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असफलता की चिंता न करें, धैर्य और संयम बनाए रखें : योगेश दीक्षित
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पॉवर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक इंजीनियर योगेश दीक्षित ने दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
गोरखपुर। पाॅवर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक इं. योगेश कुमार दीक्षित ने कहा कि सीखने की आदत डालें और सीखने की प्रवृति बनाए रखें। जो निरंतर सीखते रहते हैं वे जीवन में आगे बढ़ते हैं एवं सुखी रहते हैं। असफलता की चिंता न करें, धैर्य और संयम बनाए रखें। बस अपने काम के प्रति ईमानदारी बरतें। याद रखें कि जिंदगी की असली उड़ान अभी बाकी है।
कार्यकारी निदेशक मंगलवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज उत्तीर्ण होने वाले सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय के एंबेसडर हैं। स्नातक होना तो सीखने की एक प्रक्रिया है, आप सदैव विद्यार्थी बने रहें और ज्ञानार्जन करते रहें। छात्रों से अपील किया कि जीवन में कुछ ऐसा करें कि जब वापस कभी कैंपस में आएं तो पुरातन छात्र की तरह नहीं मॉडल के रूप में पहचान हो। उन्होंने बताया कि पाॅवर ग्रिड कॉर्पोरेशन की ओर से सीएसआर फंड से 200 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय परिसर में महिला छात्रावास बनाया जा रहा है।
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गोरखपुर। पाॅवर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक इं. योगेश कुमार दीक्षित ने कहा कि सीखने की आदत डालें और सीखने की प्रवृति बनाए रखें। जो निरंतर सीखते रहते हैं वे जीवन में आगे बढ़ते हैं एवं सुखी रहते हैं। असफलता की चिंता न करें, धैर्य और संयम बनाए रखें। बस अपने काम के प्रति ईमानदारी बरतें। याद रखें कि जिंदगी की असली उड़ान अभी बाकी है।
कार्यकारी निदेशक मंगलवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज उत्तीर्ण होने वाले सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय के एंबेसडर हैं। स्नातक होना तो सीखने की एक प्रक्रिया है, आप सदैव विद्यार्थी बने रहें और ज्ञानार्जन करते रहें। छात्रों से अपील किया कि जीवन में कुछ ऐसा करें कि जब वापस कभी कैंपस में आएं तो पुरातन छात्र की तरह नहीं मॉडल के रूप में पहचान हो। उन्होंने बताया कि पाॅवर ग्रिड कॉर्पोरेशन की ओर से सीएसआर फंड से 200 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय परिसर में महिला छात्रावास बनाया जा रहा है।
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