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Gorakhpur News: घरवालों से कहता था संत बनूंगा, 13 वर्ष में ही घर छोड़ने का कर लिया फैसला

Tue, 05 Aug 2025 01:50 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 05 Aug 2025 01:50 AM IST
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Gorakhpur News: I used to tell my family that I will become a saint, decided to leave home at the age of 13
बड़हलगंज क्षेत्र के एक किशोर ने छोड़ दिया था घर, पुलिस संग लाने के लिए पिता गए हैं वाराणसी
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गोरखपुर। बड़हलगंज के किशोर को वापस लाने के लिए पुलिस के साथ उसके पिता वाराणसी गए हैं। किशोर के घरवालों का कहना है कि वह हमेशा कहता था कि एक दिन संत बनेगा। अध्यात्म से जुड़े वीडियो देखता रहता था। मां ने कहा था कि 21 साल का हो जाने के बाद संत बनना लेकिन उसने 13 साल में ही यह फैसला ले लिया।
किशोरी की मां ने बताया कि वह हमेशा संत प्रेमानंद को सुनता था। कहता था- इनकी तरह संत बनूंगा। लेकिन कभी ऐसा नहीं लगा, वो भाग जाएगा। इतना बड़ा कदम उठाएगा। बेटे से कहा था कि 21 साल के हो जाओ, तब तुम संत बनना। छुट्टी होगी तब तुमको संत प्रेमानंद के आश्रम में ले चलेंगे। वहां चलकर दर्शन भी कर लेना।
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दरअसल, बड़हलगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोर शुक्रवार को स्कूल से छुट्टी के बाद लापता हो गया था। परिजनों के अनुसार, वह रोज की तरह सुबह स्कूल गया था। स्कूल की छुट्टी दोपहर में एक बजे होती है लेकिन रात आठ बजे तक घर नहीं लौटा। परिवार ने काफी खोजबीन की। इसके बाद पिता ने शनिवार को बड़हलगंज थाने में तहरीर देकर बेटे को खोजने की गुहार लगाई। पुलिस ने केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि वह दोहरीघाट स्टेशन से ट्रेन में बैठा है। पुलिस की जांच में पता चला कि वह वाराणसी के एक मंदिर में पहुंच गया था। वह संत प्रेमानंद जैसा बनने के लिए घर छोड़ा था।
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बच्चों में दिखता है आवेगशील व्यवहार
मनोवैज्ञानिक डॉ. गरिमा सिंह ने बताया कि बच्चों में कई बार आवेगशील व्यवहार पाया जाता है। ज्यादा आवेग होने की वजह से उन्हें समझ नहीं आता है कि वो क्या कर रहे हैं। इसका परिणाम कभी अच्छा होता है तो कभी बुरा। कभी-कभी आवेग में आकर बच्चे ऐसा कर जाते है जिसकी किसी को उम्मीद नहीं होती है। कभी ऐसा करते हैं जिससे उनके साथ-साथ परिवार का भी बुरा हो जाता है। इसलिए वर्तमान समय के अभिभावकों के लिए ये बहुत मुश्किल चुनौती हो गई है। बच्चों का सही तरीके से मार्गदर्शन करना जरूरी है।
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