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Gorakhpur News: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में गोरक्षनगरी को प्रदेश में दूसरा स्थान

Wed, 10 Sep 2025 01:35 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:35 AM IST
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Gorakhpur News: Gorakshanagari gets second place in the state in clean air survey
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी की स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2025 की रिपोर्ट
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देशभर में तीन से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में गोरखपुर का है पांचवां स्थान
गोरखपुर। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 की रिपोर्ट जारी कर दी है। इसमें गोरखपुर को देश में पांचवां और प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। तीन से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में गोरखपुर ने यह उपलब्धि हासिल की है। हालांकि, पिछले वर्ष गोरखपुर का देश में चौथा स्थान था लेकिन इस बार गोरखपुर ने 3.5 अंक अधिक हासिल किए हैं।
तीन से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में 200 अंकों के साथ अमरावती पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर 198.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से मुरादाबाद और झांसी हैं। 197.6 के साथ अलवर तीसरे और 196.5 अंक के साथ भुवनेश्वर चौथे स्थान पर है। 195 अंक के साथ गोरखपुर पांचवें स्थान पर है। पिछले वर्ष इसी श्रेणी में गोरखपुर चौथे स्थान पर था लेकिन उस बार 191.5 अंक ही प्राप्त हुए थे। इस वर्ष गोरखपुर ने अधिक अंक प्राप्त किए हैं लेकिन एक पायदान नीचे खिसक गया है।
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दरअसल, गोरखपुर में निर्माण कार्य काफी तेजी से हो रहे हैं। शहर के बीचोंबीच विश्वविद्यालय रोड का निर्माण चल रहा है। इसकी वजह से वहां धूल उड़ती रहती है। विरासत गलियारा, सिक्सलेन का भी निर्माण कार्य प्रगति पर है। माना जा रहा है कि इस वजह से भी कुछ अंक कट गए हैं। शहर में ई-वाहनों की कमी की वजह से भी गोरखपुर के अंक कटे हैं। वायुमंडल में पीएम10 (पार्टिकुलेट मैटर 10) के स्तर में कमी से लाभ हुआ है। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि शहर में प्रदूषण को कम करने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इसी वजह से सर्वेक्षण में इस बार पिछले वर्ष की तुलना में अधिक अंक मिले हैं। शहर में चारों ओर निर्माण कार्य हो रहे हैं। ई-वाहनों की भी कमी है। अगले वर्ष रैंकिंग में सुधार देखने को मिलेगा।
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एकला बांध पर हुआ पौधरोपण
नगर निगम की ओर से एकला बांध पर लीगेसी वेस्ट ( घर से निकलने वाला कचरा) को खत्म कर मिट्टी बराबर कर दी गई है। वहां पर वृहद स्तर पर पौधरोपण किया गया है। एक वर्ष पहले लगाए गए ये पौधे अब बढ़ने लगे हैं। इसी तरह वार्डों में भी पौधरोपण किया गया है। पार्कों का सुंदरीकरण और नए पार्कों का निर्माण, बिना पेड़ काटे सड़कों के निर्माण से निगम को सर्वेक्षण में लाभ मिला है। इसी कारण पिछले वर्ष की तुलना में अधिक अंक मिले हैं।



इन मानकों पर होती है रैंकिंग

शहर में सड़कें बनी हों और एंड टू एंड पेविंग (इंटरलाकिंग) कार्य हो।
मैकेनाइज्ड स्वीपिंग (मशीन से सड़क की सफाई) को बढ़ावा दिया जा रहा हो।

कचरे का निस्तारण सुदृढ़ हो, सीएंडडी और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था हो।
ग्रीन बेल्ट का विकास, डंप साइट के लिए नगर वाटिका, मियावाकी विधि से वनीकरण होना जरूरी है।


पटरियों की कराई इंटरलाकिंग

नगर निगम ने शहर की सभी सड़कों की एंड टू एंड पेविंग (इंटरलॉकिंग) कराई है। इससे सड़क किनारे की मिट्टी से धूल उड़ने में कमी आई। डिवाइडर पर पौधे लगाए जा रहे हैं, जिससे ग्रीन बेल्ट का दायरा बढ़ सके। पौधों पर धूल जमा न हो, इसके लिए स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव हो रहा है। कचरा प्रबंधन में भी नगर निगम ने काफी प्रयास किए हैं। सुथनी में कचरा निस्तारण के कई प्लांट निर्माणाधीन हैं। इनके चालू हो जाने से कुछ अंक बढ़ जाएंगे। कचरा निस्तारण की समस्या की वजह से अंकों का नुकसान हुआ है।
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