{"_id":"66f6d99c8ac605e7db008867","slug":"gorakhpur-news-employees-agitated-over-the-demand-for-old-pension-memorandum-submitted-to-dm-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-697598-2024-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: पुरानी पेंशन की मांग को लेकर आंदोलित हुए कर्मचारी, डीएम को सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: पुरानी पेंशन की मांग को लेकर आंदोलित हुए कर्मचारी, डीएम को सौंपा ज्ञापन
Fri, 27 Sep 2024 09:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 27 Sep 2024 09:43 PM IST
विज्ञापन
गोरखपुर। पुरानी पेंशन की मांग को लेकर अटेवा पुरानी पेंशन बचाओ मंच के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के आह्वान पर कर्मचारी बृहस्पतिवार को आंदोलित रहे। नगर निगम के रानी लक्ष्मीबाई पार्क से आक्रोश मार्च निकाल कर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और यहां प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।
अटेवा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार दुबे ने कहा कि पुरानी पेंशन स्कीम में नौकरी से सेवानिवृत्त होने के अंतिम माह के मूल वेतन के साथ साथ महंगाई भत्ते का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में निर्धारित होता था। पुरानी पेंशन स्कीम हर साल संशोधित भी होती रहती थी, जबकि यूपीएस में मात्र बेसिक पे की 50 प्रतिशत पेंशन मिलेगी और वह भी 25 साल की सेवा पूर्ण करने के पश्चात मिलेगी। उन्होंने कहा कि हर कर्मचारी 25 वर्ष सर्विस नहीं कर पाएगा। 25 साल से कम सर्विस पर दस हजार रुपया प्रति माह पेंशन रूपी झुनझुना कर्मचारियों पकड़ाया जा रहा है जो ठीक नहीं है।
जिला महामंत्री ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि कर्मचारी जो 31 मार्च 2025 तक सेवानिवृत्त हो रहे हैं उनके लिए यूपीएस में कुछ भी नहीं है,किसी भी तरह के लाभ का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। आगे एनपीएस रूपी खाई है। जिला उपाध्यक्ष राजकुमार व संतोष पाठक ने कहा कि जिस हिसाब से यह योजना लाया गया है, इसका सीधा मतलब बीमा कंपनियों की तरह पॉलिसी बेचने की तरह है।
विज्ञापन
आक्रोश मार्च में स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षक सेल्फ केयर टीम उत्तर प्रदेश, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, नगर निगम विभाग, बीटीसी शिक्षक संघ, गुआक्टा, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति व जनजाति पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ,लेखपाल संघ इत्यादि संगठन रहा। इस अवसर पर तारकेश्वर शाही, अखंड प्रताप सिंह, दुर्गाविजय सिंह, रमेश कुमार भारती,राम सूरत यादव,हरेराम यादव, सुभाष दूबे, महिला मोर्चा के कल्पना सिंह, निशिकांत चौधरी, अंजली इत्यादि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
अटेवा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार दुबे ने कहा कि पुरानी पेंशन स्कीम में नौकरी से सेवानिवृत्त होने के अंतिम माह के मूल वेतन के साथ साथ महंगाई भत्ते का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में निर्धारित होता था। पुरानी पेंशन स्कीम हर साल संशोधित भी होती रहती थी, जबकि यूपीएस में मात्र बेसिक पे की 50 प्रतिशत पेंशन मिलेगी और वह भी 25 साल की सेवा पूर्ण करने के पश्चात मिलेगी। उन्होंने कहा कि हर कर्मचारी 25 वर्ष सर्विस नहीं कर पाएगा। 25 साल से कम सर्विस पर दस हजार रुपया प्रति माह पेंशन रूपी झुनझुना कर्मचारियों पकड़ाया जा रहा है जो ठीक नहीं है।
विज्ञापन
जिला महामंत्री ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि कर्मचारी जो 31 मार्च 2025 तक सेवानिवृत्त हो रहे हैं उनके लिए यूपीएस में कुछ भी नहीं है,किसी भी तरह के लाभ का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। आगे एनपीएस रूपी खाई है। जिला उपाध्यक्ष राजकुमार व संतोष पाठक ने कहा कि जिस हिसाब से यह योजना लाया गया है, इसका सीधा मतलब बीमा कंपनियों की तरह पॉलिसी बेचने की तरह है।
विज्ञापन
आक्रोश मार्च में स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षक सेल्फ केयर टीम उत्तर प्रदेश, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, नगर निगम विभाग, बीटीसी शिक्षक संघ, गुआक्टा, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति व जनजाति पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ,लेखपाल संघ इत्यादि संगठन रहा। इस अवसर पर तारकेश्वर शाही, अखंड प्रताप सिंह, दुर्गाविजय सिंह, रमेश कुमार भारती,राम सूरत यादव,हरेराम यादव, सुभाष दूबे, महिला मोर्चा के कल्पना सिंह, निशिकांत चौधरी, अंजली इत्यादि उपस्थित रहे।