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Gorakhpur News: कौवे फैला रहे बर्ड फ्लू...शहर के लिए भी बढ़ा खतरा

Sat, 24 May 2025 12:43 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 24 May 2025 12:43 AM IST
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Gorakhpur News: Crows are spreading bird flu...danger increases for the city as well
चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू संक्रमण कौओं और प्रवासी पक्षियों से फैल रहा
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गोरखपुर। चिड़ियाघर में कौओं की मौत भी बर्ड फ्लू से ही हो रही थी। राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान, भोपाल से आई रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। तीन कौओं की रिपोर्ट में एच 5 एवियन इंफ्लुएंजा वायरस मिला है। कौओं में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पूरे शहर के लिए खतरा बढ़ गया है। चिड़ियाघर में इससे बचाव के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में बाघिन शक्ति की मौत बर्ड फ्लू से हुई थी। इसके बाद परिसर और वेटलैंड में कई कौए मरे मिले थे। बाघिन शक्ति की मौत के बाद वन्यजीवों की हेल्थ ऑडिट के लिए आई इंडियन वेटनेरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई), बरेली की टीम ने कौओं और प्रवासी पक्षियों की संख्या देख चिंता जताई थी।
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टीम के सदस्यों ने कहा था कि संक्रमण के कारण कौआ और पक्षी भी हो सकते हैं। अब रिपोर्ट से इसकी पुष्टि भी हो गई है। चिड़ियाघर प्रशासन का मानना है कि यहां के वेटलैंड में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। यही संक्रमण लेकर आए होंगे। इनसे यह वायरस कौओं में फैला और फिर उसके बाद वन्यजीवों तक पहुंचा। कौओं को नियंत्रित नहीं किया जा सकता, ऐसे में यह संक्रमण पूरे शहर में भी फैल सकता है।
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क्रॉल पर लगाई जाएगी जाली
कौओं में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने दूसरे वन्यजीवों को बचाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। अभी जानवरों को नाइटसेल और क्रॉल में रखा जा रहा है। नाइटसेल तक पक्षी नहीं पहुंच सकते। लेकिन, क्रॉल में उनसे संक्रमण फैलने का डर है। इसे देखते हुए चिड़ियाघर प्रशासन क्रॉल के ऊपर जाली लगवाने की तैयारी कर रहा है, ताकि कौए और पक्षी यदि बीट (पक्षियों का मल) करें तो वह नीचे न पहुंचे। वहीं, बाड़ों को सैनिटाइज भी किया जा रहा है।
छत पर न रखें खाद्य पदार्थ
चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू कौओं और पक्षियों से फैला है। शहरवासियों को इससे बचने के लिए उपाय करने होंगे। चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्राणि उद्यान के आसपास रह रहे नागरिकों को थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है। वह छत पर कोई खाद्य पदार्थ न रखें। कौवे या पक्षी उसे जूठा कर या बीट कर संक्रमण फैला सकते हैं। प्राणि उद्यान में कौओं और प्रवासी पक्षियों से ही संक्रमण फैल रहा है।
चार जानवरों की हो चुकी है मौत
चिड़ियाघर में डेढ़ माह के अंदर चार बड़े जानवरों की मौत हो चुकी है। 30 मार्च को पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ केसरी की मौत सबसे पहले हुई थी। इसके बाद पांच मई को मादा भेड़िया भैरवी, सात को बाघिन शक्ति और आठ मई को तेंदुआ मोना की मौत हुई थी। बाघिन शक्ति की मौत की वजह बर्ड फ्लू सामने आई है। इसके बाद से ही पूरे प्रदेश में 27 मई तक चिड़ियाघर बंद हैं। कौओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अभी चिड़ियाघर आगे भी बंद रह सकता है।

आईवीआरआई भेजे गए 563 पक्षियों के नमूने
गोरखपुर। चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पशुपालन विभाग भी पोल्ट्री फार्मों से पक्षियों के नमूने ले रहा है। विभाग ने अभी तक 563 नमूने जांच के लिए इंडियन वेटनेरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई), बरेली भेजे हैं। इनमें से 169 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, बाकी सैंपल की रिपोर्ट का अभी इंतजार है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धमेंद्र पांडेय ने बताया कि दो चरणों में 563 नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। 169 की रिपोर्ट निगेटिव है। इसके अलावा भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है। पोल्ट्री फार्म संचालकों से सुरक्षा के उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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