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जीडीए: ध्वस्तीकरण अब अंतिम विकल्प
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प्राधिकरण लगवाएगा शमन मानचित्र समाधान मेला, प्राधिकरण सचिव ने अभियंताओं की बैठक में दिए निर्देश
गोरखपुर। अनधिकृत निर्माण के ध्वस्तीकरण को लेकर उच्चतम न्यायालय के आदेश के क्रम में शासन की ओर से भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस क्रम में जीडीए अब शमन (कम्पाउंडिंग) की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। शमन मानचित्र के लिए निर्धारित शुल्क जमा कर कम्पाउंडिंग कराई जाएगी। ध्वस्तीकरण अब अंतिम विकल्प होगा।
प्राधिकरण सचिव यूपी सिंह ने ओएसडी प्रखर उत्तम एवं प्रभारी मुख्य अभियंता के साथ प्रवर्तन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक में इसके लिए दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। स्वीकृत मानचित्र के सापेक्ष यदि अन्य निर्माण कर लिया गया है तो प्राधिकरण 10 फीसदी निर्माण को नियमित कर सकता है। उसके लिए शमन शुल्क जमा करना होगा। ऐसा निर्माण जिनका शमन नहीं हो सकता, उसे तोड़ने के लिए भवन स्वामी को 15 दिन का वक्त दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त यदि किसी ने बिना मानचित्र स्वीकृत कराए भवन निर्माण कर लिया है तो उसे भी मानचित्र बनवाने और शमन कराने के लिए मौका मिलेगा। सीधे ध्वस्तीकरण का आदेश नहीं होगा। शमन (कम्पाउडिंग) के लिए आवेदन ऑफलाइन लिए जाएंगे। ऑनलाइन साफ्टवेयर पर फिलहाल काम चल रहा है, उसके बाद ऑनलाइन की सुविधा भी मिलेगी।
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निर्माण कार्यों को समय से पूरा कराएं
जीडीए वीसी ने अभियंताओं के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान सभी निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। वीसी ने गोरक्ष इन्क्लेव के निर्माण में देरी की वजह पूछी तो बताया गया कि लिफ्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया में समय लगा। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि सभी टेंडर समय से जारी किए जाएं। अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा के बाद सभी को समय से पूरा कराने का निर्देश दिया गया।
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गोरखपुर। अनधिकृत निर्माण के ध्वस्तीकरण को लेकर उच्चतम न्यायालय के आदेश के क्रम में शासन की ओर से भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस क्रम में जीडीए अब शमन (कम्पाउंडिंग) की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। शमन मानचित्र के लिए निर्धारित शुल्क जमा कर कम्पाउंडिंग कराई जाएगी। ध्वस्तीकरण अब अंतिम विकल्प होगा।
प्राधिकरण सचिव यूपी सिंह ने ओएसडी प्रखर उत्तम एवं प्रभारी मुख्य अभियंता के साथ प्रवर्तन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक में इसके लिए दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। स्वीकृत मानचित्र के सापेक्ष यदि अन्य निर्माण कर लिया गया है तो प्राधिकरण 10 फीसदी निर्माण को नियमित कर सकता है। उसके लिए शमन शुल्क जमा करना होगा। ऐसा निर्माण जिनका शमन नहीं हो सकता, उसे तोड़ने के लिए भवन स्वामी को 15 दिन का वक्त दिया जाएगा।
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इसके अतिरिक्त यदि किसी ने बिना मानचित्र स्वीकृत कराए भवन निर्माण कर लिया है तो उसे भी मानचित्र बनवाने और शमन कराने के लिए मौका मिलेगा। सीधे ध्वस्तीकरण का आदेश नहीं होगा। शमन (कम्पाउडिंग) के लिए आवेदन ऑफलाइन लिए जाएंगे। ऑनलाइन साफ्टवेयर पर फिलहाल काम चल रहा है, उसके बाद ऑनलाइन की सुविधा भी मिलेगी।
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निर्माण कार्यों को समय से पूरा कराएं
जीडीए वीसी ने अभियंताओं के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान सभी निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। वीसी ने गोरक्ष इन्क्लेव के निर्माण में देरी की वजह पूछी तो बताया गया कि लिफ्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया में समय लगा। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि सभी टेंडर समय से जारी किए जाएं। अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा के बाद सभी को समय से पूरा कराने का निर्देश दिया गया।