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Gorakhpur News: फिर 35 घंटे लेट हुई गोरखपुर-दादर स्पेशल...यात्री दे रहे सब्र का इम्तेहान
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गोरखपुर। किसान आंदोलन खत्म हुआ तो अमृतसर रूट की ट्रेनों का संचालन थोड़ा ठीक हो गया, लेकिन मुंबई जाने वाली ट्रेनों का संचालन अब भी प्रभावित है। गोरखपुर से बृहस्पतिवार को दोपहर में जाने वाली गोरखपुर-दादर स्पेशल अब 35 घंटे की देरी से शनिवार को जाएगी। घंटों ट्रेन लेट होने से यात्रियों के सब्र का इम्तेहान हो रहा है। कैसे-कैसे स्टेशन पर उनकी रात गुजर रही है। मुंबई की तरफ से आने वाली ट्रेन के लेट होने की वजह से इस ट्रेन का समय बार-बार बदला गया।
नौसड़ के रहने वाले गोधन केवट ने काफी दिनों पहले मुंबई का टिकट किया था। बृहस्पतिवार की दोपहर 12 बजे के करीब वे पत्नी और बेटी के साथ स्टेशन पर पहुंच गए। वहां जाने पर पता चला कि ये 01028 गोरखपुर-दादर स्पेशल अब शुक्रवार सुबह छह बजे जाएगी। इसके बाद वे परिवार संग घर लौट गए। अगले दिन सुबह चार बजे ही वे स्टेशन आ गए। तब पता चला कि ट्रेन अब दोपहर में 12:30 बजे जाएगी। उन्होंने सोचा कि इतनी देर के लिए क्या घर जाएं, यहीं इंतजार कर लेते हैं। 12 बजे पता चला कि ट्रेन एक बार फिर री शेड्यूल हो गई है, और ये अब शाम में 7:30 बजे जाएगी। इसके बाद वे अपने रिश्तेदार के घर तारामंडल चले गए।
वहां से शाम छह बजे आए तो पता चला कि ट्रेन अब रात में एक बजे जाएगी। इसके बाद उन्हाेंने घर जाने से बेहतर इंतजार करना ही ठीक समझा।
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बार-बार बदल रहा समय
गोरखपुर-दादर स्पेशल को बृहस्पतिवार को तो एक बार में ही 16 घंटे री शेड्यूल कर दिया गया, लेकिन इसके बाद वह हर छह घंटे पर बदलने लगा। पास के यात्री घर चले गए, लेकिन दूर-दराज के यात्रियों के पास इंतजार करना एकमात्र विकल्प रहा। सीवान के बृजेश बृहस्पतिवार को सुबह स्टेशन पर पहुंच गए। उनको अकेले यात्रा करनी थी। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार से ही वह स्टेशन पर हैं। घर दूर है तो आने-जाने में परेशानी होगी। इसीलिए प्लेटफॉर्म पर किसी तरह समय काट रहे हैं।
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प्लेटफॉर्म पर गुजर रही रात
दूर-दराज से आए यात्री प्लेटफॉर्म पर सोने को मजबूर हैं। शुक्रवार की रात बड़ी संख्या में यात्री प्लेटफॉर्म और बाहर सोते हुए मिले। कोई चादर तो कोई प्लास्टिक बिछाकर ट्रेन का इंतजार कर रहा था। गर्मी के बीच छोटे-छोटे बच्चे परेशान रहे।
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बोले यात्री...
ट्रेन का कुछ समझ में ही नहीं आ रहा। बार-बार री शेड़्यूल हो रही है। कई बार हम घर से वापस आ चुके हैं। इसकी वजह से बहुत परेशानी हो रही है।
-गोधन
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मुंबई में नौकरी करते हैं। एक दिन पहले आकर बैठे हैं। घर दूर है, नहीं तो वहीं चले जाते। गर्मी में बहुत परेशानी हो रही है। प्लेटफॉर्म पर बच्चे परेशान हो गए।
-संतोष
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नौसड़ के रहने वाले गोधन केवट ने काफी दिनों पहले मुंबई का टिकट किया था। बृहस्पतिवार की दोपहर 12 बजे के करीब वे पत्नी और बेटी के साथ स्टेशन पर पहुंच गए। वहां जाने पर पता चला कि ये 01028 गोरखपुर-दादर स्पेशल अब शुक्रवार सुबह छह बजे जाएगी। इसके बाद वे परिवार संग घर लौट गए। अगले दिन सुबह चार बजे ही वे स्टेशन आ गए। तब पता चला कि ट्रेन अब दोपहर में 12:30 बजे जाएगी। उन्होंने सोचा कि इतनी देर के लिए क्या घर जाएं, यहीं इंतजार कर लेते हैं। 12 बजे पता चला कि ट्रेन एक बार फिर री शेड्यूल हो गई है, और ये अब शाम में 7:30 बजे जाएगी। इसके बाद वे अपने रिश्तेदार के घर तारामंडल चले गए।
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वहां से शाम छह बजे आए तो पता चला कि ट्रेन अब रात में एक बजे जाएगी। इसके बाद उन्हाेंने घर जाने से बेहतर इंतजार करना ही ठीक समझा।
बार-बार बदल रहा समय
गोरखपुर-दादर स्पेशल को बृहस्पतिवार को तो एक बार में ही 16 घंटे री शेड्यूल कर दिया गया, लेकिन इसके बाद वह हर छह घंटे पर बदलने लगा। पास के यात्री घर चले गए, लेकिन दूर-दराज के यात्रियों के पास इंतजार करना एकमात्र विकल्प रहा। सीवान के बृजेश बृहस्पतिवार को सुबह स्टेशन पर पहुंच गए। उनको अकेले यात्रा करनी थी। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार से ही वह स्टेशन पर हैं। घर दूर है तो आने-जाने में परेशानी होगी। इसीलिए प्लेटफॉर्म पर किसी तरह समय काट रहे हैं।
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प्लेटफॉर्म पर गुजर रही रात
दूर-दराज से आए यात्री प्लेटफॉर्म पर सोने को मजबूर हैं। शुक्रवार की रात बड़ी संख्या में यात्री प्लेटफॉर्म और बाहर सोते हुए मिले। कोई चादर तो कोई प्लास्टिक बिछाकर ट्रेन का इंतजार कर रहा था। गर्मी के बीच छोटे-छोटे बच्चे परेशान रहे।
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बोले यात्री...
ट्रेन का कुछ समझ में ही नहीं आ रहा। बार-बार री शेड़्यूल हो रही है। कई बार हम घर से वापस आ चुके हैं। इसकी वजह से बहुत परेशानी हो रही है।
-गोधन
मुंबई में नौकरी करते हैं। एक दिन पहले आकर बैठे हैं। घर दूर है, नहीं तो वहीं चले जाते। गर्मी में बहुत परेशानी हो रही है। प्लेटफॉर्म पर बच्चे परेशान हो गए।
-संतोष