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महेवा मंडी: बारिश से खराब हो गया 30 लाख का माल
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गोरखपुर। तीन दिनों की बारिश के बाद रविवार को जब महेवा मंडी खुली तो खरीदारों की भीड़ दिखी। बारिश का पानी भरने से आलू-प्याज के साथ टमाटर, हरी सब्जी, दाल इत्यादि के व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि लगभग 30 लाख का माल खराब हो गया है। मंडी में इधर-उधर खराब सब्जी का कचरा पड़ा दिखा।
शुक्रवार और शनिवार को हुई भारी बारिश के चलते महेवा मंडी में भी पानी भर गया था। इससे व्यापारियों के गोदाम में रखा माल भी खराब हो गया था। रविवार को बारिश रुकी तो व्यापारी भीगकर खराब हुआ माल सुखाने लगे। महेवा मंडी में आलू को व्यापारी पंखे व धूप में सुखाते हुए देखे गए, वहीं भीगे हुए प्याज का छिलका काफी मात्रा में अलग किया गया था। टमाटर भी बारिश से खराब हो गया है, जिसे फेंकना पड़ा। आलू-प्याज के व्यापारी मकसूद ने बताया कि 50 बोरी आलू व प्याज में से लगभग 30 बोरी भीगकर खराब हो गए हैं। वहीं सब्जी व्यापारी रमजान मेकरानी ने बताया कि टमाटर, मूली, भिंडी, नेनुआ,करैला इत्यादि से लदी गाड़ी में बारिश का पानी पड़ जाने से लगभग 60 हजार का माल खराब हो गया है। तीन लाख का माल बारिश के पहले मंगाए थे जो बिक ही नहीं पाए।
दाल के व्यापारी संजय सिंहानियां व रमेश कसौधन ने बताया कि बारिश से पहले दुकान में लगभग पांच लाख का माल था, जिसमें से लगभग डेढ़ लाख की दाल पानी में भीगने से खराब हो गई है। व्यापरियों का कहना था कि लगभग 30 लाख रुपये का माल भीगकर खराब हुआ है। साहबगंज मंडी के व्यापारी अनूप किशोर अग्रवाल ने बताया कि बाहर फंसी गड़ियों का आना शुरू हो गया है। रविवार को पहले की तरह मंडी में कारोबार हुआ।
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शुक्रवार और शनिवार को हुई भारी बारिश के चलते महेवा मंडी में भी पानी भर गया था। इससे व्यापारियों के गोदाम में रखा माल भी खराब हो गया था। रविवार को बारिश रुकी तो व्यापारी भीगकर खराब हुआ माल सुखाने लगे। महेवा मंडी में आलू को व्यापारी पंखे व धूप में सुखाते हुए देखे गए, वहीं भीगे हुए प्याज का छिलका काफी मात्रा में अलग किया गया था। टमाटर भी बारिश से खराब हो गया है, जिसे फेंकना पड़ा। आलू-प्याज के व्यापारी मकसूद ने बताया कि 50 बोरी आलू व प्याज में से लगभग 30 बोरी भीगकर खराब हो गए हैं। वहीं सब्जी व्यापारी रमजान मेकरानी ने बताया कि टमाटर, मूली, भिंडी, नेनुआ,करैला इत्यादि से लदी गाड़ी में बारिश का पानी पड़ जाने से लगभग 60 हजार का माल खराब हो गया है। तीन लाख का माल बारिश के पहले मंगाए थे जो बिक ही नहीं पाए।
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दाल के व्यापारी संजय सिंहानियां व रमेश कसौधन ने बताया कि बारिश से पहले दुकान में लगभग पांच लाख का माल था, जिसमें से लगभग डेढ़ लाख की दाल पानी में भीगने से खराब हो गई है। व्यापरियों का कहना था कि लगभग 30 लाख रुपये का माल भीगकर खराब हुआ है। साहबगंज मंडी के व्यापारी अनूप किशोर अग्रवाल ने बताया कि बाहर फंसी गड़ियों का आना शुरू हो गया है। रविवार को पहले की तरह मंडी में कारोबार हुआ।
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