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Gorakhpur News: शहर के सभी वार्डों में बनेगा डॉग फीडिंग पॉइंट
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सुप्रीमकोर्ट और एबीसी नियम-2023 के अनुपालन में होगी पहल
गोरखपुर। प्रमुख सचिव अमृत अभिजात के निर्देश पर नगर निगम सभी 80 वार्डों में निराश्रित (सामुदायिक) कुत्तों के लिए फीडिंग पॉइंट (भोजन स्थल) चिह्नित करेगा। इन निर्धारित स्थानों पर ही कुत्तों को भोजन दिया जाएगा। ताकि वे अपने क्षेत्र से बाहर न जाएं और मानव एवं पशुओं के बीच होने वाले टकराव से बचा जा सके।
नगर विकास विभाग ने चार सितंबर को सभी नगर निकायों को गाइडलाइन जारी की है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के 22 अगस्त के आदेश और पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियम-2023 के तहत तय प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। फीडिंग पॉइंट बच्चों के खेलने के स्थानों, सीढि़यों और मुख्य द्वारों से दूर बनाए जाएंगे। भोजन कराने का समय भी इस तरह तय होगा कि बच्चों और वृद्धों की आवाजाही प्रभावित न हो। प्रत्येक स्थान पर सूचना पट्ट लगाए जाएंगे और नागरिकों को केवल इन्हीं पॉइंट पर भोजन देने की अनुमति होगी।
नगर निगम अधिकृत पशु-संरक्षकों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने का जिम्मा देगा। उन्हें स्वच्छता बनाए रखने और नसबंदी एवं टीकाकरण कार्यक्रमों में सहयोग करना होगा। विवाद की स्थिति में पशु कल्याण समिति निर्णय लेगी, जिसमें चिकित्सा अधिकारी, पुलिस प्रतिनिधि, आरडब्ल्यूए और पशु संगठनों के सदस्य शामिल होंगे। आदेश में कहा गया है कि महिला पशु-संरक्षकों समेत किसी को भी सामुदायिक कुत्तों को भोजन देने से रोकना दंडनीय अपराध होगा। रेबीज ग्रस्त या आक्रामक कुत्तों को प्रशिक्षित कर्मियों की ओर से अलग कर चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। इच्छुक नागरिक कुत्तों को गोद ले सकेंगे, लेकिन उन्हें बाद में छोड़ नहीं पाएंगे।
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मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. रोबिन चंद्रा ने कहा कि यह कदम जन-सुरक्षा, स्वच्छता और सह-अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। नगर निगम जल्द ही कार्य योजना बनाकर अनुपालन कराएगा।
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गोरखपुर। प्रमुख सचिव अमृत अभिजात के निर्देश पर नगर निगम सभी 80 वार्डों में निराश्रित (सामुदायिक) कुत्तों के लिए फीडिंग पॉइंट (भोजन स्थल) चिह्नित करेगा। इन निर्धारित स्थानों पर ही कुत्तों को भोजन दिया जाएगा। ताकि वे अपने क्षेत्र से बाहर न जाएं और मानव एवं पशुओं के बीच होने वाले टकराव से बचा जा सके।
नगर विकास विभाग ने चार सितंबर को सभी नगर निकायों को गाइडलाइन जारी की है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के 22 अगस्त के आदेश और पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियम-2023 के तहत तय प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। फीडिंग पॉइंट बच्चों के खेलने के स्थानों, सीढि़यों और मुख्य द्वारों से दूर बनाए जाएंगे। भोजन कराने का समय भी इस तरह तय होगा कि बच्चों और वृद्धों की आवाजाही प्रभावित न हो। प्रत्येक स्थान पर सूचना पट्ट लगाए जाएंगे और नागरिकों को केवल इन्हीं पॉइंट पर भोजन देने की अनुमति होगी।
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नगर निगम अधिकृत पशु-संरक्षकों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने का जिम्मा देगा। उन्हें स्वच्छता बनाए रखने और नसबंदी एवं टीकाकरण कार्यक्रमों में सहयोग करना होगा। विवाद की स्थिति में पशु कल्याण समिति निर्णय लेगी, जिसमें चिकित्सा अधिकारी, पुलिस प्रतिनिधि, आरडब्ल्यूए और पशु संगठनों के सदस्य शामिल होंगे। आदेश में कहा गया है कि महिला पशु-संरक्षकों समेत किसी को भी सामुदायिक कुत्तों को भोजन देने से रोकना दंडनीय अपराध होगा। रेबीज ग्रस्त या आक्रामक कुत्तों को प्रशिक्षित कर्मियों की ओर से अलग कर चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। इच्छुक नागरिक कुत्तों को गोद ले सकेंगे, लेकिन उन्हें बाद में छोड़ नहीं पाएंगे।
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मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. रोबिन चंद्रा ने कहा कि यह कदम जन-सुरक्षा, स्वच्छता और सह-अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। नगर निगम जल्द ही कार्य योजना बनाकर अनुपालन कराएगा।