{"_id":"68fd3373d1b5805af6039218","slug":"gorakhpur-news-employees-gave-answers-investigation-started-in-the-college-also-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-1112648-2025-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: कर्मचारियों ने दिए जवाब, कॉलेज में भी शुरू हुई जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: कर्मचारियों ने दिए जवाब, कॉलेज में भी शुरू हुई जांच
विज्ञापन
फर्जी मार्कशीट प्रकरण: बीएड की दो फर्जी मार्कशीट के मामले में दोनों कॉलेजों से भी डीडीयू ने मांगा स्पष्टीकरण
विशेष कमेटी कर रही जांच, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में फर्जी मार्कशीट प्रकरण में ज्यादातर कर्मचारियों ने नोटिस का जवाब दे दिया है। इसके साथ ही दोनों कॉलेजों में भी इसे लेकर जांच शुरू हो गई है। विशेष समिति मामले की जांच कर रही है। जल्द ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती है।
दरअसल, अभिलेखों में टेंपरिंग (छेड़छाड़) कर सेंट एंड्रयूज कॉलेज में बीए की छात्रा के अंक बढ़ाने के मामले में विश्वविद्यालय ने अभिलेख विभाग के वर्ष 2000 से 2022 तक के प्रभारियों को नोटिस जारी किया था। इसमें दो की मौत हो चुकी है। शुक्रवार और शनिवार को कई कर्मचारियों ने अपना जवाब दे दिया। कुछ ने अभी तक नहीं दिया है। चर्चा है कि जल्द ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती है।
वहीं, एक ही वर्ष में अलग-अलग कॉलेजों से बीएड की दो मार्कशीट जारी होने के मामले में कॉलेजों में भी जांच शुरू हो गई है। परीक्षा विभाग की ओर से इन कॉलेजों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, बीएसए कार्यालय आजमगढ़ की ओर से एक शिक्षिका की मार्कशीट का सत्यापन आया था। वर्ष 1992 में ही देवरिया और कुशीनगर के कॉलेजों से उसकी बीएड की मार्कशीट जारी हुई थी। मामले की जांच हुई तो पता चला कि दोनों मार्कशीट फर्जी हैं। विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में वह नाम और रोल नंबर नहीं मिला। इसके बाद कुलपति ने मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बना दी। यह कमेटी प्रकरण की जांच कर रही है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि जो भी दोषी पाए जाएंगे उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विशेष कमेटी कर रही जांच, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में फर्जी मार्कशीट प्रकरण में ज्यादातर कर्मचारियों ने नोटिस का जवाब दे दिया है। इसके साथ ही दोनों कॉलेजों में भी इसे लेकर जांच शुरू हो गई है। विशेष समिति मामले की जांच कर रही है। जल्द ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती है।
दरअसल, अभिलेखों में टेंपरिंग (छेड़छाड़) कर सेंट एंड्रयूज कॉलेज में बीए की छात्रा के अंक बढ़ाने के मामले में विश्वविद्यालय ने अभिलेख विभाग के वर्ष 2000 से 2022 तक के प्रभारियों को नोटिस जारी किया था। इसमें दो की मौत हो चुकी है। शुक्रवार और शनिवार को कई कर्मचारियों ने अपना जवाब दे दिया। कुछ ने अभी तक नहीं दिया है। चर्चा है कि जल्द ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन
वहीं, एक ही वर्ष में अलग-अलग कॉलेजों से बीएड की दो मार्कशीट जारी होने के मामले में कॉलेजों में भी जांच शुरू हो गई है। परीक्षा विभाग की ओर से इन कॉलेजों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, बीएसए कार्यालय आजमगढ़ की ओर से एक शिक्षिका की मार्कशीट का सत्यापन आया था। वर्ष 1992 में ही देवरिया और कुशीनगर के कॉलेजों से उसकी बीएड की मार्कशीट जारी हुई थी। मामले की जांच हुई तो पता चला कि दोनों मार्कशीट फर्जी हैं। विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में वह नाम और रोल नंबर नहीं मिला। इसके बाद कुलपति ने मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बना दी। यह कमेटी प्रकरण की जांच कर रही है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि जो भी दोषी पाए जाएंगे उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी।