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Gorakhpur News: अकूत संपत्ति बनाई...खास रेलकर्मी भी हुआ मालामाल
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आरआरबी के पूर्व चेयरमैन का शहर में आलीशान मकान और कई जगह प्राॅपर्टी
सीबीआई के हाथ लगे दस्तावेज, उनके सभी खाते में हुए लेन-देन की भी चल रही जांच
गोरखपुर। नियुक्ति के लिए पैनल में नाम शामिल कराने पर रुपये वसूलने और धोखाधड़ी के आरोपों से घिरे रेलवे भर्ती बोर्ड के पूर्व चेयरमैन ने अकूत संपत्ति बना ली है। यही नहीं, उनका एक खास रेलकर्मी भी मालामाल हो गया। सूत्रों की मानें तो पूर्व चेयरमैन ने उस रेलकर्मी को विशेष सिफारिश से अपने दफ्तर में अटैच कराया था।
सिद्धार्थनगर के कटिहरा बेलौहा निवासी पूर्व चेयरमैन पीके राय गांव में भी सीबीआई के छापे की चर्चा हो रही है। हालांकि, उनके पड़ोसी इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं लेकिन अंदरखाने चर्चा है कि विजिलेंस की जांच पूरी होने के बाद ही सबको यह पता था कि मामला दबेगा नहीं, बड़ी कार्रवाई हो सकती है। उधर, बृहस्पतिवार को छापे के दौरान सीबीआई को कुछ अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं। पूर्व चेयरमैन का कौवाबाग में आलीशान मकान है और इसके अलावा कई और प्राॅपर्टी भी हैं। अब इसकी भी जांच चल रही है। इसके साथ ही उनके बैंक खातों में हुए लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।
...तो सीबीआई से भाई बताकर निकल गए पूर्व चेयरमैन
रेल महकमे के अंदरखाने इस बात की भी चर्चा है कि जब सीबीआई पूर्व चेयरमैन के घर पहुंची थी तो सबसे पहले मुलाकात उन्हीं से हुई थी। बताया जा रहा है कि वह खुद को भाई बताकर वहां से निकल गए।
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मेडिकल जांच के लिए भेजते थे दूसरे रेलवे जोन
अभ्यर्थियों को परेशान करने के लिए उन्हें मेडिकल जांच कराने दूसरे रेलवे जोन भेजा जाता था। जब अभ्यर्थी लौटकर आता था तो पहले रिपोर्ट में गड़बड़ी बताई जाती थी। परेशान अभ्यर्थी आरआरबी दफ्तर का चक्कर लगाने लगता था और फिर रुपये देने के लिए तैयार हो जाता था। इसे लेकर कई बार अभ्यर्थियों ने आरआरबी और मुख्य कार्मिक अधिकारी के दफ्तर पर प्रदर्शन भी किया था।
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सीबीआई के हाथ लगे दस्तावेज, उनके सभी खाते में हुए लेन-देन की भी चल रही जांच
गोरखपुर। नियुक्ति के लिए पैनल में नाम शामिल कराने पर रुपये वसूलने और धोखाधड़ी के आरोपों से घिरे रेलवे भर्ती बोर्ड के पूर्व चेयरमैन ने अकूत संपत्ति बना ली है। यही नहीं, उनका एक खास रेलकर्मी भी मालामाल हो गया। सूत्रों की मानें तो पूर्व चेयरमैन ने उस रेलकर्मी को विशेष सिफारिश से अपने दफ्तर में अटैच कराया था।
सिद्धार्थनगर के कटिहरा बेलौहा निवासी पूर्व चेयरमैन पीके राय गांव में भी सीबीआई के छापे की चर्चा हो रही है। हालांकि, उनके पड़ोसी इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं लेकिन अंदरखाने चर्चा है कि विजिलेंस की जांच पूरी होने के बाद ही सबको यह पता था कि मामला दबेगा नहीं, बड़ी कार्रवाई हो सकती है। उधर, बृहस्पतिवार को छापे के दौरान सीबीआई को कुछ अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं। पूर्व चेयरमैन का कौवाबाग में आलीशान मकान है और इसके अलावा कई और प्राॅपर्टी भी हैं। अब इसकी भी जांच चल रही है। इसके साथ ही उनके बैंक खातों में हुए लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।
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...तो सीबीआई से भाई बताकर निकल गए पूर्व चेयरमैन
रेल महकमे के अंदरखाने इस बात की भी चर्चा है कि जब सीबीआई पूर्व चेयरमैन के घर पहुंची थी तो सबसे पहले मुलाकात उन्हीं से हुई थी। बताया जा रहा है कि वह खुद को भाई बताकर वहां से निकल गए।
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मेडिकल जांच के लिए भेजते थे दूसरे रेलवे जोन
अभ्यर्थियों को परेशान करने के लिए उन्हें मेडिकल जांच कराने दूसरे रेलवे जोन भेजा जाता था। जब अभ्यर्थी लौटकर आता था तो पहले रिपोर्ट में गड़बड़ी बताई जाती थी। परेशान अभ्यर्थी आरआरबी दफ्तर का चक्कर लगाने लगता था और फिर रुपये देने के लिए तैयार हो जाता था। इसे लेकर कई बार अभ्यर्थियों ने आरआरबी और मुख्य कार्मिक अधिकारी के दफ्तर पर प्रदर्शन भी किया था।