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मोहद्दीपुर हादसा: रेसर बाइक की अंधाधुंध रफ्तार...एक झटके में बिखर गए 2 परिवार- टक्कर ऐसी कि 7 लोग हवा में उछले
Sun, 08 Dec 2024 11:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Dec 2024 11:43 AM IST
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सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
मोहद्दीपुर में शुक्रवार रात हुए हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। इसमें छानबीन में सामने आया कि नहर मोड़ पर अंधाधुंध ढंग से अचानक आई रेसर बाइक कंट्रोल न होने से हादसा हुआ। इससे दो परिवार बिखर गए। पुलिस की जांच में सामने आया है कि मोहद्दीपुर लेबर काॅलोनी में रहने वाले विक्रांत, पत्नी और तीन बच्चों के साथ नहर रोड मोड़ के पास से दाहिने घर की ओर धीमी गति से बाइक मोड़ रहे थे। इसी दौरान कुनराघाट की तरफ से आ रही तेज रफ्तार रेसर बाइक सवार ने नहर मोड़ के पास सामने से टक्कर मार दी।
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सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में विक्रांत (34) और उनकी दो साल की बेटी लाडो, एक साल की बेटी परी के अलावा रुस्तमपुर के मोनू चौहान (32) और बेतियाहाता हनुमान मंदिर के सूरज (20) की मौत हो गई। वहीं विक्रांत की पत्नी निकिता (30) और पांच साल के बेटे अंगद के साथ ही तीसरा बाइक सवार कुशीनगर के अहिरौली निवासी चिन्मयानंद मिश्रा (25) गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों घायलों का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
भोर में घर पहुंचे शव तो लेबर कॉलोनी में मची चीख-पुकार
प्रशासन ने पांचों शवों का देर रात मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद शनिवार भोर में शवों को घर ले जाया गया। मोहद्दीपुर के लेबर काॅलोनी में घर पर विक्रांत, परी और लाडो का शव पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। रिश्तेदारों, शुभचिंतकों की भीड़ जुट गई थी। वहीं रुस्तमपुर में मोनू चौहान और बेतियाहाता स्थित घर पर सूरज का शव पहुंचा तो परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दोपहर में सभी का राजघाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
भोर में घर पहुंचे शव तो लेबर कॉलोनी में मची चीख-पुकार
प्रशासन ने पांचों शवों का देर रात मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद शनिवार भोर में शवों को घर ले जाया गया। मोहद्दीपुर के लेबर काॅलोनी में घर पर विक्रांत, परी और लाडो का शव पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। रिश्तेदारों, शुभचिंतकों की भीड़ जुट गई थी। वहीं रुस्तमपुर में मोनू चौहान और बेतियाहाता स्थित घर पर सूरज का शव पहुंचा तो परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दोपहर में सभी का राजघाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
मृतक के घर जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
हॉस्पिटल में काम करते थे विक्रांत
विक्रांत की दस साल पहले शादी हुई थी। उनके तीन बच्चे अंगद, परी और लाडो थे। 12 दिसंबर को उनके साले की शादी है। शुक्रवार को हुमायूंपुर में रहने वाले साले के घर शादी के पहले होने वाले एक कार्यक्रम में बाइक से बच्चों और पत्नी निकिता के साथ गए थे।
रात करीब 12 बजे आते समय मोहद्दीपुर में घर से महज थोड़ी दूर पर हादसा हो गया। बीआरडी मेडिकल काॅलेज के वार्ड नंबर चार में महिला सर्जरी विभाग के बेड नंबर 25 पर निकिता की पत्नी विक्रांत भर्ती हैं। उनका बेटा अंगद (5) बीआरडी की आईसीयू में भर्ती है। अंगद की हालत गंभीर बताई जा रही है।
विक्रांत की दस साल पहले शादी हुई थी। उनके तीन बच्चे अंगद, परी और लाडो थे। 12 दिसंबर को उनके साले की शादी है। शुक्रवार को हुमायूंपुर में रहने वाले साले के घर शादी के पहले होने वाले एक कार्यक्रम में बाइक से बच्चों और पत्नी निकिता के साथ गए थे।
रात करीब 12 बजे आते समय मोहद्दीपुर में घर से महज थोड़ी दूर पर हादसा हो गया। बीआरडी मेडिकल काॅलेज के वार्ड नंबर चार में महिला सर्जरी विभाग के बेड नंबर 25 पर निकिता की पत्नी विक्रांत भर्ती हैं। उनका बेटा अंगद (5) बीआरडी की आईसीयू में भर्ती है। अंगद की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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मृतक परी
- फोटो : अमर उजाला
परी, लाडो और अंगद को खोज रहे दोस्त
लेबर काॅलोनी की रहने वाली और कक्षा पांच में पढ़ रही आकृति राज और यूकेजी में पढ़ने वाले विराज, परी, लाडो और अंगद के साथ हर दिन क्रिकेट और चोर-सिपाही खेलते थे। शनिवार को वे उनको खोज रहे थे। दोनों बच्चों को जब ये पता चला कि लाडो और परी की मौत हो गई है, तब वे उदास हो गए।
यूकेजी में पढ़ने वाला विराज मौत से अंजान है, वह बोल रहा था कि दोनों भगवान के पास गए हैं, कुछ दिन रहकर वापस आ जाएंगे। वहीं उसकी बातों को सुनकर आकृति रोने लगी।
लेबर काॅलोनी की रहने वाली और कक्षा पांच में पढ़ रही आकृति राज और यूकेजी में पढ़ने वाले विराज, परी, लाडो और अंगद के साथ हर दिन क्रिकेट और चोर-सिपाही खेलते थे। शनिवार को वे उनको खोज रहे थे। दोनों बच्चों को जब ये पता चला कि लाडो और परी की मौत हो गई है, तब वे उदास हो गए।
यूकेजी में पढ़ने वाला विराज मौत से अंजान है, वह बोल रहा था कि दोनों भगवान के पास गए हैं, कुछ दिन रहकर वापस आ जाएंगे। वहीं उसकी बातों को सुनकर आकृति रोने लगी।
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विक्रांत व लाडो( फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
बहन की खरीदी रेसर बाइक से दोस्त साथ के साथ निकला था मोनू
मोहद्दीपुर में शुक्रवार रात में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मोनू चौहान व सूरज रावत दोनों जिगरी दोस्त थे। तीन भाइयों में सबसे छोटा सूरज, भालोटिया मार्केट में दवा की एक दुकान पर काम करता था। मोनू एंबुलेंस चलाता था। सूरज के बड़े भाई गोलू रावत ने बताया कि दोनों अक्सर ही साथ में घूमने जाया करते थे।
मोहद्दीपुर में शुक्रवार रात में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मोनू चौहान व सूरज रावत दोनों जिगरी दोस्त थे। तीन भाइयों में सबसे छोटा सूरज, भालोटिया मार्केट में दवा की एक दुकान पर काम करता था। मोनू एंबुलेंस चलाता था। सूरज के बड़े भाई गोलू रावत ने बताया कि दोनों अक्सर ही साथ में घूमने जाया करते थे।