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करवाचौथ : चांद को अर्घ्य देकर मांगी अखंड सौभाग्य
Sat, 11 Oct 2025 02:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 11 Oct 2025 02:22 AM IST
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मोहद्दीपुर गुरूद्वारे के पास स्थित शिव मंदिर में करवाचौथ ब्रत का पूजा करती महिलायें।
पूरे दिन निर्जल व्रत रहकर की पूजा-अर्चना, पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत पूर्ण किया
गोरखपुर। करवाचौथ का पर्व शुक्रवार को बड़े ही आस्था के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए पूरे दिन निर्जल व्रत रहकर पूजा-अर्चना की। शाम को शिव परिवार की पूजा-अर्चना कर चंद्र दर्शन कर अर्घ्य दिया। इसके बाद पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत पूर्ण किया। कई जगहों पर महिलाओं ने समूह में पूजा-अर्चना कर व्रत की कथा सुनी।
सुहागिन महिलाओं ने पूरे दिन व्रत रह कर शाम को सोलह श्रृंगार कर पूजा की तैयारी की। चंद्रमा, शिव परिवार, गौरी गणेश की विधि पूर्वक पूजा की। इसमें मिट्टी का करवा, सीक, चावल के आटे का फरा से पूजा-अर्चना कर फल, फूल व मिठाई भी अर्पण किया और करवा चौथ व्रत की कथा सुनी। रात 07:58 के बाद चंद्र उदय होना शुरू हुआ।
महिलाओं ने पूजा की थाली सजाकर चंद्रमा का दर्शन कर अर्घ्य दिया। इसके बाद चलनी में जलता हुआ दीया रखकर चांद को देखने के बाद ही उसी प्रकार पति को भी चलनी में देखने की परंपरा का निर्वहन किया। पति ने अपने हाथों से पत्नी को मीठा खिलाने के बाद जल पिलाकर व्रत पूर्ण कराया। पति व पत्नी ने जीवन भर साथ निभाने का एक दूसरे से भरोसा भी जताया।
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इसके साथ ही बेतियाहाता हनुमान मंदिर, असुरन विष्णु मंदिर, तारामंडल, गोरखनाथ मंदिर, महादेव झारखंडी मंदिर परिसर, पैडलेगंज स्थित मंदिर में समूह में पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर फोटो डालने का सिलसिला शुरु हो गया जो देर रात तक चलता रहा।
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गोरखपुर। करवाचौथ का पर्व शुक्रवार को बड़े ही आस्था के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए पूरे दिन निर्जल व्रत रहकर पूजा-अर्चना की। शाम को शिव परिवार की पूजा-अर्चना कर चंद्र दर्शन कर अर्घ्य दिया। इसके बाद पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत पूर्ण किया। कई जगहों पर महिलाओं ने समूह में पूजा-अर्चना कर व्रत की कथा सुनी।
सुहागिन महिलाओं ने पूरे दिन व्रत रह कर शाम को सोलह श्रृंगार कर पूजा की तैयारी की। चंद्रमा, शिव परिवार, गौरी गणेश की विधि पूर्वक पूजा की। इसमें मिट्टी का करवा, सीक, चावल के आटे का फरा से पूजा-अर्चना कर फल, फूल व मिठाई भी अर्पण किया और करवा चौथ व्रत की कथा सुनी। रात 07:58 के बाद चंद्र उदय होना शुरू हुआ।
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महिलाओं ने पूजा की थाली सजाकर चंद्रमा का दर्शन कर अर्घ्य दिया। इसके बाद चलनी में जलता हुआ दीया रखकर चांद को देखने के बाद ही उसी प्रकार पति को भी चलनी में देखने की परंपरा का निर्वहन किया। पति ने अपने हाथों से पत्नी को मीठा खिलाने के बाद जल पिलाकर व्रत पूर्ण कराया। पति व पत्नी ने जीवन भर साथ निभाने का एक दूसरे से भरोसा भी जताया।
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इसके साथ ही बेतियाहाता हनुमान मंदिर, असुरन विष्णु मंदिर, तारामंडल, गोरखनाथ मंदिर, महादेव झारखंडी मंदिर परिसर, पैडलेगंज स्थित मंदिर में समूह में पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर फोटो डालने का सिलसिला शुरु हो गया जो देर रात तक चलता रहा।