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Gorakhpur News: प्रवेश पत्र न होने की वजह से परीक्षा से किया बाहर, बिना प्रवेश पत्र परीक्षा दिलाने के लिए मांगे पैसे
Sat, 25 May 2024 06:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 25 May 2024 06:05 AM IST
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कॉलेज में परीक्षा दे रहे छात्र ने कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि उसके पास प्रवेश पत्र न होने की वजह से उसे परीक्षा से वंचित कर दिया गया। साथ ही बिना प्रवेश पत्र परीक्षा दिलवाने के लिए उससे तीन हजार रुपये की मांग की गई। छात्र ने शुक्रवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन से मिलकर इसकी शिकायत की।
वीएनबीपी कॉलेज का सेंटर चंद्रिका प्रसाद महाविद्यालय, गुलरिहा बाजार में आया है। बुधवार को दोपहर की पाली में बीए छठवें सेमेस्टर प्राचीन इतिहास की परीक्षा थी। छात्र विशाल गौड़ परीक्षा देने गया था। छात्र ने आरोप लगाया कि उसे परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद कक्ष से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद प्राचार्य कक्ष में बुलाकर रुपये की मांग की गई। छात्र ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने परीक्षा दिलवाने के लिए 3000 रुपये मांगे। बाद में कहा कि एक हजार दे दो परीक्षा में बैठ जाओगे। आरोप लगाया कि धनराशि न देने पर परीक्षा से वंचित कर दिया जाएगा।
छात्र ने इसके बाद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर फोन किया, जिससे मौके पर पुलिस आई लेकिन इससे भी कोई हल नहीं निकला। छात्र ने कुलपति से उचित कार्यवाही की मांग की। इस बारे में कुलपति ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच करवाकर उचित कार्यवाही की जाएगी।
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बिना प्रवेश पत्र दूसरी बार पहुंचा था छात्र
चंद्रिका प्रसाद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरिओम शुक्ला ने बताया कि यह छात्र इसके पहले भी एक परीक्षा बिना प्रवेश पत्र के दे चुका है। उस दिन इसे यह कहा गया था कि आज किसी तरह परीक्षा दे दो, लेकिन इसके बाद कॉलेज से दूसरा प्रवेश पत्र ले लेना। लेकिन यह दूसरी बार भी ऐसे ही आ गया। नियमों के तहत हम बिना प्रवेश पत्र परीक्षा में नहीं बैठने दे सकते। वीएनबीपी कॉलेज के प्राचार्य से जब बात की तो उन्होंने इसे पहचानने से इंकार कर दिया। पैसे मांगने वाली बात पूरी तरह गलत है।
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वीएनबीपी कॉलेज का सेंटर चंद्रिका प्रसाद महाविद्यालय, गुलरिहा बाजार में आया है। बुधवार को दोपहर की पाली में बीए छठवें सेमेस्टर प्राचीन इतिहास की परीक्षा थी। छात्र विशाल गौड़ परीक्षा देने गया था। छात्र ने आरोप लगाया कि उसे परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद कक्ष से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद प्राचार्य कक्ष में बुलाकर रुपये की मांग की गई। छात्र ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने परीक्षा दिलवाने के लिए 3000 रुपये मांगे। बाद में कहा कि एक हजार दे दो परीक्षा में बैठ जाओगे। आरोप लगाया कि धनराशि न देने पर परीक्षा से वंचित कर दिया जाएगा।
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छात्र ने इसके बाद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर फोन किया, जिससे मौके पर पुलिस आई लेकिन इससे भी कोई हल नहीं निकला। छात्र ने कुलपति से उचित कार्यवाही की मांग की। इस बारे में कुलपति ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच करवाकर उचित कार्यवाही की जाएगी।
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बिना प्रवेश पत्र दूसरी बार पहुंचा था छात्र
चंद्रिका प्रसाद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरिओम शुक्ला ने बताया कि यह छात्र इसके पहले भी एक परीक्षा बिना प्रवेश पत्र के दे चुका है। उस दिन इसे यह कहा गया था कि आज किसी तरह परीक्षा दे दो, लेकिन इसके बाद कॉलेज से दूसरा प्रवेश पत्र ले लेना। लेकिन यह दूसरी बार भी ऐसे ही आ गया। नियमों के तहत हम बिना प्रवेश पत्र परीक्षा में नहीं बैठने दे सकते। वीएनबीपी कॉलेज के प्राचार्य से जब बात की तो उन्होंने इसे पहचानने से इंकार कर दिया। पैसे मांगने वाली बात पूरी तरह गलत है।