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Gorakhpur News: धनतेरस 18 और 20 को मनाई जाएगी दिवाली
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19 को नरक चतुर्दशी, 22 को गोवर्धन पूजा व 23 को भैयादूज व चित्रगुप्त जयंती
गोरखपुर। दिवाली का महापर्व 18 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। इस बार दिवाली व कमला जयंती 20 अक्तूबर सोमवार को मनाई जाएगी। गणेश की पूजा-अर्चना के बाद दीयों व इलेक्ट्रानिक झालर की रोशनी से घर व प्रतिष्ठान के साथ पूरा शहर जगमग होगा। पटाखे की गूंज देर रात तक सुनने को मिलेगी।
गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि 18 अक्तूबर को धनतेरस होगा। इसमें लोग सोने, चांदी के आभूषण व बर्तनों सहित अन्य सामान की खरीदारी करेंगे। शाम को धनवंतरि की पूजा होगा। धनवंतरि आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं। धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर की पूजा होती है। इस दिन धातु के बर्तनों को खरीदना समृद्धिदायक माना जाता है। यह पर्व घर में सुख समृद्धि के लिए मनाया जाता है। 19 अक्तूबर को नरक चतुर्दशी व छोटी दिवाली होगी। 20 को दिवाली धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन चतुर्दशी दोपहर 2 बजकर 32 मिनट तक है। इसके बाद अमावस्या तिथि है। इस दिन प्रदोष काल और अद्धरात्रि में अमावस्या होने से दिवाली इसी दिन मनाई जाएगी।
दूसरे दिन मंगलवार को अमावस्या सायंकाल 4 बजकर 26 मिनट तक है, लेकिन प्रदोष काल में अमावस्या नहीं है इसलिए दिवाली 20 अक्तूबर को होगा। वहीं पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, 21 अक्तूबर मंगलवार को स्नान दान की अमावस्या होगी। 22 को अन्नकूट और गोवर्धन पूजा होगी। 23 को भैया दूज और चित्रगुप्त जयंती मनाई जाएगी।
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गोरखपुर। दिवाली का महापर्व 18 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। इस बार दिवाली व कमला जयंती 20 अक्तूबर सोमवार को मनाई जाएगी। गणेश की पूजा-अर्चना के बाद दीयों व इलेक्ट्रानिक झालर की रोशनी से घर व प्रतिष्ठान के साथ पूरा शहर जगमग होगा। पटाखे की गूंज देर रात तक सुनने को मिलेगी।
गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि 18 अक्तूबर को धनतेरस होगा। इसमें लोग सोने, चांदी के आभूषण व बर्तनों सहित अन्य सामान की खरीदारी करेंगे। शाम को धनवंतरि की पूजा होगा। धनवंतरि आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं। धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर की पूजा होती है। इस दिन धातु के बर्तनों को खरीदना समृद्धिदायक माना जाता है। यह पर्व घर में सुख समृद्धि के लिए मनाया जाता है। 19 अक्तूबर को नरक चतुर्दशी व छोटी दिवाली होगी। 20 को दिवाली धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन चतुर्दशी दोपहर 2 बजकर 32 मिनट तक है। इसके बाद अमावस्या तिथि है। इस दिन प्रदोष काल और अद्धरात्रि में अमावस्या होने से दिवाली इसी दिन मनाई जाएगी।
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दूसरे दिन मंगलवार को अमावस्या सायंकाल 4 बजकर 26 मिनट तक है, लेकिन प्रदोष काल में अमावस्या नहीं है इसलिए दिवाली 20 अक्तूबर को होगा। वहीं पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, 21 अक्तूबर मंगलवार को स्नान दान की अमावस्या होगी। 22 को अन्नकूट और गोवर्धन पूजा होगी। 23 को भैया दूज और चित्रगुप्त जयंती मनाई जाएगी।
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