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एमएमएमयूटी : इसरो के अध्यक्ष डॉ वी नारायणन होंगे दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि
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इसरो अध्यक्ष को डीएससी की मानद उपाधि से विभूषित करेगा विश्वविद्यालय
राजभवन से मिली सहमति, 26 अगस्त को होना है एमएमएमयूटी का 10वां दीक्षांत समारोह
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 26 अगस्त को आयोजित 10वें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डॉ. वी नारायणन होंगे। दीक्षांत के अवसर पर उन्हें डॉक्टर ऑफ साइंस (डीएससी) की मानद उपाधि से विभूषित किया जाएगा।
एमएमएमयूटी के जनसंपर्क अधिध्कारी डॉ. अभिजित मिश्रा ने बताया कि राजभवन से दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में इसरो अध्यक्ष डॉ. वी नारायणन को आमंत्रित किए जाने और उन्हें डीएससी की मानद उपाधि से विभूषित करने की सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। जल्द ही औपचारिक स्वीकृति मिल जाएगी। इसरो अध्यक्ष डॉ. नारायणन ने भी स्वीकृति आमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
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रॉकेट वैज्ञानिक हैं डॉ. वी नारायणन
डॉ. वी नारायणन का जन्म तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के एक छोटे से गांव में हुआ। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा तमिल माध्यम के स्कूलों में पूरी की। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने आईआईटी खडगपुर से क्रायोजेनिक इंजीनियरिंग में एमटेक और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। वह इसरो के वर्तमान अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव के साथ ही प्रख्यात रॉकेट वैज्ञानिक हैं। चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 मिशन में उनके तकनीकी सुझाव और नेतृत्व ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है। वह 1984 से इसरो से जुड़े हैं। इस दौरान वह विभिन्न पदों पर रहे।
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राजभवन से मिली सहमति, 26 अगस्त को होना है एमएमएमयूटी का 10वां दीक्षांत समारोह
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 26 अगस्त को आयोजित 10वें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डॉ. वी नारायणन होंगे। दीक्षांत के अवसर पर उन्हें डॉक्टर ऑफ साइंस (डीएससी) की मानद उपाधि से विभूषित किया जाएगा।
एमएमएमयूटी के जनसंपर्क अधिध्कारी डॉ. अभिजित मिश्रा ने बताया कि राजभवन से दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में इसरो अध्यक्ष डॉ. वी नारायणन को आमंत्रित किए जाने और उन्हें डीएससी की मानद उपाधि से विभूषित करने की सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। जल्द ही औपचारिक स्वीकृति मिल जाएगी। इसरो अध्यक्ष डॉ. नारायणन ने भी स्वीकृति आमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
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रॉकेट वैज्ञानिक हैं डॉ. वी नारायणन
डॉ. वी नारायणन का जन्म तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के एक छोटे से गांव में हुआ। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा तमिल माध्यम के स्कूलों में पूरी की। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने आईआईटी खडगपुर से क्रायोजेनिक इंजीनियरिंग में एमटेक और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। वह इसरो के वर्तमान अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव के साथ ही प्रख्यात रॉकेट वैज्ञानिक हैं। चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 मिशन में उनके तकनीकी सुझाव और नेतृत्व ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है। वह 1984 से इसरो से जुड़े हैं। इस दौरान वह विभिन्न पदों पर रहे।
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