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Gorakhpur News: छलावा साबित होते हैं घोषणा पत्र, बसपा रहती है दूर
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गोरखपुर। चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दल अपना घोषणा पत्र जारी करते हैं, जिसमें चुनाव जीतने व सरकार बनाने के बाद उनकी क्या-क्या योजनाएं होंगी, की संक्षिप्त रूपरेखा होती है। अक्सर देखने में आया है कि यह घोषणा पत्र केवल एक छलावा साबित होता है और कोई राजनीतिक दल उसे लागू करने का दिल से प्रयास नहीं करता। बसपा अपने कार्यों में विश्वास करती है और दिखावे की राजनीति से दूर रहती है, इसलिए यह पार्टी अपना कोई घोषणा पत्र जारी नहीं करती।
यह कहना है कि बांसगांव से बसपा प्रत्याशी डॉ रामसमुझ का, जिन्हाेंने चुनावी घोषणा पत्र की जगह अपना वचन पत्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा-पिछले 15 साल से भाजपा सांसद इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं, जिन्होंने लोकसभा में क्षेत्र की समस्याओं को जोरदार ढंग से संसद में नहीं उठाया। मैं लोकसभा क्षेत्र को उसी तरह पुनर्स्थापित करने का प्रयास करूंगा, जिस प्रकार पूर्व कैबिनेट मंत्री व राज्यपाल दिवंगत महावीर प्रसाद के काल में हुआ करता था।
डॉ राम समुझ ने कहा कि ग्रामीण प्राथमिक शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाना होगा। दोहरी शिक्षा पद्धति के वजह से गांव के सरकारी क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल उपेक्षित हो चुके हैं। वहां पर्याप्त संख्या में अध्यापक नहीं हैं। शिक्षामित्रों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के भरोसे चल रहा है। यहां एससी-एसटी, पिछड़े वर्ग, मुस्लिम व गरीबाें के बच्चे पढ़ते हैं, जहां पढ़ाई तो होती नहीं है, बच्चे केवल खिचड़ी खाते हैं। बच्चे आगे जाकर पढ़ाई छोड़ देते है।
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उन्होंने कहा- इस महत्वपूर्ण समस्या को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सामने 2003 में उठा चुका हूं। मेरे सुझाव पर उन्होंने बेसिक टीचर ट्रेनिंग कॉलेज को पुनः प्रारंभ किया था। कहा कि देश की तीसरी महत्वपूर्ण समस्या बेरोजगारी है। नौकरी के लिए रिक्त पदों को भरने के नाम पर सरकार फार्म भरवाती है, फीस लेती है, परीक्षा भी होते हैं पर पेपर लीक कर परीक्षा निरस्त कर दी जाती है। युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का प्रयास करूंगा। भाजपा सरकार की खराब नीतियों के कारण देश के कुछ बड़े औद्योगिक घरानों का ही विकास हो रहा है तथा देश में गरीब और अमीर के बीच खाई बढ़ती जा रही है। संतुलित आर्थिक नीति अपनानी होगी, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग का समान रूप से आर्थिक विकास हो।
उन्होंने कहा कि आज विकास की बात करने के बजाय हिन्दू-मुस्लिम, मंदिर मस्जिद की बात की जाती है और चुनाव के दौरान सांप्रदायिकता फैलाने की भरपूर कोशिश की जा रही है। मेरा यह प्रयास होगा कि हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध, जैन, दलित, पिछड़ा, सवर्ण के विवाद से ऊपर उठकर समता, मैत्री, बंधुत्व, न्याय, भाईचारा एवं कानून के राज की बात की जाए। भाजपा भारतीय संविधान के मूल भावनाओं को तहस नहस करने का प्रयास कर रही है। मेरा यह प्रयास होगा कि बाबा साहब द्वारा रचित संविधान की रक्षा की जाए। भाजपा काल में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की निष्पक्षता समाप्त हो गई है। यदि जनता उन्हें अवसर देती है तो वह इस समस्या के समाधान की भी भरपूर कोशिश करेंगे। उरुवा- धुरियापार- उरावल बारानगर होते हुए गोपालपुर मुख्य सड़क से जोड़ने वाली सड़क खराब है, इसे प्राथमिकता पर ठीक कराएंगे। एक खिलाड़ी होने के नाते लोकसभा क्षेत्र में आधुनिक सुविधाएं एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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यह कहना है कि बांसगांव से बसपा प्रत्याशी डॉ रामसमुझ का, जिन्हाेंने चुनावी घोषणा पत्र की जगह अपना वचन पत्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा-पिछले 15 साल से भाजपा सांसद इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं, जिन्होंने लोकसभा में क्षेत्र की समस्याओं को जोरदार ढंग से संसद में नहीं उठाया। मैं लोकसभा क्षेत्र को उसी तरह पुनर्स्थापित करने का प्रयास करूंगा, जिस प्रकार पूर्व कैबिनेट मंत्री व राज्यपाल दिवंगत महावीर प्रसाद के काल में हुआ करता था।
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डॉ राम समुझ ने कहा कि ग्रामीण प्राथमिक शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाना होगा। दोहरी शिक्षा पद्धति के वजह से गांव के सरकारी क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल उपेक्षित हो चुके हैं। वहां पर्याप्त संख्या में अध्यापक नहीं हैं। शिक्षामित्रों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के भरोसे चल रहा है। यहां एससी-एसटी, पिछड़े वर्ग, मुस्लिम व गरीबाें के बच्चे पढ़ते हैं, जहां पढ़ाई तो होती नहीं है, बच्चे केवल खिचड़ी खाते हैं। बच्चे आगे जाकर पढ़ाई छोड़ देते है।
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उन्होंने कहा- इस महत्वपूर्ण समस्या को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सामने 2003 में उठा चुका हूं। मेरे सुझाव पर उन्होंने बेसिक टीचर ट्रेनिंग कॉलेज को पुनः प्रारंभ किया था। कहा कि देश की तीसरी महत्वपूर्ण समस्या बेरोजगारी है। नौकरी के लिए रिक्त पदों को भरने के नाम पर सरकार फार्म भरवाती है, फीस लेती है, परीक्षा भी होते हैं पर पेपर लीक कर परीक्षा निरस्त कर दी जाती है। युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का प्रयास करूंगा। भाजपा सरकार की खराब नीतियों के कारण देश के कुछ बड़े औद्योगिक घरानों का ही विकास हो रहा है तथा देश में गरीब और अमीर के बीच खाई बढ़ती जा रही है। संतुलित आर्थिक नीति अपनानी होगी, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग का समान रूप से आर्थिक विकास हो।
उन्होंने कहा कि आज विकास की बात करने के बजाय हिन्दू-मुस्लिम, मंदिर मस्जिद की बात की जाती है और चुनाव के दौरान सांप्रदायिकता फैलाने की भरपूर कोशिश की जा रही है। मेरा यह प्रयास होगा कि हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध, जैन, दलित, पिछड़ा, सवर्ण के विवाद से ऊपर उठकर समता, मैत्री, बंधुत्व, न्याय, भाईचारा एवं कानून के राज की बात की जाए। भाजपा भारतीय संविधान के मूल भावनाओं को तहस नहस करने का प्रयास कर रही है। मेरा यह प्रयास होगा कि बाबा साहब द्वारा रचित संविधान की रक्षा की जाए। भाजपा काल में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की निष्पक्षता समाप्त हो गई है। यदि जनता उन्हें अवसर देती है तो वह इस समस्या के समाधान की भी भरपूर कोशिश करेंगे। उरुवा- धुरियापार- उरावल बारानगर होते हुए गोपालपुर मुख्य सड़क से जोड़ने वाली सड़क खराब है, इसे प्राथमिकता पर ठीक कराएंगे। एक खिलाड़ी होने के नाते लोकसभा क्षेत्र में आधुनिक सुविधाएं एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने का प्रयास किया जाएगा।