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Gorakhpur News: चिड़ियाघर में बहराइच से लाई गई मादा भेड़िया भैरवी की मौत
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अधिक उम्र, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक सामने आया
सितंबर 2024 में बहराइच से रेस्क्यू कर लाई गई थी मादा भेड़िया
विस्तृत जांच के लिए विसरा आईवीआरआई बरेली भेजा गया
गोरखपुर। चिड़ियाघर में बहराइच से रेस्क्यू कर लाई गई मादा भेड़िया भैरवी की सोमवार को सुबह मौत हो गई। दो दिन से उसने पानी कम पिया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अधिक उम्र, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक सामने आया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को चिड़ियाघर के इंसीनरेटर में जला दिया गया।
विस्तृत जांच के लिए विसरा आईवीआरआई (इंडियन वेटनेरी रिसर्च इंस्टीट्यूट) बरेली भेजा गया है। इसके पहले 30 मार्च को पीलीभीत से लाए गए बाघ केसरी की भी मौत हो गई थी।
बहराइच से सितंबर 2024 में दो आदमखोर भेड़ियों को रेस्क्यू कर शहीद अशफाक उल्लाह खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में लाया गया था। दोनों ने वहां पर इंसानों पर हमला किया था। इसमें एक नर और एक मादा भेड़िया शामिल थी। दोनों को पहले रेस्क्यू सेंटर में रखा गया। वहां इनके लिए जगह कम थी तो बाड़े में रखने का फैसला लिया गया।
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इन्होंने इंसानों पर हमला किया था, इसीलिए इन्हें वापस जंगल में नहीं छोड़ा गया। 20 जनवरी को सीएम योगी आदित्यनाथ ने दोनों को बाड़े में छोड़कर नामकरण किया। उन्होंने नर भेड़िए का नाम भैरव और मादा का भैरवी रखा। दोनों में नजदीकियां भी बढ़ रही थीं, लेकिन जंगल वापस जाने के लिए वे हमेशा परेशान नजर आते थे।
इसी बीच भैरवी ने शनिवार और रविवार को पानी कम पिया। इसे देखते हुए उसे दिए जाने वाले पानी में इलेक्ट्रॉल भी मिलाया गया, लेकिन इससे भी कोई खास असर नहीं हुआ। सोमवार सुबह नौ बजे के करीब कीपर ने नाइटसेल खोलकर देखा तो भैरवी कोई हरकत नहीं कर रही थी।
सूचना के बाद चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक वहां पहुंचे और जांच की। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद चिड़ियाघर के अधिकारियों ने शासन को सूचना दी। तब सदर पशु अस्पताल के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके वर्मा, चरगांवा पशु चिकित्सालय के डॉ. साकेत श्रीवास्तव और पिपरौली के डॉ. बीके सिंह की टीम ने शव का पोस्टमॉर्टम किया। इसमें मौत का कारण अधिक उम्र, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक सामने आया।
वर्जन
बहराइच से रेस्क्यू कर लाई गई मादा भेड़िया की सोमवार को मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम में अधिक उम्र, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक सामने आया है। विस्तृत जांच के लिए विसरा आईवीआरआई, बरेली भेजा जा रहा है।
- विकास यादव, निदेशक, चिड़ियाघर
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सितंबर 2024 में बहराइच से रेस्क्यू कर लाई गई थी मादा भेड़िया
विस्तृत जांच के लिए विसरा आईवीआरआई बरेली भेजा गया
गोरखपुर। चिड़ियाघर में बहराइच से रेस्क्यू कर लाई गई मादा भेड़िया भैरवी की सोमवार को सुबह मौत हो गई। दो दिन से उसने पानी कम पिया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अधिक उम्र, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक सामने आया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को चिड़ियाघर के इंसीनरेटर में जला दिया गया।
विस्तृत जांच के लिए विसरा आईवीआरआई (इंडियन वेटनेरी रिसर्च इंस्टीट्यूट) बरेली भेजा गया है। इसके पहले 30 मार्च को पीलीभीत से लाए गए बाघ केसरी की भी मौत हो गई थी।
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बहराइच से सितंबर 2024 में दो आदमखोर भेड़ियों को रेस्क्यू कर शहीद अशफाक उल्लाह खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में लाया गया था। दोनों ने वहां पर इंसानों पर हमला किया था। इसमें एक नर और एक मादा भेड़िया शामिल थी। दोनों को पहले रेस्क्यू सेंटर में रखा गया। वहां इनके लिए जगह कम थी तो बाड़े में रखने का फैसला लिया गया।
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इन्होंने इंसानों पर हमला किया था, इसीलिए इन्हें वापस जंगल में नहीं छोड़ा गया। 20 जनवरी को सीएम योगी आदित्यनाथ ने दोनों को बाड़े में छोड़कर नामकरण किया। उन्होंने नर भेड़िए का नाम भैरव और मादा का भैरवी रखा। दोनों में नजदीकियां भी बढ़ रही थीं, लेकिन जंगल वापस जाने के लिए वे हमेशा परेशान नजर आते थे।
इसी बीच भैरवी ने शनिवार और रविवार को पानी कम पिया। इसे देखते हुए उसे दिए जाने वाले पानी में इलेक्ट्रॉल भी मिलाया गया, लेकिन इससे भी कोई खास असर नहीं हुआ। सोमवार सुबह नौ बजे के करीब कीपर ने नाइटसेल खोलकर देखा तो भैरवी कोई हरकत नहीं कर रही थी।
सूचना के बाद चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक वहां पहुंचे और जांच की। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद चिड़ियाघर के अधिकारियों ने शासन को सूचना दी। तब सदर पशु अस्पताल के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके वर्मा, चरगांवा पशु चिकित्सालय के डॉ. साकेत श्रीवास्तव और पिपरौली के डॉ. बीके सिंह की टीम ने शव का पोस्टमॉर्टम किया। इसमें मौत का कारण अधिक उम्र, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक सामने आया।
वर्जन
बहराइच से रेस्क्यू कर लाई गई मादा भेड़िया की सोमवार को मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम में अधिक उम्र, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक सामने आया है। विस्तृत जांच के लिए विसरा आईवीआरआई, बरेली भेजा जा रहा है।
- विकास यादव, निदेशक, चिड़ियाघर