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मेगा ब्लॉक : काम शुरू, पहले दिन कैंट से जंक्शन के बीच बनाए प्वाइंट
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कौवा बाग अंडरपास के पास तीसरी लाइन के निर्माण कार्य में जुटे रहे श्रमिक
अधिकारियों ने किया निरीक्षण, कार्य पूरा होने पर बढ़ जाएगी ट्रेनों की औसत गति
गोरखपुर। पूर्वाेत्तर रेलवे के गोरखपुर स्टेशन पर अब तक के सबसे बड़े मेगा ब्लॉक की शुरुआत शनिवार सुबह आठ बजे से हुई। पहले दिन गोरखपुर जंक्शन से गोरखपुर कैंट स्टेशन के बीच प्री व नॉन इंटरलॉकिंग का काम हुआ। कौवाबाग अंडरपास के समीप सैकड़ों की संख्या में श्रमिक नया प्वाइंट बनाने के साथ ही रेल लाइन से जुड़े अन्य काम करते रहे। इस दौरान प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक अनूप कुमार सतपथी, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक प्रसन्न कात्यायन, स्टेशन डायरेक्टर जेपी सिंह के साथ एनईआर के वरिष्ठ अफसरों ने कार्य स्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। दूसरी ओर प्लेटफार्म नंबर नौ की ओर तैयार किया जा रहे रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई) केबिन में कर्मचारी काम करते हुए दिखाई दिए। निरस्त और मार्ग परिवर्तित कर चलने वाली ट्रेनों के अलावा बाकी ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से रेलवे स्टेशन से होता रहा।
बिहार संपर्क क्रांति समेत आधा दर्जन ट्रेनें हुई लेट
प्री एनआई के कारण शनिवार को बिहार संपर्क क्रांति, वैशाली, सप्तक्रांति समेत आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें देर से गोरखपुर जंक्शन पहुंची। इन ट्रेनों को गोरखपुर कैंट स्टेशन पर रोका गया। वहां से काशन पर गोरखपुर जंक्शन तक लाया गया। बिहार संपर्क क्रांति कैंट रेलवे स्टेशन पर करीब डेढ़ घंटे तक खड़ी रही। अपने तय समय से एक घंटा 20 मिनट की देरी से यह ट्रेन प्लेटफार्म नंबर दो आई। वैशाली एक्सप्रेस भी करीब एक घंटे देरी से 5:49 बजे एक नंबर प्लेट फार्म पर पहुंची। सप्तक्रांति एक्सप्रेस भी 40 मिनट की देरी से रवाना हुई। दिल्ली रूट के अलावा अन्य रूट की भी ट्रेनें देरी से गोरखपुर जंक्शन पर पहुंची।
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मेगा ब्लॉक के बाद होंगे ये फायदे
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम शुरू होने से मैनुअल कार्य पूरी तरह डिजिटल प्लेटफार्म पर आ जाएगा। स्टेशन मास्टर के हाथ बटन की जगह माउस पर होंगे। माउस से ही रेलवे स्टेशन यार्ड के सिग्नल और प्वाइंट बनेंगे। सिग्नल और प्वाइंट फेल होने की समस्या तो समाप्त होगी और अधिक से अधिक ट्रेनें भी चलाई जा सकेंगी। ट्रेनों का परिचालन भी तेज होगा। रेल हादसों पर भी अंकुश लगेगा। स्टेशन यार्ड में रेल लाइन, प्वाइंट और सिग्नल सिस्टम में सुविधा के अनुसार बदलाव किया जा सकेगा। आने वाले दिनों में पूर्वोत्तर रेलवे के सभी 505 स्टेशनों पर इलेक्ट्रानिक इंटरलाॅकिंग सिस्टम कार्य करने लगेगा। सभी रूटों पर अधिक से अधिक ट्रेनें अधिकतम 110 की जगह 130 की गति से संचालित होने लगेंगी।
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आज निरस्त रहेंगी यह ट्रेनें
-रक्सौल-आनन्द विहार टर्मिनस एक्सप्रेस
- छपरा-नौतनवा-छपरा एक्सप्रेस
- गोमती नगर-गोरखपुर-गोमती नगर एक्सप्रेस
- गोरखपुर-गोंडा सवारी गाड़ी
- गोंडा-गोरखपुर सवारी गाड़ी
- सहरसा-आनन्द विहार टर्मिनस विशेष गाड़ी
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आज मार्ग बदलकर चलेंगी ये ट्रेनें
- अमृतसर-जयनगर एक्सप्रेस
- नई दिल्ली-बरौनी एक्सप्रेस
- कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस
- दरभंगा-नई दिल्ली विशेष गाड़ी
- बरौनी-नई दिल्ली विशेष गाड़ी
- नई दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस
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अधिकारियों ने किया निरीक्षण, कार्य पूरा होने पर बढ़ जाएगी ट्रेनों की औसत गति
गोरखपुर। पूर्वाेत्तर रेलवे के गोरखपुर स्टेशन पर अब तक के सबसे बड़े मेगा ब्लॉक की शुरुआत शनिवार सुबह आठ बजे से हुई। पहले दिन गोरखपुर जंक्शन से गोरखपुर कैंट स्टेशन के बीच प्री व नॉन इंटरलॉकिंग का काम हुआ। कौवाबाग अंडरपास के समीप सैकड़ों की संख्या में श्रमिक नया प्वाइंट बनाने के साथ ही रेल लाइन से जुड़े अन्य काम करते रहे। इस दौरान प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक अनूप कुमार सतपथी, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक प्रसन्न कात्यायन, स्टेशन डायरेक्टर जेपी सिंह के साथ एनईआर के वरिष्ठ अफसरों ने कार्य स्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। दूसरी ओर प्लेटफार्म नंबर नौ की ओर तैयार किया जा रहे रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई) केबिन में कर्मचारी काम करते हुए दिखाई दिए। निरस्त और मार्ग परिवर्तित कर चलने वाली ट्रेनों के अलावा बाकी ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से रेलवे स्टेशन से होता रहा।
बिहार संपर्क क्रांति समेत आधा दर्जन ट्रेनें हुई लेट
प्री एनआई के कारण शनिवार को बिहार संपर्क क्रांति, वैशाली, सप्तक्रांति समेत आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें देर से गोरखपुर जंक्शन पहुंची। इन ट्रेनों को गोरखपुर कैंट स्टेशन पर रोका गया। वहां से काशन पर गोरखपुर जंक्शन तक लाया गया। बिहार संपर्क क्रांति कैंट रेलवे स्टेशन पर करीब डेढ़ घंटे तक खड़ी रही। अपने तय समय से एक घंटा 20 मिनट की देरी से यह ट्रेन प्लेटफार्म नंबर दो आई। वैशाली एक्सप्रेस भी करीब एक घंटे देरी से 5:49 बजे एक नंबर प्लेट फार्म पर पहुंची। सप्तक्रांति एक्सप्रेस भी 40 मिनट की देरी से रवाना हुई। दिल्ली रूट के अलावा अन्य रूट की भी ट्रेनें देरी से गोरखपुर जंक्शन पर पहुंची।
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मेगा ब्लॉक के बाद होंगे ये फायदे
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम शुरू होने से मैनुअल कार्य पूरी तरह डिजिटल प्लेटफार्म पर आ जाएगा। स्टेशन मास्टर के हाथ बटन की जगह माउस पर होंगे। माउस से ही रेलवे स्टेशन यार्ड के सिग्नल और प्वाइंट बनेंगे। सिग्नल और प्वाइंट फेल होने की समस्या तो समाप्त होगी और अधिक से अधिक ट्रेनें भी चलाई जा सकेंगी। ट्रेनों का परिचालन भी तेज होगा। रेल हादसों पर भी अंकुश लगेगा। स्टेशन यार्ड में रेल लाइन, प्वाइंट और सिग्नल सिस्टम में सुविधा के अनुसार बदलाव किया जा सकेगा। आने वाले दिनों में पूर्वोत्तर रेलवे के सभी 505 स्टेशनों पर इलेक्ट्रानिक इंटरलाॅकिंग सिस्टम कार्य करने लगेगा। सभी रूटों पर अधिक से अधिक ट्रेनें अधिकतम 110 की जगह 130 की गति से संचालित होने लगेंगी।
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आज निरस्त रहेंगी यह ट्रेनें
-रक्सौल-आनन्द विहार टर्मिनस एक्सप्रेस
- छपरा-नौतनवा-छपरा एक्सप्रेस
- गोमती नगर-गोरखपुर-गोमती नगर एक्सप्रेस
- गोरखपुर-गोंडा सवारी गाड़ी
- गोंडा-गोरखपुर सवारी गाड़ी
- सहरसा-आनन्द विहार टर्मिनस विशेष गाड़ी
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आज मार्ग बदलकर चलेंगी ये ट्रेनें
- अमृतसर-जयनगर एक्सप्रेस
- नई दिल्ली-बरौनी एक्सप्रेस
- कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस
- दरभंगा-नई दिल्ली विशेष गाड़ी
- बरौनी-नई दिल्ली विशेष गाड़ी
- नई दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस