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उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए रोल मॉडल बने एमजीयूजी : सीएम योगी
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गीडा में केयान डिस्टिलरी प्लांट का अद्घाटन करते सी एम योगी आदित्यनाथ साथ में सांसद रवि किशन शु
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया कुलाधिपति ने
अकादमिक कार्यों और भावी कार्ययोजना की समीक्षा कर दिए जरूरी निर्देश
गोरखपुर। मुख्यमंत्री एवं महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ ने रविवार शाम विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने फैकल्टी का आह्वान करते हुए कहा कि लक्ष्य यह होना चाहिए कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश और देश के उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए रोल मॉडल बने।
कुलाधिपति योगी एमजीयूजी का निरीक्षण करने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और फैकल्टी के साथ वर्तमान व्यवस्थाओं और भावी कार्ययोजना की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एमजीयूजी का अकादमिक इंफ्रास्ट्रक्चर विश्व स्तरीय स्वरूप में विकसित हो रहा है। अकादमिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा 1475 सीट का ऑडिटोरियम बन कर लगभग तैयार है। इसके साथ ही 9500 की क्षमता का स्टेडियम भी बनना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महत्वपूर्ण बात यह है कि यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को भी अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में भारत दुनिया में मेडिकल टूरिज्म का हब बनने जा रहा है। मेडिकल टूरिज्म अन्य प्रकार के टूरिज्म की तुलना में अधिक व्यापक और महत्वपूर्ण होगा। इसके लिए एमजीयूजी को भी अभी से तैयारी शुरू करनी होगी। इसके लिए मेडिकल एजुकेशन को टेक्नोलॉजी से जोड़ना समय की मांग है। फैकल्टी से आह्वान किया कि वे ग्लोबल मार्केट की डिमांड का अध्ययन करें और उसके अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करें। हमारा जोर मॉडर्न एज कोर्सेज पर होना चाहिए।
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं एमजीयूजी के कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र की प्रवेश योजना की जानकारी ली और अब तक विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यहां विद्यार्थियों को उनके अध्ययन के अनुरूप विश्व स्तर की सुविधाएं मिलनी चाहिए। साथ ही यहां फैकल्टी-स्टूडेंट्स रिलेशन का कोड ऑफ कंडक्ट बनाकर एक विशिष्ट परिसर संस्कृति विकसित की जाए।
विश्वविद्यालय में 25 से अधिक कोर्स हो रहे संचालित
समीक्षा के दौरान गोरखनाथ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय में मेडिकल साइंस, नर्सिंग, पैरामेडिकल, एग्रीकल्चर, एलॉयड हेल्थ साइंसेज और फार्मेसी से संबंधित डिप्लोमा से लेकर मास्टर तक के दो दर्जन पाठ्यक्रम संचालित हैं। साथ ही बीबीए लॉजिस्टिक का कोर्स भी शुरू हो चुका है। गत सत्र से 100 सीटों की क्षमता से एमबीबीएस कोर्स शुरू हो गया है। आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गिरिधर वेदांतम ने बताया कि सभी सीटें शुरुआती काउंसिलिंग में ही भर जाती हैं। आयुर्वेद कॉलेज से संबद्ध पंचकर्मा सेंटर में दक्षिण भारत से भी बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं।
समीक्षा के क्रम में एमजीयूजी के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह ने संस्थान की अब तक की उपलब्धियों से अवगत कराया। इस अवसर पर एमजीयूजी से संबद्ध के गोरखनाथ चिकित्सालय बालापार के निदेशक डॉ. रोहित पाटनी, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या डॉ. डीएस अजीथा, संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ. सुनील कुमार सिंह, फार्मेसी संकाय के अधिष्ठाता डॉ. शशिकांत सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया
अकादमिक कार्यों और भावी कार्ययोजना की समीक्षा करने के साथ ही सीएम योगी ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में जारी निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और तय समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
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अकादमिक कार्यों और भावी कार्ययोजना की समीक्षा कर दिए जरूरी निर्देश
गोरखपुर। मुख्यमंत्री एवं महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ ने रविवार शाम विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने फैकल्टी का आह्वान करते हुए कहा कि लक्ष्य यह होना चाहिए कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश और देश के उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए रोल मॉडल बने।
कुलाधिपति योगी एमजीयूजी का निरीक्षण करने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और फैकल्टी के साथ वर्तमान व्यवस्थाओं और भावी कार्ययोजना की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एमजीयूजी का अकादमिक इंफ्रास्ट्रक्चर विश्व स्तरीय स्वरूप में विकसित हो रहा है। अकादमिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा 1475 सीट का ऑडिटोरियम बन कर लगभग तैयार है। इसके साथ ही 9500 की क्षमता का स्टेडियम भी बनना है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि महत्वपूर्ण बात यह है कि यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को भी अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में भारत दुनिया में मेडिकल टूरिज्म का हब बनने जा रहा है। मेडिकल टूरिज्म अन्य प्रकार के टूरिज्म की तुलना में अधिक व्यापक और महत्वपूर्ण होगा। इसके लिए एमजीयूजी को भी अभी से तैयारी शुरू करनी होगी। इसके लिए मेडिकल एजुकेशन को टेक्नोलॉजी से जोड़ना समय की मांग है। फैकल्टी से आह्वान किया कि वे ग्लोबल मार्केट की डिमांड का अध्ययन करें और उसके अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करें। हमारा जोर मॉडर्न एज कोर्सेज पर होना चाहिए।
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं एमजीयूजी के कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र की प्रवेश योजना की जानकारी ली और अब तक विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यहां विद्यार्थियों को उनके अध्ययन के अनुरूप विश्व स्तर की सुविधाएं मिलनी चाहिए। साथ ही यहां फैकल्टी-स्टूडेंट्स रिलेशन का कोड ऑफ कंडक्ट बनाकर एक विशिष्ट परिसर संस्कृति विकसित की जाए।
विश्वविद्यालय में 25 से अधिक कोर्स हो रहे संचालित
समीक्षा के दौरान गोरखनाथ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय में मेडिकल साइंस, नर्सिंग, पैरामेडिकल, एग्रीकल्चर, एलॉयड हेल्थ साइंसेज और फार्मेसी से संबंधित डिप्लोमा से लेकर मास्टर तक के दो दर्जन पाठ्यक्रम संचालित हैं। साथ ही बीबीए लॉजिस्टिक का कोर्स भी शुरू हो चुका है। गत सत्र से 100 सीटों की क्षमता से एमबीबीएस कोर्स शुरू हो गया है। आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गिरिधर वेदांतम ने बताया कि सभी सीटें शुरुआती काउंसिलिंग में ही भर जाती हैं। आयुर्वेद कॉलेज से संबद्ध पंचकर्मा सेंटर में दक्षिण भारत से भी बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं।
समीक्षा के क्रम में एमजीयूजी के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह ने संस्थान की अब तक की उपलब्धियों से अवगत कराया। इस अवसर पर एमजीयूजी से संबद्ध के गोरखनाथ चिकित्सालय बालापार के निदेशक डॉ. रोहित पाटनी, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या डॉ. डीएस अजीथा, संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ. सुनील कुमार सिंह, फार्मेसी संकाय के अधिष्ठाता डॉ. शशिकांत सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया
अकादमिक कार्यों और भावी कार्ययोजना की समीक्षा करने के साथ ही सीएम योगी ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में जारी निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और तय समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।