फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   In Gorakhpur, Illegal plotting at 65 places for colonies in the city...bulldozer will run

Gorakhpur News: शहर में कॉलोनियों के लिए 65 जगह अवैध प्लॉटिंग, चलेगा बुलडोजर- 1 वर्ष में 88 हो चुके हैं ध्वस्त

Sun, 10 Aug 2025 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 10 Aug 2025 12:43 AM IST
सार

जीडीए के अधिकारियों के अनुसार, शहर के कई इलाकों में भू-माफिया ने छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर जमीन बेच दी। निवेशकों को सस्ते दाम और जल्द घर बनाने के सपने दिखाए गए लेकिन इन कॉलोनियों का न तो नक्शा स्वीकृत है और न ही यहां पर विकास की बुनियादी सुविधाओं का कोई इंतजाम है।

विज्ञापन
In Gorakhpur, Illegal plotting at 65 places for colonies in the city...bulldozer will run
बिशनपुर में अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

शहर में अवैध प्लाटिंग कर कॉलोनी बसाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शहर में 65 अवैध प्लाटिंग को चिह्नित किया है। इसे बुलडोजर से ध्वस्त किया जाएगा। बीते एक साल में जीडीए ने 88 अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर 500 एकड़ से अधिक जमीन को खाली कराया है।

विज्ञापन


जमीन के धंधेबाजों ने नियम-कानून को दरकिनार कर अवैध कॉलोनियों के लिए प्लॉटिंग कर डाली है। इन कॉलोनियों में बिना गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) से मानचित्र स्वीकृत कराए ही खुलेआम प्लॉटिंग कर दी गई है। जीडीए की जांच में ये कॉलोनियां पूरी तरह अवैध मिली हैं। इनपर अब जल्द ही बुलडोजर चलने की तैयारी है।
विज्ञापन


जीडीए के अधिकारियों के अनुसार, शहर के कई इलाकों में भू-माफिया ने छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर जमीन बेच दी। निवेशकों को सस्ते दाम और जल्द घर बनाने के सपने दिखाए गए लेकिन इन कॉलोनियों का न तो नक्शा स्वीकृत है और न ही यहां पर विकास की बुनियादी सुविधाओं का कोई इंतजाम है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाल ही में वाद अनुभाग की समीक्षा बैठक में जीडीए सचिव पुष्पराज सिंह ने निर्देश दिए कि अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में सुनवाई की अधिकतम तीन तिथियां तय करते हुए ध्वस्तीकरण आदेश शीघ्र जारी किए जाएं।

सभी लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट तलब की गई है। निर्देश गए दिए हैं कि जल्द सुनवाई कर अवैध प्लाॅटिंग को ध्वस्त कर कार्रवाई शुरू करें: किशन सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता

मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा फंसता है धंधेबाजों के जाल में
अवैध कॉलोनियों में निवेश करने वाले अधिकतर लोग मध्यम वर्ग से होते हैं। सस्ते प्लॉट का लालच, शहर के भीतर जमीन मिलने का सपना और तत्काल कब्जा दिलाने का वादा इन्हें आकर्षित करता है। बाद में पता चलता है कि यह जमीन विवादित है। यहां पानी, सड़क और सीवर की सुविधा है न ही बिजली की स्थायी व्यवस्था। कई बार तो ऐसे निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाता है और खरीदार जीवन भर की कमाई गंवा बैठते हैं।

नियमों की अनदेखी और मुनाफाखोरी वजह
जीडीए के नियम के अनुसार, किसी भी कॉलोनी को बसाने से पहले उसका लेआउट प्लान स्वीकृत कराना जरूरी है। साथ ही कॉलोनी में सड़क, पार्क, जलनिकासी, सीवरलाइन और बिजली जैसीं सुविधाएं सुनिश्चित करनी होती हैं लेकिन धंधेबाज इन नियमों की अनदेखी करते हुए सीधे प्लॉटिंग कर जमीन बेच देते हैं।


इन कॉलोनियों में रहने वालों को बाद में वर्षों तक सरकारी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है। जीडीए का दावा है कि आने वाले दिनों में शहर को पूरी तरह अवैध प्लाॅटिंग और निर्माण से मुक्त कराने के लिए चरणबद्ध अभियान और तेज होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed