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Gorakhpur News: 38 टीमों की कड़ी मेहनत, एक साल में टीबी से स्वस्थ हुए 337 बच्चे
Wed, 07 Feb 2024 06:52 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: रोहित सिंह
Updated Wed, 07 Feb 2024 06:52 PM IST
सार
गोरखपुर जिले में वर्ष 2023 में टीबी से ग्रसित 1113 मरीज ओपीडी, एचडब्ल्यूसी, आरबीएसके टीम आदि के सहयोग से खोजे गये। इनमें से 337 बच्चे इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं।
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ओपीडी में आने वाले पांच फीसदी मरीजों की होगी टीबी की जांच।
- फोटो : ??? ?????
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विस्तार
सरदारनगर क्षेत्र का नौ साल का हरीश अब अपने स्कूल में नियमित पढ़ाई करने लगा है। हरीश एक्सट्रा पल्मोनरी टीबी की चपेट में था। मात्र छह माह के इलाज में वह पूरी तरह ठीक हो गया। जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई जांच में उसकी बीमारी के बारे में पता चला था। इस बीमारी से मुक्ति पाने वालों में हरीश इकलौता नहीं, बल्कि ऐसे 337 बच्चे बीते एक साल में टीबी से स्वस्थ हो चुके हैं।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. गणेश यादव ने बताया कि वर्ष 2023 में टीबी से ग्रसित 1113 मरीज ओपीडी, एचडब्ल्यूसी, आरबीएसके टीम आदि के सहयोग से खोजे गये। इनमें से 337 बच्चे इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। बाकी का इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि समय से पहचान हो जाने पर टीबी का इलाज छह माह में आसानी से हो जाता है। इलाज में देरी पर टीबी ड्रग रेसिस्टेंट हो जाता है, जिसका इलाज जटिल है और इसमें डेढ़ से दो साल तक का समय लग जाता है ।
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आरबीएसके के डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उनकी टीम ने टीबी के पांच बाल मरीजों की पहचान करवा कर इलाज की सुविधा दिलाई है। सीएमओ डॉ. आशुतोष दूबे ने बताया कि जिले में आरबीएसके की 38 टीमें कार्य कर रही हैं जो स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाती हैं और वहां टीबी मरीजों की खोज करती हैं।
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