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Gorakhpur News: हड्डों के हमले से बुजुर्ग की मौत, एक हफ्ते में दो दर्जन लोग घायल
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सहजनवां क्षेत्र के सिसई गांव का मामला, गांव में दहशत का माहौल
सहजनवां। थाना क्षेत्र के सिसई गांव में राप्ती नदी किनारे पेड़ पर लगे हड्डों के छत्ते से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार की शाम हड्डों के हमले से 60 वर्षीय बुजुर्ग मुराली निषाद की मौत हो गई। वहीं एक सप्ताह में करीब दो दर्जन ग्रामीण हड्डों की डंक से घायल हो चुके हैं। इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत सिसई निवासी मुराली निषाद सोमवार सुबह नदी किनारे गए थे। इसी दौरान वहां मौजूद हड्डों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। डंक लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने पास के मेडिकल स्टोर से उनका प्राथमिक इलाज कराया। वहां से घर लौटने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार के लोग उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी फूला देवी ने बताया कि मुराली निषाद की कोई संतान नहीं थी और वह पत्नी के साथ ही रहते थे। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि बीते एक सप्ताह में नदी किनारे गए करीब दो दर्जन लोग हड्डों के डंक से घायल हो चुके हैं। लगातार हो रही घटनाओं से गांव में भय का माहौल है और लोग नदी किनारे जाने से कतराने लगे हैं। संवाद
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सहजनवां। थाना क्षेत्र के सिसई गांव में राप्ती नदी किनारे पेड़ पर लगे हड्डों के छत्ते से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार की शाम हड्डों के हमले से 60 वर्षीय बुजुर्ग मुराली निषाद की मौत हो गई। वहीं एक सप्ताह में करीब दो दर्जन ग्रामीण हड्डों की डंक से घायल हो चुके हैं। इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत सिसई निवासी मुराली निषाद सोमवार सुबह नदी किनारे गए थे। इसी दौरान वहां मौजूद हड्डों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। डंक लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने पास के मेडिकल स्टोर से उनका प्राथमिक इलाज कराया। वहां से घर लौटने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार के लोग उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी फूला देवी ने बताया कि मुराली निषाद की कोई संतान नहीं थी और वह पत्नी के साथ ही रहते थे। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि बीते एक सप्ताह में नदी किनारे गए करीब दो दर्जन लोग हड्डों के डंक से घायल हो चुके हैं। लगातार हो रही घटनाओं से गांव में भय का माहौल है और लोग नदी किनारे जाने से कतराने लगे हैं। संवाद
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