{"_id":"66ecbb3685f9305fc3021796","slug":"gorakhpur-news-investigation-into-stamp-tax-evasion-of-rs-100-crore-came-from-raj-bhavan-those-responsible-suppressed-it-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-690696-2024-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: 100 करोड़ के स्टांप कर चोरी की जांच राजभवन से आई, जिम्मेदारों ने दबाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: 100 करोड़ के स्टांप कर चोरी की जांच राजभवन से आई, जिम्मेदारों ने दबाई
विज्ञापन
गोरखपुर। नेपाल के थापा परिवार से शहर में 9.37 हेक्टेयर जमीन और एक कोठी को पॉवर ऑफ अटार्नी कराने में करीब 100 करोड़ की स्टांप ड्यूटी की चोरी के मामले में राजभवन ने भी जांच के आदेश दिए हैं। छह महीने बीतने पर भी रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई। फाइलों को दबा दिया गया और इसी बीच एआईजी स्टांप का तबादला हो गया। इसमें नौ मामलों की डीएम कोर्ट और छह की एडीएम एफआर कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
काठमांडो, नेपाल के मेट्रोपोलियन सिटी में रहने वाले अमर जंग थापा परिवार के सदस्यों से करीब 9.37 हेक्टेयर जमीन और एक कोठी का प्रयागराज के रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की फर्म ने पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिए विक्रय का अधिकार लिया। डीड पुराने स्टांप डयूटी के नियम के आधार पर की गई, जबकि 28 दिसंबर 2023 को संशोधित अध्यादेश लागू हो गया। इसी बीच जनसुनवाई पोर्टल पर अधिवक्ता पीपी पांडेय की शिकायत पर जांच में मामला पकड़ा गया। नेपाल के थापा परिवार के 15 लोगों से अलग-अलग पॉवर ऑफ अटार्नी कराया गया।
प्रत्येक डीड में 5, 99, 18, 880 रुपये स्टांप शुल्क जमा करना था, लेकिन 100 रुपये ही लगाया गया। सभी मामलों में 102, 71, 71, 800 रुपये कम शुल्क जमा हुए हैं। अधिवक्ता ने राजभवन में शिकायत कर पूरे मामले की जांच की मांग की। इसके बाद अप्रैल 2024 में राजभवन ने शासन से जांच कराने को कहा। सहायक महानिरीक्षक निबंधन एवं सहायक आयुक्त स्टांप अलका सिंह ने एआईजी स्टांप से जांच कर रिपोर्ट मांगी। इसी बीच तत्कालीन एआईजी स्टांप का तबादला हो गया, इसके बाद जांच की फाइल ठंडे बस्ते में चली गई। इस संबंध में एआईजी स्टांप संजय दूबे ने बताया कि जांच के लिए आदेश आया हुआ है, जल्द ही रिपोर्ट भिजवाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
काठमांडो, नेपाल के मेट्रोपोलियन सिटी में रहने वाले अमर जंग थापा परिवार के सदस्यों से करीब 9.37 हेक्टेयर जमीन और एक कोठी का प्रयागराज के रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की फर्म ने पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिए विक्रय का अधिकार लिया। डीड पुराने स्टांप डयूटी के नियम के आधार पर की गई, जबकि 28 दिसंबर 2023 को संशोधित अध्यादेश लागू हो गया। इसी बीच जनसुनवाई पोर्टल पर अधिवक्ता पीपी पांडेय की शिकायत पर जांच में मामला पकड़ा गया। नेपाल के थापा परिवार के 15 लोगों से अलग-अलग पॉवर ऑफ अटार्नी कराया गया।
विज्ञापन
प्रत्येक डीड में 5, 99, 18, 880 रुपये स्टांप शुल्क जमा करना था, लेकिन 100 रुपये ही लगाया गया। सभी मामलों में 102, 71, 71, 800 रुपये कम शुल्क जमा हुए हैं। अधिवक्ता ने राजभवन में शिकायत कर पूरे मामले की जांच की मांग की। इसके बाद अप्रैल 2024 में राजभवन ने शासन से जांच कराने को कहा। सहायक महानिरीक्षक निबंधन एवं सहायक आयुक्त स्टांप अलका सिंह ने एआईजी स्टांप से जांच कर रिपोर्ट मांगी। इसी बीच तत्कालीन एआईजी स्टांप का तबादला हो गया, इसके बाद जांच की फाइल ठंडे बस्ते में चली गई। इस संबंध में एआईजी स्टांप संजय दूबे ने बताया कि जांच के लिए आदेश आया हुआ है, जल्द ही रिपोर्ट भिजवाई जाएगी।
विज्ञापन