस्ट
मृतका की बड़ी बहन खुशबू निषाद, गांव का युवक सदानंद (जिसने वारदात की रात डेढ़ किलो कपूर जलाया था), मोतीराम निवासी अजय उर्फ मिठाई लाल व नामजद आरोपी संजय कुमार, उसका भाई सुरेंद्र और सरजू।
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मुख्यालय से समय के लिए किया गया पत्राचार
गोरखपुर। चौरीचौरा थाना क्षेत्र के शिवपुर चकदहा गांव में मां-बेटी की हत्या के पर्दाफाश के लिए अब पुलिस छह संदिग्धों का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी में है। कोर्ट से इसके लिए पुलिस ने अनुमति हासिल कर ली है। मुख्यालय में समय के लिए पत्राचार भी कर दिया गया है। समय तय होने के बाद संदिग्धों से पुलिस सच उगलवाने की कोशिश करेगी।
दरअसल, इस मामले में एक नामजद आरोपी संजय कुमार को पुलिस ने जेल भिजवाया था। वह जमानत पर बाहर आ गया। मगर, पुलिस पर्दाफाश नहीं कर सकी है। पुलिस को भी संदेह है कि इसमें नामजद आरोपी के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं।
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चौरीचौरा के शिवपुर चकदहा में पूनम (45) और उसकी बेटी अनुष्का (13) की 29 मार्च की देर रात गड़ासे से वार कर हत्या कर दी गई थी। घटना के तकरीबन चार महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस वारदात का पर्दाफाश नहीं कर सकी। मामले में 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इसमें करीब 50 संदिग्ध लोगों की सीडीआर भी निकलवाई गई। हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ के बाद भी साक्ष्य नहीं मिलने पर पुलिस को उन्हें छोड़ना पड़ा।
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पूरी घटना में छह लोगों को पुलिस संदिग्ध मान रही है। इनसे पूछताछ भी हुई है लेकिन उनसे कोई ऐसा तथ्य नहीं मिला जिससे घटना का पर्दाफाश हो सके। एसपी नार्थ जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि नार्को टेस्ट की प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही केस का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
यह हुई थी वारदात
29 मार्च की देर रात करीब 1:30 बजे मां-बेटी पूनम (45) और उनकी बेटी अनुष्का (13) की गड़ासे से वार कर हत्या की गई थी। सूचना पर पहुंची चौरीचौरा पुलिस ने घटनास्थल पर छानबीन की थी। तब पूनम का मोबाइल वहां नहीं मिला था। जांच में पता चला था कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पूनम का मोबाइल लेकर भाग गए थे। घटना के समय आरोपियों ने पूनम की बड़ी बेटी खुशबू को दूसरे कमरे में बंद कर दिया था। खुशबू ने अपने कमरे की दरवाजे की छेद से आरोपियों को देखा था। उसकी तहरीर पर चौरीचौरा पुलिस ने मुख्य आरोपी के रूप में संजय उर्फ शैलेंद्र, उसके पिता कोटेदार सरजू, भाई सुरेंद्र और दो अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया था।
बेटी बोली- हर टेस्ट के लिए तैयार, बस न्याय चाहिए
मृतक पूनम की बड़ी बेटी खुशबू निषाद का कहना है कि उसकी मां और बहन के हत्यारों को सजा होनी चाहिए। मां और बहन के हत्यारे को सजा दिलाने के लिए नार्को टेस्ट क्या वह हर टेस्ट के लिए तैयार है। उसे बस न्याय चाहिए। वह पुलिस की जांच में हर सहयोग के लिए तैयार है। आरोप लगाया कि अपनी आंखों से अपनी मां और बहन की हत्या करते हुए देखा है, लेकिन उसके बताने के बावजूद भी न्याय नहीं मिल रहा है।
निर्दाेष हूं... मुझे फंसाया जा रहा
मां-बेटी की हत्या में जमानत पर छूटे संजय कुमार का कहना है कि वह निर्दाेष हैं, उसे फंसाया जा रहा हैै। यहीं कारण है कि उन्हें 90 दिन में जमानत मिल गई। वह और उनका पूरा परिवार पुलिस या किसी भी तरह की जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रहा है। वह नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हैं।
इनका होगा नार्काे टेस्ट
मृतका की बड़ी बहन खुशबू निषाद, गांव का युवक सदानंद (जिसने वारदात की रात डेढ़ किलो कपूर जलाया था), मोतीराम निवासी अजय उर्फ मिठाई लाल व नामजद आरोपी संजय कुमार, उसका भाई सुरेंद्र और सरजू।