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Gorakhpur News: पूजा वाले घी-तेल खाने लायक नहीं, पैकिंग पर लगेंगे क्रॉस के निशान

Wed, 20 Aug 2025 01:43 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 20 Aug 2025 01:43 AM IST
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Gorakhpur News: Ghee and oil used for worship is not fit for consumption, cross marks will be put on the packing
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण नई दिल्ली ने बनाई गाइड लाइन
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खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने औषधि प्रशासन विभाग को नियमों के प्रचार-प्रसार के दिए निर्देश
पूजा वाले घी व तेल में मानकों का पालन नहीं होने पर लिया गया निर्णय
गोरखपुर। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण उपभोक्ताओं की सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया है कि अब बाजार में बिकने वाले पूजा-पाठ वाले घी और तेल की पैकिंग पर काले रंग से क्रॉस का निशान लगाना अनिवार्य होगा। इसका मतलब यह है कि यह ''''खाने योग्य नहीं'''' है। पहले पैकिंग पर केवल पूजा के लिए लिखना ही पर्याप्त होता था।
अक्सर देखा जाता है कि बाजार में उपलब्ध पूजा वाले घी और तेल का उपयोग कुछ लोग भोजन पकाने या सेवन में कर लेते हैं, जबकि ये उत्पाद वैज्ञानिक मानकों के अनुसार खाने योग्य नहीं होते। इनमें गुणवत्ता, शुद्धता और पोषक तत्वों की वैसी जांच नहीं होती जैसी खाने योग्य तेल और घी में की जाती है। कई बार इनमें ऐसे पदार्थ भी मिले होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए प्राधिकरण ने यह कदम उठाया है।
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पैकेजिंग पर होंगे नए नियम

आदेश के अनुसार, अब पूजा वाले घी-तेल की पैकिंग पर बड़े अक्षरों में ''''खाने योग्य नहीं'''' लिखना होगा। इसके अलावा, पैकिंग पर क्रॉस का निशान भी स्पष्ट रूप से अंकित किया जाएगा, ताकि उपभोक्ता को पहली नजर में ही यह जानकारी मिल सके। इससे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या गलतफहमी की गुंजाइश नहीं रहेगी।
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शत प्रतिशत शुद्धता का दावा नहीं कर सकेंगे उत्पादक

खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि अब कोई भी निर्माता खाद्य सामग्री पर ''''100 प्रतिशत शुद्ध'''' या ''''शत-प्रतिशत ऑर्गेनिक'''' जैसे दावे नहीं कर सकेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अक्सर ये दावे वैज्ञानिक प्रमाणों से परे होते हैं और उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं। अब उत्पादक केवल वही जानकारी देंगे जिसकी पुष्टि प्रयोगशाला परीक्षण से हो सके।

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कोट

खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी उत्पादकों और व्यापारियों को इसकी जानकारी देना शुरू कर दिया है। अगर कोई कंपनी या व्यापारी आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई शामिल है।

- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य
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